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चार दिन गुजरे, नहीं आई कनेक्टविटी
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फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन के टिकट कार्यालय में हाईस्पीड मॉडम लगाने पहुंची टीम।
- फोटो : FARRUKHABAD
रेलवे स्टेशन पर चार दिन बाद भी कनेक्टिविटी बहाल नहीं हो सकी है। इससे आरक्षण, एटीवीएम और निजी टिकट वितरण विंडो बंद पड़े हैं। अब गुरुवार तक यदि कनेक्टिविटी नहीं आती है, तो थिंक लाइन भी बंद हो जाएगी। इससे यात्रियों की मुसीबत और ज्यादा बढ़ेगी।
रेलवे स्टेशन पर बीएसएनएल की लाइन चल रही है। यह रविवार सुबह साढ़े छह बजे बंद हो गई थी। इसके बाद बुधवार शाम तक कनेक्टिविटी शुरू नहीं हो सकी थी। इससे न तो रिजर्वेशन हो पा रहे हैं और न ही एटीवीएम चल रही हैं। निजी विंडो भी बंद हैं। इससे पूरा लोड साधारण टिकट वितरण विंडो पर आ गया।
लंबी कतारों के बीच यात्रियों को भी दिक्कतें हो रही हैं। ट्रेन आने के वक्त तक टिकट न मिलने से यात्रियों की गाड़ियां भी छूट जाती हैं। यदि गुरुवार तक कनेक्टिविटी नहीं आती है, तो थिंक लाइन का बंद होना भी तय माना जा रहा है।
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क्या है थिंक लाइन
वाणिज्य अधीक्षक अनुज कुमार गंगवार ने बताया कि थिंक लाइन एक डिवाइस है। इसमें डाटा स्टोर करने की क्षमता 72 घंटे तक की होती है। इसके बाद सेंटर रिजर्वेशन आफिस दिल्ली से संपर्क खत्म हो जाएगा। ऐसे में कंप्यूटर से टिकट निकलनी बंद हो जाएगी। इसके चलते गत्ते वाली टिकट बांटना मजबूरी होगी।
हाईस्पीड का मॉडम लगाने पहुंची टीम
आरक्षण में हाईस्पीड की समस्या तो लंबे समय से चली आ रही थी। इस समस्या को दूर करने के लिए रेलवे ने जोर आजमाइश शुरू कर दी है। कानपुर इज्जतनगर से टेक्नीशियन विकास तीन सदस्यीय टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने हाईस्पीड मॉडम लगाने का काम शुरू कर दिया है। नए मॉडम के शुरू होने के बाद काम में तेजी आएगी।
छूट की टिकट देने में होगी दिक्कतें
यदि गुरुवार तक कनेक्टिविटी नहीं आती है, तो थिंक लाइन बंद हो जाएगी। ऐसे में वरिष्ठ नागरिक, स्वतंत्रता सेनानी आदि तमाम तरह की छूट वाली टिकटों का वितरण करने में बड़ी दिक्कतें आएंगी।
...तो आज से बटेंगे गत्ते वाले टिकट
वाणिज्य अधीक्षक अनुज कुमार गंगवार ने बताया कि थिंक लाइन की क्षमता 72 घंटे तक चलने की होती है। गुरुवार को 72 घंटे पूरे हो जाएंगे। इसके बाद गत्ते वाले टिकट का बांटना मजबूरी होगी।
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रेलवे स्टेशन पर बीएसएनएल की लाइन चल रही है। यह रविवार सुबह साढ़े छह बजे बंद हो गई थी। इसके बाद बुधवार शाम तक कनेक्टिविटी शुरू नहीं हो सकी थी। इससे न तो रिजर्वेशन हो पा रहे हैं और न ही एटीवीएम चल रही हैं। निजी विंडो भी बंद हैं। इससे पूरा लोड साधारण टिकट वितरण विंडो पर आ गया।
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लंबी कतारों के बीच यात्रियों को भी दिक्कतें हो रही हैं। ट्रेन आने के वक्त तक टिकट न मिलने से यात्रियों की गाड़ियां भी छूट जाती हैं। यदि गुरुवार तक कनेक्टिविटी नहीं आती है, तो थिंक लाइन का बंद होना भी तय माना जा रहा है।
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क्या है थिंक लाइन
वाणिज्य अधीक्षक अनुज कुमार गंगवार ने बताया कि थिंक लाइन एक डिवाइस है। इसमें डाटा स्टोर करने की क्षमता 72 घंटे तक की होती है। इसके बाद सेंटर रिजर्वेशन आफिस दिल्ली से संपर्क खत्म हो जाएगा। ऐसे में कंप्यूटर से टिकट निकलनी बंद हो जाएगी। इसके चलते गत्ते वाली टिकट बांटना मजबूरी होगी।
हाईस्पीड का मॉडम लगाने पहुंची टीम
आरक्षण में हाईस्पीड की समस्या तो लंबे समय से चली आ रही थी। इस समस्या को दूर करने के लिए रेलवे ने जोर आजमाइश शुरू कर दी है। कानपुर इज्जतनगर से टेक्नीशियन विकास तीन सदस्यीय टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने हाईस्पीड मॉडम लगाने का काम शुरू कर दिया है। नए मॉडम के शुरू होने के बाद काम में तेजी आएगी।
छूट की टिकट देने में होगी दिक्कतें
यदि गुरुवार तक कनेक्टिविटी नहीं आती है, तो थिंक लाइन बंद हो जाएगी। ऐसे में वरिष्ठ नागरिक, स्वतंत्रता सेनानी आदि तमाम तरह की छूट वाली टिकटों का वितरण करने में बड़ी दिक्कतें आएंगी।
...तो आज से बटेंगे गत्ते वाले टिकट
वाणिज्य अधीक्षक अनुज कुमार गंगवार ने बताया कि थिंक लाइन की क्षमता 72 घंटे तक चलने की होती है। गुरुवार को 72 घंटे पूरे हो जाएंगे। इसके बाद गत्ते वाले टिकट का बांटना मजबूरी होगी।