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अधूरे काम का किया पूरा भुगतान, पुरानी ईंटों से बना दी गई बाउंड्री
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फर्रुखाबाद। कायमगंज की ग्राम पंचायत जौरा में विकास कार्यों की जांच हुई तो भ्रष्टाचार की पोल खुल गई। इंटरलाकिंग का काम अधूरा होने पर भी पूरा भुगतान करने, पुरानी ईंटों से बाउंड्री बनवाने, स्कूल में खड़ा गूलर का पेड़ बिना अनुमति काटने समेत कई शिकायतें सही पाई गईं। जांच कमेटी ने रिकवरी कराने की संस्तुति की है।
ग्राम पंचायत जौरा निवासी हृदेश दुबे आदि ने प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के एमडीएम व विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। इस पर पूर्व में अधिकारियों ने पत्रावलियां उपलब्ध न होने की बात कहकर जांच ठंडे बस्ते में डाल दी थी। इसके साथ ही झूठी शिकायत करने के आरोप में शिकायतकर्ता को ही थाने में कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। कुछ अधिकारियों के स्थानांतरण के बाद हृदेश दुबे ने छह दिसंबर 2021 को फिर डीएम से शिकायत की।
इस पर जिला कृषि अधिकारी डॉ. राकेश कुमार, डीपीओ अनिल चंद्र व अधिशासी अभियंता जलनिगम सुनील कुमार तिवारी की कमेटी ने सात मई को गांव पहुंचकर जांच की।
इंटरलॉकिंग के कम कार्य में अधिक भुगतान, प्राथमिक विद्यालय में बिना अनुमति गूलर का पेड़ काटने, पुरानी ईंट से बाउंड्रीवाल बनवाने, एमडीएम में दूध व फल का फर्जी तरीके से वितरण दिखाने, सीसी रोड की गुणवत्ता खराब होने, सात वर्ष पूर्व मृत मनरेगा श्रमिक के नाम से भुगतान करने, छाया गृह कार्य अधूरा मिलने व हृदेश दुबे के शौचालय का निर्माण न होने की पुष्टि हुई।
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कमेटी ने जांच रिपोर्ट में अलग-अलग कार्यों के हिसाब से रिकवरी की भी संस्तुति की है। डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट देखकर जल्द ही जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
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ग्राम पंचायत जौरा निवासी हृदेश दुबे आदि ने प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के एमडीएम व विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। इस पर पूर्व में अधिकारियों ने पत्रावलियां उपलब्ध न होने की बात कहकर जांच ठंडे बस्ते में डाल दी थी। इसके साथ ही झूठी शिकायत करने के आरोप में शिकायतकर्ता को ही थाने में कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। कुछ अधिकारियों के स्थानांतरण के बाद हृदेश दुबे ने छह दिसंबर 2021 को फिर डीएम से शिकायत की।
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इस पर जिला कृषि अधिकारी डॉ. राकेश कुमार, डीपीओ अनिल चंद्र व अधिशासी अभियंता जलनिगम सुनील कुमार तिवारी की कमेटी ने सात मई को गांव पहुंचकर जांच की।
इंटरलॉकिंग के कम कार्य में अधिक भुगतान, प्राथमिक विद्यालय में बिना अनुमति गूलर का पेड़ काटने, पुरानी ईंट से बाउंड्रीवाल बनवाने, एमडीएम में दूध व फल का फर्जी तरीके से वितरण दिखाने, सीसी रोड की गुणवत्ता खराब होने, सात वर्ष पूर्व मृत मनरेगा श्रमिक के नाम से भुगतान करने, छाया गृह कार्य अधूरा मिलने व हृदेश दुबे के शौचालय का निर्माण न होने की पुष्टि हुई।
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कमेटी ने जांच रिपोर्ट में अलग-अलग कार्यों के हिसाब से रिकवरी की भी संस्तुति की है। डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट देखकर जल्द ही जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।