फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Killed Subhash and rescued children, wife also died

सुभाष को मारकर बच्चों को कराया मुक्त, पत्नी ने भी तोड़ा दम

Fri, 31 Jan 2020 10:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jan 2020 10:51 PM IST
विज्ञापन
Killed Subhash and rescued children, wife also died
फर्रुखाबाद के गांव करथिया में बंधक बनाए गए बच्चों को मुक्त कराने के बाद बाहर निकालते आईजी मोहित अ - फोटो : FARRUKHABAD
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव करथिया में पुत्री के जन्मदिन के बहाने शातिर सुभाष ने 25 बच्चों को गुरुवार को घर में बंधक बना लिया था। पुलिस ने नौ घंटे की कड़ी मशक्कत कर सुभाष को रात एक बजे मार गिराया और बच्चों को 11 घंटे बाद मुक्त करा लिया। पुलिस ने सुभाष की पुत्री को कब्जे में लिया तो गांव के लोगों ने उसकी पत्नी रूबी को पीट-पीट कर अधमरा कर दिया। सैफई ले जाते समय उसने भी दम तोड़ दिया। अपने बच्चों को सुरक्षित देखकर उनके माता-पिता व परिवार वालों की जान में जान आई।
विज्ञापन

गांव करथिया में सुभाष बाथम (42), उसकी पत्नी रूबी(25) व पुत्री गौरी(4) रहते थे। गुरुवार को सुभाष ने पुत्री के जन्मदिन के बहाने गांव के 25 बच्चों को दोपहर करीब दो बजे घर बुलाकर बंधक बना लिया था। बच्चों के घर न लौटने पर उनके परिजन सुभाष के घर गए और बच्चों को भेजने को कहा।
विज्ञापन

इस पर सुभाष ने बच्चों को छोड़ने से मना कर दिया। तब ग्रामीणों की सूचना पर यूपी 112 पुलिस शाम करीब चार बजे गांव पहुंची। घटना से अधिकारियों को अवगत कराया। साढ़े चार बजे कोतवाल पुलिस बल के साथ गांव गए और बच्चों को छोड़ने का सुभाष पर दबाव बनाया। गुस्साए सुभाष ने फायरिंग के साथ हथगोला भी चला दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

मामला गंभीर होने पर देर शाम एसपी, एएसपी, सीओ, चार थानों की फोर्स के साथ पहुंच गए। इसके बाद डीएम व अन्य प्रशासनिक अधिकारी गांव पहुंचे और बच्चों को मुक्त कराने की भरसक कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। घटना का संज्ञान मुख्यमंत्री और डीजीपी ने भी लिया। तब लखनऊ से एटीएस को रवाना किया गया।
उधर, दोस्तों के कहने पर सुभाष ने छह माह की शबनम को टिन शेड से उसकी मां को सौंप दिया। अन्य बच्चों को बंधक बनाए रखा। आईजी मोहित अग्रवाल देर रात करथिया गांव पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने रणनीति बनाकर कार्रवाई शुरू की। इस कार्रवाई में रात एक बजे पुलिस ने सुभाष को मार गिराया और बच्चों को मुक्त करा लिया।
पुलिस ने सुभाष की पुत्री गौरी को कब्जे में ले लिया। इसके बाद गांव की गुस्साई भीड़ ने सुभाष की पत्नी रूबी को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। पुलिस ने किसी तरह से ग्रामीणों को हटा कर घायल रूबी को सीएचसी भेजा। हालत गंभीर होने पर उसे लोहिया रेफर कर दिया गया। लोहिया अस्पताल से सैफई ले जाते समय शुक्रवार सुबह रूबी ने दम तोड़ दिया। बच्चों के मुक्त होने के बाद उनके माता-पिता और परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली।

25 बच्चों को बंधक बनाने वाला सुभाष पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है। पुलिस के पांच जवान घायल हुए हैं। इसमें मोहम्मदाबाद कोतवाल राकेश कुमार भी हैं। गांव का युवक बालू दुबे भी गोली लगने से घायल हुआ है। सभी बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया। सुभाष ने योजना के तहत घटना को अंजाम दिया है। वह शातिर अपराधी था। पत्नी रूबी ने भी पति का सहयोग किया। रूबी की मौत कैसे हुई है, यह पोस्टमार्टम में स्पष्ट होगा। -मोहित अग्रवाल आईजी जोन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed