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Farrukhabad News: गंगा फिर उफान पर, शाहजहांपुर मार्ग पर आया पानी
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अमृतपुर। पहाड़ों व मैदानी क्षेत्र में भारी बारिश होने से गंगा का जलस्तर फिर उफान पर है। इससे खतरे का निशान मात्र 15 सेंटीमीटर दूर रह गया है। गांवों में जलभराव के साथ फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर भी बाढ़ का पानी बह रहा है।
गंगा के जलस्तर में शुक्रवार को 15 सेमी बढ़ोतरी होने से 136.80 मीटर से 136.95 मीटर पर पहुंच गया है। जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 35 सेमी ऊपर व खतरे के निशान 137.10 मीटर से मात्र 15 सेमी दूर है। नरौरा बांध से 77233 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जलस्तर बढ़ने से फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग चित्रकूट डिप व राजेपुर डिप पर पानी चलने लगा है। यदि जलस्तर और बढ़ा तो चित्रकूट डिप से वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाएगा।
बाढ़ से घिरे गांव आशा की मड़ैया व उदयपुर में ग्रामीणों के लिए लेखपाल ने नाव लगाई, लेकिन नाविक न होने से वह दिखावा भर है। इससे ग्रामीणों को नाव का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा और वह बाढ़ के पानी में घुस कर निकलने को मजबूर है।
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ग्रामीण रामवीर, श्यामवीर, उमेश चंद्र, श्रीप्रकाश, झब्बू आदि का कहना है कि गांव के रास्ते पर स्कूल के पास नाला है। उसमें बाढ़ का पानी का तेजी से बह रहा है। जिसे पार करने में परेशानी हो रही है। गांव की आरती अपने छोटे पुत्र के साथ राजेपुर दवा लेने जा रही थीं। नाला पार करते समय पैर फिसल गया। गनीमत रही कि उनके पीछे आ रहे एक ग्रामीण ने हाथ पकड़ लिया, जिससे बड़ी घटना टल गई। बाढ़ का पानी क्षेत्र के करीब 30 से अधिक गांवों में पहुंच गया है।
गांव हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, अंबरपुर, सुंदरपुर, कुड़री सारंगपुर, रामप्रसाद नगला आदि कई गांव में तो घरों में पानी भर गया है। रामगंगा का जलस्तर 134.65 मीटर से 20 सेमी बढ़कर 134.85 मीटर पर पहुंच गया है।
खो-हरेली, रामनगर बैराज से 52057 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। तहसीलदार करमवीर ने बताया कि बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ा है। अभी किसी गांव में खाने-पीने की समस्या नहीं है।
उदयपुर में नाव लगी है। क्यों नहीं चल रही है, इसकी जानकारी कर समस्या निस्तारित की जाएगी। बाढ़ प्रभावित गांव में 11 नाव चल रही हैं।
वहीं गंगा का जलस्तर बढ़ने से शमसाबाद-शाहजहांपुर मार्ग पर फिर पानी भर गया है। सड़क पर चौरा गांव के सामने गड्ढा होने के कारण राहगीरों को निकलने में काफी दिक्कत हो रही है।
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गंगा के जलस्तर में शुक्रवार को 15 सेमी बढ़ोतरी होने से 136.80 मीटर से 136.95 मीटर पर पहुंच गया है। जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 35 सेमी ऊपर व खतरे के निशान 137.10 मीटर से मात्र 15 सेमी दूर है। नरौरा बांध से 77233 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जलस्तर बढ़ने से फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग चित्रकूट डिप व राजेपुर डिप पर पानी चलने लगा है। यदि जलस्तर और बढ़ा तो चित्रकूट डिप से वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाएगा।
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बाढ़ से घिरे गांव आशा की मड़ैया व उदयपुर में ग्रामीणों के लिए लेखपाल ने नाव लगाई, लेकिन नाविक न होने से वह दिखावा भर है। इससे ग्रामीणों को नाव का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा और वह बाढ़ के पानी में घुस कर निकलने को मजबूर है।
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ग्रामीण रामवीर, श्यामवीर, उमेश चंद्र, श्रीप्रकाश, झब्बू आदि का कहना है कि गांव के रास्ते पर स्कूल के पास नाला है। उसमें बाढ़ का पानी का तेजी से बह रहा है। जिसे पार करने में परेशानी हो रही है। गांव की आरती अपने छोटे पुत्र के साथ राजेपुर दवा लेने जा रही थीं। नाला पार करते समय पैर फिसल गया। गनीमत रही कि उनके पीछे आ रहे एक ग्रामीण ने हाथ पकड़ लिया, जिससे बड़ी घटना टल गई। बाढ़ का पानी क्षेत्र के करीब 30 से अधिक गांवों में पहुंच गया है।
गांव हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, अंबरपुर, सुंदरपुर, कुड़री सारंगपुर, रामप्रसाद नगला आदि कई गांव में तो घरों में पानी भर गया है। रामगंगा का जलस्तर 134.65 मीटर से 20 सेमी बढ़कर 134.85 मीटर पर पहुंच गया है।
खो-हरेली, रामनगर बैराज से 52057 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। तहसीलदार करमवीर ने बताया कि बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ा है। अभी किसी गांव में खाने-पीने की समस्या नहीं है।
उदयपुर में नाव लगी है। क्यों नहीं चल रही है, इसकी जानकारी कर समस्या निस्तारित की जाएगी। बाढ़ प्रभावित गांव में 11 नाव चल रही हैं।
वहीं गंगा का जलस्तर बढ़ने से शमसाबाद-शाहजहांपुर मार्ग पर फिर पानी भर गया है। सड़क पर चौरा गांव के सामने गड्ढा होने के कारण राहगीरों को निकलने में काफी दिक्कत हो रही है।