फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Freezing winds increased the trouble for sugarcane farmers

सर्द हवाओं ने बढ़ाई गन्ना किसानों की मुसीबत

Sun, 20 Dec 2020 09:47 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 20 Dec 2020 09:47 PM IST
विज्ञापन
Freezing winds increased the trouble for sugarcane farmers
सलेमपुर दूदेमई में गन्ने की छिलाई करते किसान। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
कायमगंज। सर्द हवाओं से बढ़ रही ठंड ने गन्ना किसानों की मुसीबतें बढ़ा दी है। जिन किसानों को चीनी मिल में गन्ना आपूर्ति के लिए पर्चियां मिल रही हैं।
विज्ञापन

उन किसानों को कड़ाके की ठंड में गन्ने की छिलाई के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। गन्ना लेकर चीनी मिल पहुंचने वाले किसानों को गन्ने की ट्राली के नीचे सोकर रात गुजारनी पड़ रही हैं।
चीनी मिल में पेराई कार्य तेजी से चल रहा है। अब तक लाखों क्विंटल गन्ने की पेराई हो चुकी है। जब सर्दी कम थी तब किसानों को गन्ने की छिलाई कराकर मिल में गन्ने की आपूर्ति करना आसान था।
विज्ञापन

जब से सर्द हवाओं के साथ ठंड बढ़ी है, तब से किसानों को छिलाई के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। इससे पहले पशुओं के चारे के लिए लोग मुफ्त में ही छिलाई कर दिया करते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं जो किसान मिल में गन्ना आपूर्ति के लिए पहुंच रहे हैं वे गन्ने की ट्राली के नीचे सोकर रात बिताने को मजबूर हैं। मिल में अलाव की भी कोई व्यवस्था नहीं है। कुछ किसान गन्ने की पतेल जलाकर हाथ गर्म करते हैं।
गांव कुआं खेड़ा निवासी अखिलेश कुमार का कहना है इस समय कड़ाके की ठंड में गन्ना चीनी मिल तक पहुंचाना काफी भारी पड़ रहा है। कटाई व छिलाई के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं।
गांव सिनौली के जसवीर सिंह का कहना है सर्दी अधिक होने से दिक्कत बढ़ गई है। किसानों को सर्दी से बचाने के लिए मिल प्रशासन ने कोई इंतजाम नहीं किया है। मजबूरी में किसान गन्ने की ट्राली के नीचे रात बिता रहे हैं।
दरियावगंज निवासी रामकिशन ने बताया हवाओं के साथ बढ़ी सर्दी ने मुसीबतें बढ़ा दी हैं। जब छिलाई कराने में आसानी थी तो मिल से पर्ची नहीं मिल रही थी। अब पर्ची है तो छिलाई नहीं हो पा रही है।
गांव भुक्सा निवासी शिवराम सिंह ने बताया मिल से अभी पिछले साल का भी भुगतान नहीं हुआ है, लेकिन इस फसल का भुगतान एकमुश्त मिलता है। इससे गन्ने की फसल अन्य फसलों के मुकाबले ज्यादा बेहतर है।

रात में किसानों के ठहरने के लिए रैन बसेरा बना है, लेकिन किसान वहां रुकते नहीं है। किसान अपने गन्ने के पास ही रहना चाहते हैं। अलाव की भी व्यवस्था की गई है। - किशनलाल जीएम चीनी मिल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed