Farrukhabad: पत्नी की गैरइरादतन हत्या का मामला, पति को दो वर्ष की सजा, 20 हजार का जुर्माना भी
राजेपुर थाना क्षेत्र में पत्नी की गैरइरादतन हत्या के मामले में पति को दो वर्ष की सजा सुनाई गई है। साथ ही, बीस हजार जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं, जुर्माना न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
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फर्रुखाबाद जिले में पत्नी की गैर इरादतन हत्या में पति को कोर्ट ने दो वर्ष की सजा सुनाई। दोषी को बीस हजार रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। जुर्माना नहीं देने पर दोषी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भोगने के आदेश दिए।
राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव कुसुमापुर निवासी रामऔतार ने शहर कोतवाली के मोहल्ला शांतिनगर पजाबा निवासी दामाद संजीव शुक्ला के खिलाफ 12 अप्रैल 2016 को एनसीआर दर्ज कराई। इसमें आरोप लगाया कि घटना से आठ वर्ष पहले संजीव से पुत्री सुखदेवी उर्फ सुनीता की शादी की थी।
संजीव दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था।10 अप्रैल को संजीव के भाई ने फोन पर सूचना दी कि पुत्री सुखदेवी की तबियत खराब हो गई है। जानकारी होने पर रामऔतार पुत्री की ससुराल पहुंचे। पुत्री सुखदेवी ने बताया कि पति संजीव ने गाली-गलौज कर उसके साथ मारपीट की।
पुत्री की हालत खराब होने पर उसको लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। वहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने हैलट कानपुर रेफर कर दिया। हैलट में इलाज के दौरान सुखदेवी की 17 अप्रैल को मौत हो गई। पुलिस ने एनसीआर को गैर इरादतन हत्या के मुकदमे में तरमीम कर लिया।
विवेचक ने संजीव के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट राकेश कुमार ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर संजीव को दोषी करार देकर दो वर्ष की सजा व बीस हजार जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। जुर्माना नहीं देने पर दोषी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।