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गर्मी के तेवर तीखे, पारा 44 डिग्री पहुंचा
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Sun, 24 May 2015 11:11 PM IST
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दिन पर दिन गर्मी के तेवर तीखे होते जा रहे हैं। वैसे तो तीन चार दिन से
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भीषण गर्मी पड़ रही है लेकिन रविवार को तो आसमान से आग बरसती महसूस हुई।
अधिकतम तापमान 44 डिग्री पर पहुंच गया। तन झुलसाती गर्मी के कारण सड़कों पर
दिन में सन्नाटा पसरा रहा। इंसान के साथ पशुओं का भी हाल बेहाल रहा। गर्म
हवाओं के थपेड़े लोगों को झुलसाते रहे। छुट्टी का दिन होने से अधिकांश
लोगों ने घरों में कैद रहने में ही भलाई समझी। जो लोग निकले भी वे
चेहरे पर अंगौछा या कपड़ा बांधकर गर्म हवाओं से बचाव करते दिखे। विगत तीन दिन से दिन चढ़ते-चढ़ते तापमान 42 डिग्री से ऊपर पहुंच रहा है। लोग गर्मी से परेशान नजर आ रहे हैं। रविवार को अधिकतम पारा 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जानकारों का मानना है कि अगले एक हफ्ते तक तापमान 44 डिग्री से ऊपर ही रहेगा। दिन में गर्म हवाएं चलने के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। राहगीरों ने धूप से बचने को छतरी का सहारा लिया। बाइक सवार लू से
बचाव को चेहरे पर अंगौछा बांधकर ही निकले। जैस-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे गर्मी के तेवर और तीखे हो गए। लोगों ने घर से निकलने में परहेज किया। जरूरी कामकाज के लिए लोग मजबूरी में घर से निकलें।
मौसम के इस बदलाव ने संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ा दिया है। ऐसे में डाक्टरों की सलाह है कि भीषण गर्मी में खुले पेय पदार्थ और कटे-फटे फल का सेवन करने से बचें। डा. केएम द्विवेदी का कहना है कि जहां तक संभव हो लोग धूप में
निकलने से परहेज करें। अति आवश्यक कार्य हो तो ही घर से निकलें। उस पर भी सिर व मुंह ढककर निकलें। पानी का अधिक से अधिक सेवन करें। कटे-फटे फल व खुले पेय पदार्थ का सेवन न करें। गर्मी से बचने के लोग पांचाल घाट जाकर गंगा नदी में स्नान का लुत्फ भी उठा रहे हैं।
बिजली कटौती से परेशानी बढ़ी
एक ओर गर्मी ने परेशान कर रखा है, दूसरी तरफ बिजली कटौती कोढ़ में खाज का काम कर रही है। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे बिजली की कटौती में इजाफा हो रहा है। कटौती के कारण अब रात की नींद दुश्वार होने लगी है। रात में कभी इमरजेंसी के नाम पर तो कभी रोस्टर के नाम पर कटौती होती है। इस तरह रात के समय पांच से
छह घंटे बिजली गुल रहती है। फलस्वरूप गर्मी से निजात दिलाने वाले उपकरण बंद रहते है। यहीं हाल दिन का है। भरी दोपहर में कटौती हो जाती है। इस तरह न दिन और न ही रात में चैन मिल पा रहा है।
चेहरे पर अंगौछा या कपड़ा बांधकर गर्म हवाओं से बचाव करते दिखे। विगत तीन दिन से दिन चढ़ते-चढ़ते तापमान 42 डिग्री से ऊपर पहुंच रहा है। लोग गर्मी से परेशान नजर आ रहे हैं। रविवार को अधिकतम पारा 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जानकारों का मानना है कि अगले एक हफ्ते तक तापमान 44 डिग्री से ऊपर ही रहेगा। दिन में गर्म हवाएं चलने के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। राहगीरों ने धूप से बचने को छतरी का सहारा लिया। बाइक सवार लू से
बचाव को चेहरे पर अंगौछा बांधकर ही निकले। जैस-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे गर्मी के तेवर और तीखे हो गए। लोगों ने घर से निकलने में परहेज किया। जरूरी कामकाज के लिए लोग मजबूरी में घर से निकलें।
मौसम के इस बदलाव ने संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ा दिया है। ऐसे में डाक्टरों की सलाह है कि भीषण गर्मी में खुले पेय पदार्थ और कटे-फटे फल का सेवन करने से बचें। डा. केएम द्विवेदी का कहना है कि जहां तक संभव हो लोग धूप में
निकलने से परहेज करें। अति आवश्यक कार्य हो तो ही घर से निकलें। उस पर भी सिर व मुंह ढककर निकलें। पानी का अधिक से अधिक सेवन करें। कटे-फटे फल व खुले पेय पदार्थ का सेवन न करें। गर्मी से बचने के लोग पांचाल घाट जाकर गंगा नदी में स्नान का लुत्फ भी उठा रहे हैं।
बिजली कटौती से परेशानी बढ़ी
एक ओर गर्मी ने परेशान कर रखा है, दूसरी तरफ बिजली कटौती कोढ़ में खाज का काम कर रही है। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे बिजली की कटौती में इजाफा हो रहा है। कटौती के कारण अब रात की नींद दुश्वार होने लगी है। रात में कभी इमरजेंसी के नाम पर तो कभी रोस्टर के नाम पर कटौती होती है। इस तरह रात के समय पांच से
छह घंटे बिजली गुल रहती है। फलस्वरूप गर्मी से निजात दिलाने वाले उपकरण बंद रहते है। यहीं हाल दिन का है। भरी दोपहर में कटौती हो जाती है। इस तरह न दिन और न ही रात में चैन मिल पा रहा है।