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गुड़ की बर्फी से घरों में बरसी बरकत
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
Updated Fri, 22 Jan 2016 12:17 AM IST
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शमसाबाद। ब्लाक की महिलाओं ने अपनी किस्मत खुद लिखी है। इनकी बनाई गुड़ की बर्फी और दलिया की महानगरों में खासी मांग है। ये दोनों प्रोडक्ट जैविक तरीके से उगाए गए गन्ने और गेहूं से बनते हैं।
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कुइयांधीर गांव में 2014 में महिलाआें ने ग्राम गौरव महिला स्वयं सहायता समूह का गठन किया। समूह में 12 सदस्य हैं। इन्होंने जैविक तरीके से उगाए जा रहे गुड़ से बर्फी बनाने का फैसला किया। 700 ग्राम बर्फी के डिब्बे की कीमत 60 रुपये रखी गई। एक साल में 100 क्विंटल का कारोबार है। गुड़ की बर्फी के अलावा इन्होंने दलिया भी बनाई। इसकी कीमत 60 रुपये किलो है। साल में छह क्विंटल दलिया खप जाती है।
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जैविक खेती के प्रोडक्ट की वजह से पड़ोसी जिलों के अलावा कानपुर, लखनऊ से लेकर दिल्ली तक बर्फी और दलिया की मांग है। दोनाें प्रोडक्ट से समूह को साल में तकरीबन दो लाख 40 हजार रुपये का मुनाफा होता है। इससे एक सदस्य को 20 हजार रुपये मिल जाते हैं। समूह का प्रत्येक सदस्य हर महीने 50 रुपये जमा करता है।
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समूह की अध्यक्ष सीमा गंगवार कहती हैं कि जैविक खेती के प्रोडक्ट की वजह से उत्पादाें की मांग बढ़ी है। सचिव संगीता कहती हैं कि इस साल मुनाफा दो गुना करने का लक्ष्य है। कोषाध्यक्ष सीमा का कहना है कि समूह से गांव की जरूरतमंद महिलाएं स्वावलंबी हुई हैं। ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक डा. डीआर विश्वकर्मा की प्रेरणा से समूह का गठन किया गया था।