{"_id":"6197ebdcf591c929c8484489","slug":"janch-farrukhabad-news-knp664965424","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंदी की मौत मामले की जांच अटकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंदी की मौत मामले की जांच अटकी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद। बंदी के शव से बरामद बुलेट को अभी तक बैलेस्टिक जांच के लिए नहीं भेजा गया है। जांच कर रहे सीओ कायमगंज ने भी मुकदमे से संबंधित जानकारी देने से इनकार किया है।
जिला जेल में सात नवंबर को आगजनी व पथराव की सूचना पर पहुंची पुलिस की बंदियों से झड़प हुई थी। इस दौरान चोरी के मामले में निरुद्ध बंदी शिवम की गोली लगने से मौत हो गई थी।
पोस्टमार्टम में शिवम के शव से पौन इंच की पीतल की बुलेट बरामद हुई थी। जेलर अखिलेश कुुमार ने 27 बंदियों सहित अन्य के खिलाफ डकैती सहित 17 गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन
सीओ सिटी प्रदीप कुमार सिंह ने भी 11 नवंबर को बंदियों के खिलाफ हमराह सिपाही नागेंद्र पर जानलेवा हमला कर स्वचलित हथियार को बंदियों के छीनने के प्रयास में फायरिंग होने का मुकदमा दर्ज कराया था। कोतवाल फतेहगढ़ ने जेल में मिले तमंचा कारतूस व कारतूस के खोखे बरामद होने का मुकदमा दर्ज कराया था।
तीनों मुकदमों की जांच सीओ सोहराब आलम को दी गई है। विवेचक सीओ सोहराब आलम ने घटना का डेमो कराकर देखा और कई बिंदुओं पर छानबीन की थी, लेकिन अभी तक शव से बरामद बुलेट को बैलेस्टिक जांच के लिए नहीं भेजा है। विवेचक सीओ कायमगंज ने जेल में बंदी की मौत व बवाल के मुकदमों के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। कोतवाल जय प्रकाश पाल ने बताया कि सीओ कायमगंज मुकदमों की जांच कर रहे हैं। जब आदेश देंगे तो बुलेट जांच के लिए भेजी जाएगी।
विज्ञापन
जिला जेल में सात नवंबर को आगजनी व पथराव की सूचना पर पहुंची पुलिस की बंदियों से झड़प हुई थी। इस दौरान चोरी के मामले में निरुद्ध बंदी शिवम की गोली लगने से मौत हो गई थी।
विज्ञापन
पोस्टमार्टम में शिवम के शव से पौन इंच की पीतल की बुलेट बरामद हुई थी। जेलर अखिलेश कुुमार ने 27 बंदियों सहित अन्य के खिलाफ डकैती सहित 17 गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन
सीओ सिटी प्रदीप कुमार सिंह ने भी 11 नवंबर को बंदियों के खिलाफ हमराह सिपाही नागेंद्र पर जानलेवा हमला कर स्वचलित हथियार को बंदियों के छीनने के प्रयास में फायरिंग होने का मुकदमा दर्ज कराया था। कोतवाल फतेहगढ़ ने जेल में मिले तमंचा कारतूस व कारतूस के खोखे बरामद होने का मुकदमा दर्ज कराया था।
तीनों मुकदमों की जांच सीओ सोहराब आलम को दी गई है। विवेचक सीओ सोहराब आलम ने घटना का डेमो कराकर देखा और कई बिंदुओं पर छानबीन की थी, लेकिन अभी तक शव से बरामद बुलेट को बैलेस्टिक जांच के लिए नहीं भेजा है। विवेचक सीओ कायमगंज ने जेल में बंदी की मौत व बवाल के मुकदमों के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। कोतवाल जय प्रकाश पाल ने बताया कि सीओ कायमगंज मुकदमों की जांच कर रहे हैं। जब आदेश देंगे तो बुलेट जांच के लिए भेजी जाएगी।