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Farrukhabad News: आईएमए के डॉक्टर चलवा रहे झोलाछापों के नर्सिंगहोम
Wed, 28 Jun 2023 12:38 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Wed, 28 Jun 2023 12:38 AM IST
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फर्रुखाबाद। जिले में आईएमए के डॉक्टर ही झोलाछापों की सेवा कर अवैध नर्सिंगहोम चलवा रहे हैं। एक डॉक्टर कई नर्सिंगहोम में ऑपरेशन करने के बाद मरीज को झोलाछापों के भरोसे छोड़कर उनकी जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। न अवैध नर्सिंगहोम पर शिकंजा कस पा रहा है और न ही ऐसे आईएमए के डॉक्टरों पर। मरीज ठगे जा रहे हैं। वहीं, सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने बताया कि झोलाछापों पर शिकंजा कसा जा रहा है।
आईएमए के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ.एनके शर्मा ने यह आरोप लगाते हुएबताया कि सीएमओ कार्यालय की मिलीभगत से जिले में अवैध चिकित्सा का खेल चल रहा है। वह इसका विरोध करेंगे। उन्होंने सीएमओ पर सवाल उठाते हुए कहा कि गैर जनपद के डॉक्टरों के नाम से नर्सिंगहोम का पंजीकरण क्यों किया जाता है। प्रशासन भी इस पर गंभीर नहीं है। फिलहाल वह अपने स्तर से झोलाछापों के नर्सिंगहोम में सेवा देने वाले आईएमए के डॉक्टरों पर शिकंजा कसने का प्रयास करेंगे। बात न मानने वाले डॉक्टरों को एसोसिएशन के बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। जिले में 150 से अधिक पंजीकृत नर्सिंगहोम हैं, जबकि इससे अधिक नर्सिंगहोम बिना पंजीकरण के अवैध रूप से झोलाछाप चला रहे हैं। खास बात तो यह है कि झोलाछापों के कई ऐसे नर्सिंगहोम हैं, जहां आईएमए के डॉक्टर ऑनकॉल हाजिरी बजाने जाते हैं। वहां मरीजों को भर्ती किया जाता है। एक बार डॉक्टर के देखने के बाद इंजेक्शन लगाने से लेकर अन्य चिकित्सीय सेवाएं झोलाछाप ही दे रहे हैं।
किसी के पास प्रशिक्षित स्टाफ भी नहीं है। और तो और कई नर्सिंगहोम में आईएमए के सर्जन आपरेशन करने जाते हैं और अपनी फीस लेकर मरीज का जीवन झोलाछापों के भरोसे छोड़कर चले जाते हैं। फिलहाल चाहे झोलाछाप हो या आईएमए का डॉक्टर, सभी को अपनी कमाई से मतलब है। मरीज की जान की परवाह किसी को भी नहीं है। नर्सिंगहोम संचालक डॉक्टरों की लंबी सूची लगाकर मरीजों को गुमराह करते खेल कर रहे हैं। यह खेल स्वास्थ्य विभाग की शह पर चल रहा है।
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आईएमए के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ.एनके शर्मा ने यह आरोप लगाते हुएबताया कि सीएमओ कार्यालय की मिलीभगत से जिले में अवैध चिकित्सा का खेल चल रहा है। वह इसका विरोध करेंगे। उन्होंने सीएमओ पर सवाल उठाते हुए कहा कि गैर जनपद के डॉक्टरों के नाम से नर्सिंगहोम का पंजीकरण क्यों किया जाता है। प्रशासन भी इस पर गंभीर नहीं है। फिलहाल वह अपने स्तर से झोलाछापों के नर्सिंगहोम में सेवा देने वाले आईएमए के डॉक्टरों पर शिकंजा कसने का प्रयास करेंगे। बात न मानने वाले डॉक्टरों को एसोसिएशन के बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। जिले में 150 से अधिक पंजीकृत नर्सिंगहोम हैं, जबकि इससे अधिक नर्सिंगहोम बिना पंजीकरण के अवैध रूप से झोलाछाप चला रहे हैं। खास बात तो यह है कि झोलाछापों के कई ऐसे नर्सिंगहोम हैं, जहां आईएमए के डॉक्टर ऑनकॉल हाजिरी बजाने जाते हैं। वहां मरीजों को भर्ती किया जाता है। एक बार डॉक्टर के देखने के बाद इंजेक्शन लगाने से लेकर अन्य चिकित्सीय सेवाएं झोलाछाप ही दे रहे हैं।
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किसी के पास प्रशिक्षित स्टाफ भी नहीं है। और तो और कई नर्सिंगहोम में आईएमए के सर्जन आपरेशन करने जाते हैं और अपनी फीस लेकर मरीज का जीवन झोलाछापों के भरोसे छोड़कर चले जाते हैं। फिलहाल चाहे झोलाछाप हो या आईएमए का डॉक्टर, सभी को अपनी कमाई से मतलब है। मरीज की जान की परवाह किसी को भी नहीं है। नर्सिंगहोम संचालक डॉक्टरों की लंबी सूची लगाकर मरीजों को गुमराह करते खेल कर रहे हैं। यह खेल स्वास्थ्य विभाग की शह पर चल रहा है।
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