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नई करेंसी आने से भी भीड़ कम नहीं

Thu, 17 Nov 2016 11:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद Updated Thu, 17 Nov 2016 11:30 PM IST
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Less crowded than the new currency
विजया बैंक के बाहर लगी महिलाओं व पुरुषों की कतार। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विजया बैंक के बाहर महिलाओं और पुरुषों की लाइन लगी है। बैंक का चैनल अंदर से बंद है। अंदर भी भीड़ होने के चलते पुलिस एक-एक कर ग्राहकों को अंदर भेज रही है। लाइन में खड़े ग्राहकों का कहना है कि कैश नहीं दिया जा रहा है। सिर्फ रुपये जमा हो रहे हैं। शाखा प्रबंधक जयवर्द्घन ने बताया कि कैश खत्म हो गया है। सिर्फ नोट जमा किए जा रहे हैं। कैश आने पर नोट बदले जाएंगे।
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इलाहाबाद बैंक के गार्ड ने चैनल पर ताला लगा रखा है। बैंक के अंदर महिला और पुरुषों की कैश निकालने व जमा करने वाले काउंटर पर भीड़ लगी है। जब पांच-छह ग्राहकों का काम निपटता तो गार्ड ताला खोलकर उन्हें बाहर निकालता। इस दौरान शाखा प्रबंधक महेशबाबू रिक्शे से तीन बोरों में रेजगारी भरकर बैंक लेकर आए। शाखा प्रबंधक ने बताया कि छोटे नोट खत्म होने पर स्टेट बैंक से 10 के सिक्के लेकर आए हैं। इन सिक्कों को ग्राहकों को दिया जाएगा। नोट एक्सचेंज व जमा करने के साथ ही खातों में जमा धन का भुगतान भी किया जा रहा है।
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महाराष्ट्र बैंक में महिला व पुरुष लाइन लगाकर पैसे जमा और निकालने के अलावा नोट बदलने के लिए लाइन में लगे है। यहां सिर्फ एक ही काउंटर होने के चलते ग्राहकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा। ग्राहकों का कहना था कि एक ही काउंटर पर तीनों काम होने से परेशानी हो रही है।
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 महादेवी वर्मा मूर्ति रेलवे रोड के पास स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम के बाहर रुपये निकालने के लिए ग्राहकों की लाइन लगी है। एटीएम गार्ड एक-एक करके ग्राहकों को अंदर बुला रहे है। रुपये निकालने आए अवधेश कुमार ने बताया कि करीब दो घंटे से लाइन में लगे हैं। अभी तक उनका नंबर नहीं आया है। यही हाल अधिकतर एटीएमों के बाहर है। लोग एटीएम के बाहर लाइन लगाए खड़े है।


फर्रुखाबाद। 500 व 1000 नोट चलन से बंद होने के बाद करीब 10 दिन से जिले की बैंकों के बाहर महिला और पुरुष ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। लेकिन अधिकतर बैंकों में महिला पुलिसबल की तैनाती आज तक नहीं की गई है। इसके चलते महिला ग्राहकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।


8 नवंबर को 500 व 1000 के नोट बंद होने के बाद 9 नवंबर से जिले की करीब आधा सैकड़ा से ज्यादा प्राइवेट व सरकारी बैंकों में नोट बदलने और जमा करने के लिए महिला और पुरुष ग्राहकों की भीड़ लगने लगी। भीड़ के चलते बैंकों में महिला व पुरुष पुलिसबल तो लगाया गया लेकिन अधिकतर बैंकों में आज तक महिला पुलिसबल की तैनाती नहीं की गई।


इसके चलते लाइन में लगने वाली महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को शहर क्षेत्र में स्थित विजया बैंक, महाराष्ट्र, इलाहाबाद, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी, सिंडीकेंट और इंडियन ओवरसीज बैंक में महिलाओं की लंबी-लंबी कतारें तो लगी थीं लेकिन कहीं भी महिला पुलिसबल की तैनाती नहीं थी। विजय बैंक के बाहर लाइन में खड़ीं सरोज देवी, मीना देवी और राजबेटी आदि महिलाओं का कहना था कि महिला पुलिसबल न लगे होने से दिक्कत होती है।
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