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आरोग्य मेला: कहीं जांच नहीं तो कहीं दवा का स्टाक समाप्त
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फर्रुखाबाद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर रविवार को लगे आरोग्य मेलों में खुजली, जुकाम व बुखार के मरीजों की संख्या अधिक रही। कुछ अस्पतालों में जांच नहीं हुई तो कुछ जगह मरीजों को खुजली के ट्यूब व आंखों की दवाएं (आईड्रॉप) नहीं मिलीं। इससे मरीजों को निराश लौटना पड़ा। मेला में कैंप लगाकर कोरोना से बचाव के लिए बूस्टर डोज भी लगाई गई।
ग्रामीण क्षेत्र के 28 व शहर के चार पीएचसी पर मेला लगा। नगरीय पीएचसी भोलेपुर में डॉ. श्वेता सिंह ने मरीज देखे। कुल 16 मरीजों में सर्वाधिक बुखार से पीड़ित थे। एलटी विनय कुमार ने 13 मरीजों की एंटीजन किट से कोरोना जांच की। 70 लोगों को बूस्टर डोज लगाई गई।
गांव रमन्ना गुलजार बाग पीएचसी पर 140 मरीज आए। इसमें सर्वाधिक खुजली, जुकाम, बुखार व खांसी के थे। डॉ. ऋषिनाथ गुप्ता व फार्मासिस्ट संजीव शाक्य ने उपचार किया। लैब टेक्नीशियन (एलटी) न होने से किसी मरीज की जांच नहीं हो सकी। बूस्टर डोज भी नहीं लगाई गई। यहां दर्द व खुजली के ट्यूब का स्टॉक समाप्त होने से मरीजों को निराश लौटना पड़ा।
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मोहम्मदाबाद क्षेत्र की पीएचसी खिमसेपुर में डॉ. सौरभ कटियार ने कुल 23 मरीजों को देखा। यहां भी खुजली, बुखार के सर्वाधिक मरीज आए। यहां भी खुजली के ट्यूब व आंखों के ड्रॉप का स्टॉक खत्म हो गया। एलटी तैनात न होने से जांच नहीं हुई।
खुजली की बीमारी बढ़ी
शमसाबाद। क्षेत्र के पीएचसी फैजबाग में डॉ. कल्पना कटियार ने कुल 60 मरीज देखे। एलटी लोकेंद्र ने 17 मरीजों की जांच की तो फार्मासिस्ट वीरेंद्र राजपूत ने दवाई दी। मात्र 19 लोगों को ही बूस्टर डोज लगाई गई। पीएचसी चिलसरा में डॉ. निर्दोष कुमार व एलटी दुबेश कुमार 11:10 बजे अस्पताल पहुंचे। इससे मरीजों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। कुल 48 मरीजों में सर्वाधिक बुखार व एलर्जी से पीड़ित थे। 10 मरीजों की जांच की गई। फार्मसिस्ट नरेंद्र सिंह, एएनएम अंजू शर्मा आदि मौजूद रहे। (संवाद)
एलटी न होने से हुई परेशानी
नवाबगंज। पीएचसी अचरा खलवारा में डॉ. जसवीर सिंह व डॉ. वंदना ने 52 मरीज देखे। अधिकांश मरीज खुजली, जुकाम, बुखार के थे। एलटी न होने से सीएचओ शेर सिंह ने 12 मरीजों की किट से मलेरिया की जांच की। 160 लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया। (संवाद)
बुखार, मलेरिया व टाइफाइड के भी मरीज मिले
अमृतपुर। पीएचसी पर सुबह ही मरीजों की भीड़ हो गई। डॉ. गौरव वर्मा, डॉ. रजत कटियार ने कुल 162 मरीज देखे। इनमें करीब 100 महिला, पुरुष के अलावा 31 बच्चे बुखार से पीड़ित थे। एलटी पवन कुमार ने 22 मरीजों की शुगर की जांच की। इसमें 16 की शुगर बढ़ी हुई थी। मलेरिया की 15 जांचों में दो मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव, टाइफाइड की 10 जांच में एक की पॉजिटिव रिपोर्ट आई। टीबी के नौ मरीजों की जांच हुई। फार्मासिस्ट ज्ञान पाल ने दवाई वितरित की। (संवाद)
पीएचसी में कीचड़, सड़क किनारे लगा आरोग्य मेला
राजेपुर। पीएचसी सबलपुर में बाढ़ का पानी उतरने के बाद कीचड़ भरा होने से सड़क किनारे आरोग्य मेला लगा। डॉ. अनुराग कुशवाहा, फार्मासिस्ट प्रभाकर अग्निहोत्री ने 71 मरीज देखकर उन्हें दवा दी। सर्वाधिक मरीज बुखार, जुकाम और खुजली के ही आए। डॉ. अनुराग ने बताया कि बाढ़ कम होने के बाद अब क्षेत्र में बीमारी फैल रही है। प्रतिदिन ओपीडी में 60 से 70 मरीज आते हैं। (संवाद)
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ग्रामीण क्षेत्र के 28 व शहर के चार पीएचसी पर मेला लगा। नगरीय पीएचसी भोलेपुर में डॉ. श्वेता सिंह ने मरीज देखे। कुल 16 मरीजों में सर्वाधिक बुखार से पीड़ित थे। एलटी विनय कुमार ने 13 मरीजों की एंटीजन किट से कोरोना जांच की। 70 लोगों को बूस्टर डोज लगाई गई।
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गांव रमन्ना गुलजार बाग पीएचसी पर 140 मरीज आए। इसमें सर्वाधिक खुजली, जुकाम, बुखार व खांसी के थे। डॉ. ऋषिनाथ गुप्ता व फार्मासिस्ट संजीव शाक्य ने उपचार किया। लैब टेक्नीशियन (एलटी) न होने से किसी मरीज की जांच नहीं हो सकी। बूस्टर डोज भी नहीं लगाई गई। यहां दर्द व खुजली के ट्यूब का स्टॉक समाप्त होने से मरीजों को निराश लौटना पड़ा।
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मोहम्मदाबाद क्षेत्र की पीएचसी खिमसेपुर में डॉ. सौरभ कटियार ने कुल 23 मरीजों को देखा। यहां भी खुजली, बुखार के सर्वाधिक मरीज आए। यहां भी खुजली के ट्यूब व आंखों के ड्रॉप का स्टॉक खत्म हो गया। एलटी तैनात न होने से जांच नहीं हुई।
खुजली की बीमारी बढ़ी
शमसाबाद। क्षेत्र के पीएचसी फैजबाग में डॉ. कल्पना कटियार ने कुल 60 मरीज देखे। एलटी लोकेंद्र ने 17 मरीजों की जांच की तो फार्मासिस्ट वीरेंद्र राजपूत ने दवाई दी। मात्र 19 लोगों को ही बूस्टर डोज लगाई गई। पीएचसी चिलसरा में डॉ. निर्दोष कुमार व एलटी दुबेश कुमार 11:10 बजे अस्पताल पहुंचे। इससे मरीजों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। कुल 48 मरीजों में सर्वाधिक बुखार व एलर्जी से पीड़ित थे। 10 मरीजों की जांच की गई। फार्मसिस्ट नरेंद्र सिंह, एएनएम अंजू शर्मा आदि मौजूद रहे। (संवाद)
एलटी न होने से हुई परेशानी
नवाबगंज। पीएचसी अचरा खलवारा में डॉ. जसवीर सिंह व डॉ. वंदना ने 52 मरीज देखे। अधिकांश मरीज खुजली, जुकाम, बुखार के थे। एलटी न होने से सीएचओ शेर सिंह ने 12 मरीजों की किट से मलेरिया की जांच की। 160 लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया। (संवाद)
बुखार, मलेरिया व टाइफाइड के भी मरीज मिले
अमृतपुर। पीएचसी पर सुबह ही मरीजों की भीड़ हो गई। डॉ. गौरव वर्मा, डॉ. रजत कटियार ने कुल 162 मरीज देखे। इनमें करीब 100 महिला, पुरुष के अलावा 31 बच्चे बुखार से पीड़ित थे। एलटी पवन कुमार ने 22 मरीजों की शुगर की जांच की। इसमें 16 की शुगर बढ़ी हुई थी। मलेरिया की 15 जांचों में दो मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव, टाइफाइड की 10 जांच में एक की पॉजिटिव रिपोर्ट आई। टीबी के नौ मरीजों की जांच हुई। फार्मासिस्ट ज्ञान पाल ने दवाई वितरित की। (संवाद)
पीएचसी में कीचड़, सड़क किनारे लगा आरोग्य मेला
राजेपुर। पीएचसी सबलपुर में बाढ़ का पानी उतरने के बाद कीचड़ भरा होने से सड़क किनारे आरोग्य मेला लगा। डॉ. अनुराग कुशवाहा, फार्मासिस्ट प्रभाकर अग्निहोत्री ने 71 मरीज देखकर उन्हें दवा दी। सर्वाधिक मरीज बुखार, जुकाम और खुजली के ही आए। डॉ. अनुराग ने बताया कि बाढ़ कम होने के बाद अब क्षेत्र में बीमारी फैल रही है। प्रतिदिन ओपीडी में 60 से 70 मरीज आते हैं। (संवाद)