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Farrukhabad News: हाईकोर्ट ने माफिया की पत्नी बर्खास्तगी के मामले जांच के दिए आदेश
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फर्रुखाबाद। उच्च न्यायालय ने माफिया अनुपम दुबे की शिक्षक पत्नी मीनाक्षी मिश्रा की बर्खास्तगी के संबंध में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को दोबारा जांच कर छह सप्ताह में रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
फतेहगढ़ के मोहल्ला कसरट्टा निवासी माफिया व बसपा नेता अनुपम दुबे हत्या के मामले में जेल में बंद हैं। उसकी पत्नी मीनाक्षी मिश्रा बेसिक शिक्षा विभाग के नगर क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय गाड़ीखाना में प्रधानाध्यापिका के पद पर तैनात थीं। पति के जेल जाने के बाद उन्होंने प्रशासन पर कई आरोप लगाए थे, जिस पर वर्ष 2021 में उनको निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद भी वह लगातार जिला प्रशासन के खिलाफ बयानबाजी करती रहीं। नवंबर 2023 में उन्हें कर्मचारी नियमावली के विपरीत आचरण करने का दोषी पाते हुए बर्खास्त कर दिया गया था। बर्खास्तगी के बाद मीनाक्षी मिश्रा ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। विभागीय सूत्रों ने बताया कि पांच मार्च 2024 को हाईकोर्ट ने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को आदेश दिए कि मीनाक्षी मिश्रा के विरुद्ध किए गए विवादित आदेश को निरस्त किया जाता है। इसके साथ ही याचिकाकर्ता को इसकी एक प्रति देने के बाद जांच रिपोर्ट को छह सप्ताह के भीतर समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। हाईकोर्ट के आदेश को विभागीय अधिकारी दबाए बैठे हैं।
बोले जिम्मेदार
‘कंपोजिट विद्यालय गाड़ीखाना की प्रधानाध्यापिका मीनाक्षी मिश्रा काे अपना दोबारा से पक्ष रखने के आदेश दिए गए हैं। बर्खास्तगी आदेश निरस्त नहीं है। हाईकोर्ट के आदेश पर मीनाक्षी मिश्रा को नोटिस देकर उनका पक्ष मांगा गया है। जिसकी जांच चल रही है।’
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- गौतम प्रसाद, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी, फर्रुखाबाद
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फतेहगढ़ के मोहल्ला कसरट्टा निवासी माफिया व बसपा नेता अनुपम दुबे हत्या के मामले में जेल में बंद हैं। उसकी पत्नी मीनाक्षी मिश्रा बेसिक शिक्षा विभाग के नगर क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय गाड़ीखाना में प्रधानाध्यापिका के पद पर तैनात थीं। पति के जेल जाने के बाद उन्होंने प्रशासन पर कई आरोप लगाए थे, जिस पर वर्ष 2021 में उनको निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद भी वह लगातार जिला प्रशासन के खिलाफ बयानबाजी करती रहीं। नवंबर 2023 में उन्हें कर्मचारी नियमावली के विपरीत आचरण करने का दोषी पाते हुए बर्खास्त कर दिया गया था। बर्खास्तगी के बाद मीनाक्षी मिश्रा ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। विभागीय सूत्रों ने बताया कि पांच मार्च 2024 को हाईकोर्ट ने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को आदेश दिए कि मीनाक्षी मिश्रा के विरुद्ध किए गए विवादित आदेश को निरस्त किया जाता है। इसके साथ ही याचिकाकर्ता को इसकी एक प्रति देने के बाद जांच रिपोर्ट को छह सप्ताह के भीतर समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। हाईकोर्ट के आदेश को विभागीय अधिकारी दबाए बैठे हैं।
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बोले जिम्मेदार
‘कंपोजिट विद्यालय गाड़ीखाना की प्रधानाध्यापिका मीनाक्षी मिश्रा काे अपना दोबारा से पक्ष रखने के आदेश दिए गए हैं। बर्खास्तगी आदेश निरस्त नहीं है। हाईकोर्ट के आदेश पर मीनाक्षी मिश्रा को नोटिस देकर उनका पक्ष मांगा गया है। जिसकी जांच चल रही है।’
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- गौतम प्रसाद, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी, फर्रुखाबाद