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मस्टर रोल में दिवंगत श्रमिकों हाजिरी लगाई, हो गया भुगतान
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फर्रुखाबाद। मनरेगा योजना से ग्रामीणों को रोजगार देकर विकास कार्य कराए जा रहे हैं। हद तो तब हो गई जब जिम्मेदारों ने दिवंगत हो चुके श्रमिकों को भी काम में लगा हुआ दिखा दिया। इतना ही उनकी मस्टर रोल पर हाजिरी लगाकर भुगतान भी कर दिया। जबकि इन दिवंगत हुए श्रमिकों की पत्नियां विधवा पेंशन ले रही हैं। यह मामला राजेपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत सरह का है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायत कर जांच कराने की मांग की है।
राजेपुर ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत सरह निवासी देवेंद्र सिंह, बृजनंदन, ओपेंद्र, अनिल कुमार, त्रिपुरारी शुक्ला आदि ने जिलाधिकारी से शिकायत की। इसमें कहा कि उनके गांव में मनरेगा से चकरोड बनाने के नाम पर दो लाख 16 हजार 648 रुपये भुगतान किया गया है। जबकि निर्माण स्थल पर थोड़ी-बहुत ही मिट्टी डाली गई।
चकरोड का निर्माण कर रहे श्रमिकों में मेघनाथ की 10 मई 2020 को मौत हो गई। इसके अलावा दो-तीन वर्ष श्रमिक कुन्ने की मौत हो गई थी। दिवंगत हो चुके दोनों श्रमिकों की मस्टर रोल पर पांच दिन की हाजिरी लगाकर 1020-1020 रुपये उनके खाते में भुगतान किया गया। दोनों की पत्नियों को विधवा पेंशन भी मिल रही है। ग्रामीणों ने शिकायत के साथ जिलाधिकारी को मस्टर रोल व भुगतान की प्रति भी सौंपी है। साथ ही श्रमिक की पत्नियों की ओर से विधवा पेंशन मिलने का पत्र भी सौंपा।
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उन्होंने शिकायत में यह भी कहा कि कई जॉबकार्डों पर फर्जी भुगतान किया गया है। इसमें एक बीडीसी सदस्य को भी मनरेगा श्रमिक दिखाया गया है। गरीबों को मनरेगा योजना में काम नहीं मिल रहा है, जबकि अमीरों के खातों में भुगतान किया जा रहा है। शिकायत पर राजाराम कठेरिया, सर्वेश कुमार, रामसागर सहित 50 से अधिक ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। डीसी मनरेगा सतीश प्रसाद मिश्र ने बताया कि शिकायत मिलने पर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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राजेपुर ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत सरह निवासी देवेंद्र सिंह, बृजनंदन, ओपेंद्र, अनिल कुमार, त्रिपुरारी शुक्ला आदि ने जिलाधिकारी से शिकायत की। इसमें कहा कि उनके गांव में मनरेगा से चकरोड बनाने के नाम पर दो लाख 16 हजार 648 रुपये भुगतान किया गया है। जबकि निर्माण स्थल पर थोड़ी-बहुत ही मिट्टी डाली गई।
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चकरोड का निर्माण कर रहे श्रमिकों में मेघनाथ की 10 मई 2020 को मौत हो गई। इसके अलावा दो-तीन वर्ष श्रमिक कुन्ने की मौत हो गई थी। दिवंगत हो चुके दोनों श्रमिकों की मस्टर रोल पर पांच दिन की हाजिरी लगाकर 1020-1020 रुपये उनके खाते में भुगतान किया गया। दोनों की पत्नियों को विधवा पेंशन भी मिल रही है। ग्रामीणों ने शिकायत के साथ जिलाधिकारी को मस्टर रोल व भुगतान की प्रति भी सौंपी है। साथ ही श्रमिक की पत्नियों की ओर से विधवा पेंशन मिलने का पत्र भी सौंपा।
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उन्होंने शिकायत में यह भी कहा कि कई जॉबकार्डों पर फर्जी भुगतान किया गया है। इसमें एक बीडीसी सदस्य को भी मनरेगा श्रमिक दिखाया गया है। गरीबों को मनरेगा योजना में काम नहीं मिल रहा है, जबकि अमीरों के खातों में भुगतान किया जा रहा है। शिकायत पर राजाराम कठेरिया, सर्वेश कुमार, रामसागर सहित 50 से अधिक ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। डीसी मनरेगा सतीश प्रसाद मिश्र ने बताया कि शिकायत मिलने पर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।