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संशोधित) चार अधूरे पड़े विद्यालय भवनों की होगी जांच
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29 अक्तूबर को प्रकाशित खबर। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। चार परिषदीय विद्यालयों का निर्माण पूरा न होने के मामले में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने जांच बैठा दी है। उन्होंने बीएसए को जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। इसमें दो विद्यालयों का 1994-95 में और दो का वर्ष 2008-09 में निर्माण शुरू हुआ था। इनका काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।
प्राथमिक विद्यालय बांसखेड़ा और पूर्व माध्यमिक विद्यालय सैदपुर रहिमादादपुर के भवन का निर्माण वर्ष 1994-95 में शुरू कराया गया था। इन दोनों के निर्माण की जिम्मेदारी आरईएस को दी गई थी।
26 साल बाद भी इनका निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। अभी भी प्लास्टर, फर्श, खिड़की, पल्ले और रंगाई-पुताई का काम बाकी है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय अरियारा और पूर्व माध्यमिक विद्यालय नगला दमू का निर्माण वर्ष 2008-09 में शुरू कराया गया था।
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इसकी जिम्मेदारी शिक्षकों को दी गई थी। अरियारा का विद्यालय भवन बनवाने वाले शिक्षक रामनिवास यादव सेवानिवृत्त हो चुके हैं और नगला दमू विद्यालय का निर्माण कराने वाली शिक्षिका राकेश कुमारी की मौत हो चुकी है।
दोनों भवनों में अभी तक प्लास्टर, फर्श, खिड़की, दरवाजे लगाने और रंगाई-पुताई का काम अधूरा पड़ा है। अमर उजाला ने 29 अक्तूबर के अंक में 26 साल बीतने के बाद भी अरियारा स्कूल का भवन पड़ा अधूरा शीर्षक से खबर को प्रकाशित किया था। डीएम ने इसे गंभीरता से लेकर बीएसए को इसके समेत चार विद्यालयों के अधूरे निर्माण की जांच करने के आदेश दिए हैं। बीएसए लालजी यादव ने बताया कि जांच कराकर शीघ्र रिपोर्ट दी जाएगी।
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प्राथमिक विद्यालय बांसखेड़ा और पूर्व माध्यमिक विद्यालय सैदपुर रहिमादादपुर के भवन का निर्माण वर्ष 1994-95 में शुरू कराया गया था। इन दोनों के निर्माण की जिम्मेदारी आरईएस को दी गई थी।
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26 साल बाद भी इनका निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। अभी भी प्लास्टर, फर्श, खिड़की, पल्ले और रंगाई-पुताई का काम बाकी है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय अरियारा और पूर्व माध्यमिक विद्यालय नगला दमू का निर्माण वर्ष 2008-09 में शुरू कराया गया था।
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इसकी जिम्मेदारी शिक्षकों को दी गई थी। अरियारा का विद्यालय भवन बनवाने वाले शिक्षक रामनिवास यादव सेवानिवृत्त हो चुके हैं और नगला दमू विद्यालय का निर्माण कराने वाली शिक्षिका राकेश कुमारी की मौत हो चुकी है।
दोनों भवनों में अभी तक प्लास्टर, फर्श, खिड़की, दरवाजे लगाने और रंगाई-पुताई का काम अधूरा पड़ा है। अमर उजाला ने 29 अक्तूबर के अंक में 26 साल बीतने के बाद भी अरियारा स्कूल का भवन पड़ा अधूरा शीर्षक से खबर को प्रकाशित किया था। डीएम ने इसे गंभीरता से लेकर बीएसए को इसके समेत चार विद्यालयों के अधूरे निर्माण की जांच करने के आदेश दिए हैं। बीएसए लालजी यादव ने बताया कि जांच कराकर शीघ्र रिपोर्ट दी जाएगी।