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एचडीएफसी शाखा प्रबंधक समेत तीन फंसे
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Updated Tue, 22 Nov 2016 11:02 PM IST
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internet banking
महिंद्रा पिकअप फाइनेंस करने के नाम पर ठगी करने में एचडीएफसी शाखा प्रबंधक समेत तीन फंस गए हैं। इनके खिलाफ पीड़ित ने अदालत में परिवाद दर्ज कराया है।
मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के मोहल्ला नया नौलक्खा निवासी जफर खां ने एचडीएफसी बैंक शाखा फर्रुखाबाद, इसके फाइनेंस एजेंट राज प्रताप सिंह और आटो मोबाइल प्राइवेट लिमिटेड जीटी रोड एटा के मालिक कमलेश के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की।
याचिका के मुताबिक उसने एचडीएफसी बैंक से महिंद्रा पिकअप का फाइनेंस दो लाख रुपये जमा कर कराया था। फाइनेंस के दौरान 35 चेक दी। 18 जून 2015 को गाड़ी एजेंसी से दिलाई गई। इसकी कीमत लगभग 4.50 लाख रुपये थी। एजेंट, शाखा प्रबंधक व वाहन एजेंसी मालिक ने गाड़ी का बीमा और पंजीकरण कराकर दिए जाने का आश्वासन दिया।
जब पंजीकरण उसके पास नहीं पहुंचा तो मामले की जानकारी की, तब पता चला कि आरोपियों ने साठगांठ कर खरीदी गई गाड़ी का पंजीकरण दूसरे व्यक्ति के नाम से करा दिया। 20 जनवरी 2016 को इस मामले की शिकायत की।
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आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी और धोखाधड़ी कर रुपये हड़प लिए। याचिका पर सुनवाई के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मुकदमा परिवाद में दर्ज करने का आदेश दिया है।
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मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के मोहल्ला नया नौलक्खा निवासी जफर खां ने एचडीएफसी बैंक शाखा फर्रुखाबाद, इसके फाइनेंस एजेंट राज प्रताप सिंह और आटो मोबाइल प्राइवेट लिमिटेड जीटी रोड एटा के मालिक कमलेश के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की।
याचिका के मुताबिक उसने एचडीएफसी बैंक से महिंद्रा पिकअप का फाइनेंस दो लाख रुपये जमा कर कराया था। फाइनेंस के दौरान 35 चेक दी। 18 जून 2015 को गाड़ी एजेंसी से दिलाई गई। इसकी कीमत लगभग 4.50 लाख रुपये थी। एजेंट, शाखा प्रबंधक व वाहन एजेंसी मालिक ने गाड़ी का बीमा और पंजीकरण कराकर दिए जाने का आश्वासन दिया।
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जब पंजीकरण उसके पास नहीं पहुंचा तो मामले की जानकारी की, तब पता चला कि आरोपियों ने साठगांठ कर खरीदी गई गाड़ी का पंजीकरण दूसरे व्यक्ति के नाम से करा दिया। 20 जनवरी 2016 को इस मामले की शिकायत की।
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आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी और धोखाधड़ी कर रुपये हड़प लिए। याचिका पर सुनवाई के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मुकदमा परिवाद में दर्ज करने का आदेश दिया है।