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कांशीराम आवासों पर बढ़े अवैध कब्जे
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कायमगंज। कांशीराम कॉलोनी में मरम्मत के बाद अवैध कब्जे शुरू हो गए हैं। पिछले दिनों आवासों के आवंटन के लिए कहा गया, लेकिन अभी तक प्रशासनिक स्तर पर इस दिशा में कोई कार्यवाही नहीं की गई। कॉलोनी में पहले ही कई लोग अवैध रूप से रह रहे हैं। हाल में यहां के आठ-दस और आवासों पर भी कब्जे हो गए हैं।
2011 में बसपा शासन में चीनी मिल रोड पर गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए बनी कांशीराम कालोनी वर्षों तक अधूरे कामों की वजह से वीरान पड़ी रही। पिछले वर्ष तत्कालीन एसडीएम अमित आसेरी ने इसमें अधूरे कार्य करा दिए। जब आवंटन की नौबत आई तो उनका ट्रांसफर हो गया। इससे आवंटन प्रक्रिया फिर लटक गई। मरम्मत के बाद कुछ लोगों ने अवैध कब्जे कर लिए।
जून में एक बार फिर आवासों के आवंटन का मुद्दा जोर पकड़ा। डूडा के अधिकारियों ने बताया था कि तीन जुलाई तक सभी आवासों का आवंटन हो जाएगा। लेकिन तब से मामला ठंडे बस्ते में ही है। मौजूदा समय कालोनी के 20 आवासों में लोग अवैध रूप से काबिज हैं।
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उधर, मामले में नगरपालिका के अधिकारियों का कहना है कॉलोनी उन्हें हैंडओवर नहीं की गई है, इसलिए इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उनकी नहीं है।
पिछले दिनों कोतवाली से यहां रहने वाले लोगों की तस्दीक के लिए एसडीएम को पत्र भेजा गया। लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया। पीओ डूडा जय विजय सिंह ने बताया कि डीएम मानवेंद्र सिंह से आवासों के आवंटन के संबंध में बात हुई है। दो तीन दिन में तारीख मिलने के बाद लॉटरी से आवास आवंटित किए जाएंगे। जो भी अवैध कब्जेदार वहां रह रहे हैं, उनसे पुलिस व प्रशासन की मदद से आवास खाली कराए जाएंगे।
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2011 में बसपा शासन में चीनी मिल रोड पर गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए बनी कांशीराम कालोनी वर्षों तक अधूरे कामों की वजह से वीरान पड़ी रही। पिछले वर्ष तत्कालीन एसडीएम अमित आसेरी ने इसमें अधूरे कार्य करा दिए। जब आवंटन की नौबत आई तो उनका ट्रांसफर हो गया। इससे आवंटन प्रक्रिया फिर लटक गई। मरम्मत के बाद कुछ लोगों ने अवैध कब्जे कर लिए।
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जून में एक बार फिर आवासों के आवंटन का मुद्दा जोर पकड़ा। डूडा के अधिकारियों ने बताया था कि तीन जुलाई तक सभी आवासों का आवंटन हो जाएगा। लेकिन तब से मामला ठंडे बस्ते में ही है। मौजूदा समय कालोनी के 20 आवासों में लोग अवैध रूप से काबिज हैं।
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उधर, मामले में नगरपालिका के अधिकारियों का कहना है कॉलोनी उन्हें हैंडओवर नहीं की गई है, इसलिए इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उनकी नहीं है।
पिछले दिनों कोतवाली से यहां रहने वाले लोगों की तस्दीक के लिए एसडीएम को पत्र भेजा गया। लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया। पीओ डूडा जय विजय सिंह ने बताया कि डीएम मानवेंद्र सिंह से आवासों के आवंटन के संबंध में बात हुई है। दो तीन दिन में तारीख मिलने के बाद लॉटरी से आवास आवंटित किए जाएंगे। जो भी अवैध कब्जेदार वहां रह रहे हैं, उनसे पुलिस व प्रशासन की मदद से आवास खाली कराए जाएंगे।