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पीकू वार्ड: एक बेड पर दो बच्चों का इलाज

Thu, 21 Apr 2022 12:18 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 21 Apr 2022 12:18 AM IST
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फर्रुखाबाद। भीषण गर्मी में बच्चे तेजी से डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। हालत यह है कि लोहिया अस्पताल में बना पीकू का एक वार्ड फुल हो गया है। यहां के 10 बेडों पर 12 बच्चों का इलाज हो रहा है। हालांकि 10 और 20 बेड के दो और पीकू वार्ड हैं लेकिन उन्हें अभी खोला नहीं गया है।
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कोरोना की दूसरी लहर के बाद लोहिया पुरुष अस्पताल में बच्चों के अच्छे इलाज के लिए पीकू वार्ड बनाया गया था। इसमें एक वार्ड के 20 बेड वेंटीलेटर युक्त हैं। जबकि 10-10 बेड के दो और वार्ड हैं। कुछ दिनों से उल्टी व दस्त (डायरिया) पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में 10 बेड का एक वार्ड फुल हो गया।
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बुधवार को मोहम्मदाबाद के गांव हरकमपुर निवासी मोनू की सात माह की बेटी राधा की हालत बिगड़ गई, तो उसे पीकू वार्ड के आठ नंबर बेड पर भर्ती किया गया। इसके कुछ देर बाद ही शहर के क्रिश्चियन कॉलेज के पास रहने वाले बबलू श्रीवास्तव के तीन साल के पुत्र कुश को उल्टी-दस्त की वजह से लाया गया। इस बच्चे को भी आठ नंबर बेड पर ही भर्ती किया गया।
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दोनों बच्चों की मां और एक अन्य परिजन भी इसी बेड पर बैठे थे। एक बेड पर दो-दो बच्चों को भर्ती होने से मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद इसके जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
छह बच्चे एनआरसी वार्ड में भी भर्ती
बुधवार को पीकू वार्ड में 12 और एनआरसी में छह बच्चे भर्ती थे। यही नहीं दो बच्चों का इलाज करने के बाद वीगो लगाकर छुट्टी कर दी गई। कोई दिक्कत होने पर दोबारा लाने की सलाह दी गई।
मरीज के बेड पर ही लेटे रहते तीमारदार
पीकू वार्ड में अव्यवस्था इतनी है कि बेड पर बच्चे के साथ उसके परिजन दूसरे बच्चों को लेकर लेट जाते हैं। बेड पर ही तीमारदार भी बैठे रहते हैं। इससे संक्रमण का खतरा रहता है।

पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती से किया इनकार
पीकू वार्ड के प्रभारी बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक सक्सेना ने बताया कि दूसरे वार्ड में कीमती मशीनें लगी हैं, इसलिए नहीं खोला गया है। इमरजेंसी के पास बच्चों के लिए बने पीडियाट्रिक वार्ड में बच्चों को भर्ती करने से इनकार कर दिया गया है। सीएमएस को पूरी स्थिति बता दी गई है। कुछ रास्ता निकालेंगे।
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