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सगे भाइयों की चार बच्चियां रामगंगा में डूबीं
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Updated Fri, 23 Oct 2015 11:06 PM IST
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राजेपुर। ब्लाक क्षेत्र के गांव बिचपुरिया कड़क्का के रहने वाले सगे भाइयों की चार पुत्रियां रामगंगा में मिट्टी खोदने के दौरान डूब गईं। सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने एक बच्ची को जिंदा निकाल लिया। जानकारी पर तहसीलदार और फायरब्रिगेड के गोताखोर भी मौके पर पहुंचे। काफी तलाश के बाद दूसरी बच्ची का शव निकाला जा सका। समाचार लिखे जाने तक डूबी बच्चियों की तलाश जारी थी। घटनास्थल पर परिजनों की चीख पुकार मची थी।
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गांव बिचपुरिया कड़क्का निवासी हाकिम दिवाकर और रमेश दिवाकर सगे भाई हैं। हाकिम के तीन पुत्र अमित, सुमित व अजीत और तीन पुत्रियां किरन, सुमन व आरती हैं। वहीं, रमेश के तीन पुत्रियां पूनम, नीलम और कंचन हैं। दोनों मजदूरी कर गुजर-बसर करते हैं। शुक्रवार को हाकिम की पत्नी भगवान देवी, पुत्री किरन (13), सुमन (12) और भतीजी नीलम (12) और कंचन (8) पुत्री रमेश कुमार के साथ दीपावली के त्योहार के चलते लिपाई-पुताई के लिए रामगंगा से मिट्टी खोदने गई थीं। दोपहर करीब 12 बजे मिट्टी खोदने के बाद बच्चियां रामगंगा में हाथ धोने लगीं।
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इसी दौरान किरन का पैर फिसल गया। इससे वह डूबने लगी। उसे डूबता देख सुमन ने उसे बचाने का प्रयास किया तो वह भी डूबने लगी। यह देख नीलम और कंचन ने किरन और सुमन को बचाने की कोशिश की लेकिन यह दोनों भी गहरे पानी में चली गईं। भगवान देवी ने बच्चियों का बचाने का प्रयास किया लेकिन नाकाम रहीं। चारों बच्चियों के डूबने पर भगवान देवी शोर मचाते हुए गांव की ओर दौड़ पड़ीं।
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शोरशराबा सुनकर गांव के तुलाराम, सुरेश यादव और रामसिंह आदि ग्रामीण रामगंगा में डूबी बच्चियों को बचाने कूद पड़े। तुलाराम ने कंचन को सकुशल वापस निकाल लिया। काफी प्रयास के बाद ग्रामीणों ने सुमन को रामगंगा से बाहर निकाला लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना की जानकारी मिलने पर तहसीलदार शेख आलम गीर, कानूनगो शिवमंगल सिंह, लेखपाल विकास दीक्षित, एसओ राजेपुर नरेंद्र प्रताप गौतम, एसआई उदयवीर, फायरब्रिगेड के एसआई भजनलाल यादव, सुरेश कुमार और चंद्रप्रकाश के अलावा गोताखोर घटनास्थल पर पहुंच गए। गोताखोरों ने डूबी बच्चियों की काफी तलाश की लेकिन उनका पता नहीं चला। समाचार लिखे जाने तक बच्चियों की तलाश जारी थी। मृतक बच्ची का शव भी घटनास्थल पर ही रखा था। हाकिम की पत्नी भगवान देवी और रमेश की पत्नी सोनी देवी का रो-रोकर बुरा हाल था।