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बिना चालक चल पड़ी माल गाड़ी
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Mon, 12 Jan 2015 11:48 PM IST
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कानपुर- फर्रुखाबाद रेलमार्ग स्थित फतेहगढ़ स्टेशन पर बड़ा हादसा होते-होटे
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टल गया। यहां ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी अचानक बिना चालक के ही चल पड़ी।
मालगाड़ी के आगे बढ़ते ही स्टेशन कर्मियों के हाथ -पांव फूल गए। संयोग से
मालगाड़ी करीब 200 मीटर दूर जाने के बाद ठोकर को तोड़ती हुई जमीन में धंस
गई। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अफसर मौके पर पहुंचे मामले की जांच शुुरू
कर दी गई।
सीमेंट लेकर कासगंज की ओर से आ रही मालगाड़ी पर चालक सर्वेश कुमार, सहायक चालक प्रदीप कुमार और गार्ड अमन भारद्वाज ड्यूटी पर थे। यह मालगाड़ी कानपुर जा रही थी। मालगाड़ी सुबह 11.16 बजे फतेहगढ़ स्टेशन पहुंची। इसे लाइन नंबर दो पर लिया गया। ड्यूटी का समय खत्म होने की वजह से चालक सर्वेश कुमार ने इंजन बंद कर स्टेशन मास्टर एनएम प्रधान को मेमो के जरिए मालगाड़ी सौंप दिया।
यह ट्रैक पर ढलान था। दोपहर करीब 1.42 बजे अचानक मालगाड़ी ट्रैक पर रेंगने लगी। किसी ने इसकी जानकारी स्टेशन मास्टर को दी तो स्टेशन पर हड़कंप मच गया। इस दौरान सामने से आ रही दूसरी मालगाड़ी को आउटर पर रोक दिया गया। उधर बिना चालक चली मालगाड़ी ठोकर को तोड़ती हुई जमीन में जा धंसी। इससे उसका इंजन क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना की जानकारी होने पर रेलवे विभाग के मुख्य चीफ इंजीनियर अजय कुमार वार्ष्णेय मौके पर पहुंचे।
उन्होंने कंट्रोल रूम को सूचना दी। कायमगंज से क्रेन और शाम करीब पांच बजे दुर्घटना राहत ट्रेन पहुंची। इसके बाद रेलवे विभाग के कर्मचारी और अधिकारी राहत कार्याें में जुट गए।
स्टेशन मास्टर समेत दो का मेडिकल
फर्रुखाबाद। मालगाड़ी के अचानक चलने के मामले की जांच शुरू कर दी गई। इसी के तहत रेलवे महकमे के डा. बी लाल ने स्टेशन मास्टर एनएम प्रधान और पोटर वीरेंद्र का स्टेशन पर ही मेडिकल किया।
पेंटर बाल-बाल बचा
फर्रुखाबाद। मंगलवार को पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम चंद्रमोहन जिंदल के फर्रुखाबाद स्टेशन आने की सूचना पर रेलवे विभाग साफ सफाई व्यवस्था में जुटा था। विभाग की ओर से रंगाई पुताई का कार्य भी हो रहा था। दो नंबर ट्रैक की ठोकर पर रंगाई पुताई हो रही है। पुताई पेंटर पहलवान कर रहे हैं। मालगाड़ी को ट्रैक पर आता देख वह सामान छोड़कर भाग खड़े हुए।
मालगाड़ी में नहीं लगी थी ओट
फर्रुखाबाद। मालगाड़ी के स्टेशन पर खड़े होने के बाद स्टेशन मास्टर इसकी जानकारी क्रू नियंत्रक को देते हैं लेकिन ऐसा नहीं हुआ था। रेलवे सूत्रों की मानें तो स्टेशन मास्टर की सूचना के बाद क्रू नियंत्रक टीम गाड़ी में ओट लगा कर पटरी से इंजन के पहिए को जंजीर से बांध देती है।
इससे मालगाड़ी आगे नहीं बढ़ पाती है। सूत्रों का कहना था कि गार्ड ने हैंड ब्रेक भी नहीं लगाई थीं। मंगलवार को डीआरएम के आने के कार्यक्रम से रेलवे विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के होश उड़े हुए हैं।
सीमेंट लेकर कासगंज की ओर से आ रही मालगाड़ी पर चालक सर्वेश कुमार, सहायक चालक प्रदीप कुमार और गार्ड अमन भारद्वाज ड्यूटी पर थे। यह मालगाड़ी कानपुर जा रही थी। मालगाड़ी सुबह 11.16 बजे फतेहगढ़ स्टेशन पहुंची। इसे लाइन नंबर दो पर लिया गया। ड्यूटी का समय खत्म होने की वजह से चालक सर्वेश कुमार ने इंजन बंद कर स्टेशन मास्टर एनएम प्रधान को मेमो के जरिए मालगाड़ी सौंप दिया।
यह ट्रैक पर ढलान था। दोपहर करीब 1.42 बजे अचानक मालगाड़ी ट्रैक पर रेंगने लगी। किसी ने इसकी जानकारी स्टेशन मास्टर को दी तो स्टेशन पर हड़कंप मच गया। इस दौरान सामने से आ रही दूसरी मालगाड़ी को आउटर पर रोक दिया गया। उधर बिना चालक चली मालगाड़ी ठोकर को तोड़ती हुई जमीन में जा धंसी। इससे उसका इंजन क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना की जानकारी होने पर रेलवे विभाग के मुख्य चीफ इंजीनियर अजय कुमार वार्ष्णेय मौके पर पहुंचे।
उन्होंने कंट्रोल रूम को सूचना दी। कायमगंज से क्रेन और शाम करीब पांच बजे दुर्घटना राहत ट्रेन पहुंची। इसके बाद रेलवे विभाग के कर्मचारी और अधिकारी राहत कार्याें में जुट गए।
स्टेशन मास्टर समेत दो का मेडिकल
फर्रुखाबाद। मालगाड़ी के अचानक चलने के मामले की जांच शुरू कर दी गई। इसी के तहत रेलवे महकमे के डा. बी लाल ने स्टेशन मास्टर एनएम प्रधान और पोटर वीरेंद्र का स्टेशन पर ही मेडिकल किया।
पेंटर बाल-बाल बचा
फर्रुखाबाद। मंगलवार को पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम चंद्रमोहन जिंदल के फर्रुखाबाद स्टेशन आने की सूचना पर रेलवे विभाग साफ सफाई व्यवस्था में जुटा था। विभाग की ओर से रंगाई पुताई का कार्य भी हो रहा था। दो नंबर ट्रैक की ठोकर पर रंगाई पुताई हो रही है। पुताई पेंटर पहलवान कर रहे हैं। मालगाड़ी को ट्रैक पर आता देख वह सामान छोड़कर भाग खड़े हुए।
मालगाड़ी में नहीं लगी थी ओट
फर्रुखाबाद। मालगाड़ी के स्टेशन पर खड़े होने के बाद स्टेशन मास्टर इसकी जानकारी क्रू नियंत्रक को देते हैं लेकिन ऐसा नहीं हुआ था। रेलवे सूत्रों की मानें तो स्टेशन मास्टर की सूचना के बाद क्रू नियंत्रक टीम गाड़ी में ओट लगा कर पटरी से इंजन के पहिए को जंजीर से बांध देती है।
इससे मालगाड़ी आगे नहीं बढ़ पाती है। सूत्रों का कहना था कि गार्ड ने हैंड ब्रेक भी नहीं लगाई थीं। मंगलवार को डीआरएम के आने के कार्यक्रम से रेलवे विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के होश उड़े हुए हैं।