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किशोर न्याय बोर्ड व बाल कल्याण समिति सदस्यों के काम पर रोक से बढ़ी रार

Sun, 19 Jan 2020 11:12 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jan 2020 11:12 PM IST
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Front against probation officer, withdraw order
जिला प्रोबेेशन अधिकारी ने किशोर न्याय बोर्ड व बाल कल्याण समिति के सदस्यों का कार्यकाल पूर्ण होने से सदस्यों के काम पर रोक का आदेश जारी किया। इससे सदस्यों ने प्रोबेशन अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कहा कि समिति व बोर्ड में नए सदस्यों का चयन होने तक पहले के सदस्यों को काम करने का अधिकार है। आदेश वापस लिया जाए।
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डीपीओ भारत प्रसाद ने किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य शकुंतला शाक्य व रामनिवास यादव को दिसंबर में कार्यकाल पूरा होने से काम पर रोक का आदेश किया है। इसी तरह बाल कल्याण समिति अध्यक्ष संजीव गंगवार, सदस्य नरेश सिंह यादव, मोहिनी मंगला बरतरिया व हिमा द्विवेदी को दिसंबर में कार्यकाल समाप्त होने से पत्रावलियां कनिष्ठ सहायक सर्वेश कुुमार के पास जमा करने का आदेश दिया है। बोर्ड और समिति के सदस्यों ने आदेश के खिलाफ मोर्चा खाल दिया है।
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किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य शकुंतला देवी ने डीपीओ को भेजे पत्र में कहा कि जब तक नए सदस्यों का चयन नहीं हो जाता और कार्यभार ग्रहण नहीं कर लेते तब तक पूर्व अध्यक्ष व सदस्य कार्यरत रहेंगे। शासन के महिला कल्याण भाग-1 के बिना निर्देश के जो आदेश जारी किया गया है वह अधिकार क्षेत्र में न होने व शासनादेश के विरुद्ध होने से निष्प्रभावी है।
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उन्होंने संशोधित आदेश जारी करने को कहा है। किशोर न्याय बोर्ड के लीगल एड कौंसिल सुरेंद्र कुमार शुक्ला ने बताया कि मामला उच्च न्यायालय तक पहुंच गया है। किशोर न्याय बोर्ड के नए सदस्यों का चयन न होने और एक जनवरी से पुराने सदस्यों के काम पर रोक लगाए जाने से चार किशोरों की जमानत मंजूर होने पर भी उनकी रिहाई लटकी है। नाबालिग की जमानत होने पर अवकाश के दिन ही रिहाई करने के आदेश हैं।

जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि जारी आदेश सही है। कार्यकाल समाप्त होने से बोर्ड भंग किया गया है। बाल कल्याण समिति सदस्यों की शिकायतें भी मिली हैं, वह ठीक काम नहीं कर रहे। उन्हें अब कार्य का कोई आदेश करने का अधिकार नहीं है। यदि कोई आदेश जारी करते हैं तो वह अनियमितता होगी। डीपीओ के फोन पर घंटी जाती रही, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। व्हाट्सएप पर छोड़े गए मैसेज का भी जवाब नहीं दिया।
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