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गंगा और रागंगा में उफान से 83 गांव बाढ़ से प्रभावित
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नगर जवाहर की बीमार महिला को बाढ़ के पानी दवा दिलाने जाते परिजन। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। गंगा और रामगंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी होने से तटवर्ती 83 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। 30 गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। दस गांव ऐसे है जिनमें बाढ़ का पानी भरने से आवागमन बंद हो गया है। छह गांवों में प्रशासन की ओर से नाव चलवाई जा रही है। अन्य में नाव की व्यवस्था न होने पर ग्रामीण ट्यूब के सहारे आवागमन करने को मजबूर है।
मंगलवार को गंगा का जलस्तर 136.85 से बढ़कर 136.90 मीटर पर पहुंच गया है। यह खतरे के निशान 137.10 मीटर से बीस सेंटीमीटर दूर है। नरौरा बांध से गंगा में एक लाख 39 हजार 398 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसका असर दो दिन में गंगा में दिखाई देगा। रामगंगा के 55 सेंटीमीटर उफान भरने से जलस्तर 134.80 से 135.35 मीटर पर पहुंच गया है।
मंगलवार को 10,404 क्यूसेक पानी रामगंगा में छोड़ा गया। दोनों नदियों के उफान भरने से 83 गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं। इसमें अमृतपुर क्षेत्र के बीस, कंपिल क्षेत्र के पांच और शमसाबाद क्षेत्र के पांच गांवों में पानी भर गया है। इसके अलावा गंगापार क्षेत्र के दस गांव ऐसे हैं, जिनके मार्ग व गांव में बाढ़ का पानी भरने से आवागमन बंद हो गया है।
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बकाया 37 गांवों में गंगा में आई बाढ़ से पानी भरने लगा है। 16 गांव रामगंगा में आई बाढ़ से प्रभावित है। जिन दस गांवों में आवागमन बंद है, उनमें छह गांवों में प्रशासन की ओर से आवागमन के लिए नाव चलवाई जा रही है। चार गांवों में नाव की व्यवस्था न होने से गांव के लोग आवागमन को ट्रैक्टर के पहिये के ट्यूब का सहारा ले रहे हैं।
गौटिया से इमादपुर सोमवंशी जाने वाले मार्ग, बनासीपुर से हमीरपुर जाने वाले मार्ग, तीसराम की मड़ैया गांव के रोड पर दो से तीन फीट पानी बह रहा है। इससे गांव के लोगों को सड़क से निकलना मुश्किल हो रहा है। बाढ़ का पानी भरने से गांव के लोगों को दवा लेने आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है।
पहिये के ट्यूब के सहारे गए दवा लेने - अमृतपुर। कंचनपुर सबलपुर का रास्ता बाढ़ के पानी से बंद हो गया है। गांव के 60 वर्षीय सियाराम की मंगलवार को तबीयत खराब हो गई। आवागमन को नाव न चलने से परिवार के लोग ट्यूब के सहारे सियाराम को बाढ़ के पानी से निकाल कर जमापुर दवा दिलाने आए। दवा लेने के बाद ट्यूब के सहारे ही गांव पहुंचे।
गंगा व रामगंगा में आई बाढ़ से स्कूलों में भरा पानी - अमृतपुर/शमसाबाद। गंगा में आई बाढ़ से परिषदीय स्कूलों में पानी भरना शुरू हो गया है। इससे शिक्षकों के लिए स्कूल जाना मुश्किल हो रहा है। गांव कंचनपुर सबलपुर, उदयपुर, जोगराजपुर, कुड़री, माखन नगला, राम प्रसाद नगला, जटपुरा, लायकपुर, हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, जमापुर, तीसराम की मड़ैया, मंझा की मड़ैया गांव के परिषदीय विद्यालयों में पानी भर गया है। शमसाबाद के कटरी तौफीक गांव के प्राथमिक विद्यालय में पानी भर गया है।
20 गांवों की बिजली बंद - फर्रुखाबाद। गंगा और रामगंगा में आई बाढ़ से गांवों में पानी भर गया है। अमृतपुर क्षेत्र के गांव रामपुर जोगराजपुर में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। इस गांव की बिजली चालू है। मंगलवार को एक पोल से वहां भरे पानी में करंट दौड़ गया। इससे एक गोवंश की करंट से मौत हो गई। अवर अभियंता सतेंद्र कुमार व आदिल ने बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ का पानी भरने से बीस गांवों की बिजली बंद करा दी। जेई आदिल ने बताया कि गांव के लोग बिजली कटवाने का विरोध कर रहे हैं, लेकिन खतरे को देखते हुए बिजली कटवा दी गई है।
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मंगलवार को गंगा का जलस्तर 136.85 से बढ़कर 136.90 मीटर पर पहुंच गया है। यह खतरे के निशान 137.10 मीटर से बीस सेंटीमीटर दूर है। नरौरा बांध से गंगा में एक लाख 39 हजार 398 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसका असर दो दिन में गंगा में दिखाई देगा। रामगंगा के 55 सेंटीमीटर उफान भरने से जलस्तर 134.80 से 135.35 मीटर पर पहुंच गया है।
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मंगलवार को 10,404 क्यूसेक पानी रामगंगा में छोड़ा गया। दोनों नदियों के उफान भरने से 83 गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं। इसमें अमृतपुर क्षेत्र के बीस, कंपिल क्षेत्र के पांच और शमसाबाद क्षेत्र के पांच गांवों में पानी भर गया है। इसके अलावा गंगापार क्षेत्र के दस गांव ऐसे हैं, जिनके मार्ग व गांव में बाढ़ का पानी भरने से आवागमन बंद हो गया है।
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बकाया 37 गांवों में गंगा में आई बाढ़ से पानी भरने लगा है। 16 गांव रामगंगा में आई बाढ़ से प्रभावित है। जिन दस गांवों में आवागमन बंद है, उनमें छह गांवों में प्रशासन की ओर से आवागमन के लिए नाव चलवाई जा रही है। चार गांवों में नाव की व्यवस्था न होने से गांव के लोग आवागमन को ट्रैक्टर के पहिये के ट्यूब का सहारा ले रहे हैं।
गौटिया से इमादपुर सोमवंशी जाने वाले मार्ग, बनासीपुर से हमीरपुर जाने वाले मार्ग, तीसराम की मड़ैया गांव के रोड पर दो से तीन फीट पानी बह रहा है। इससे गांव के लोगों को सड़क से निकलना मुश्किल हो रहा है। बाढ़ का पानी भरने से गांव के लोगों को दवा लेने आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है।
पहिये के ट्यूब के सहारे गए दवा लेने - अमृतपुर। कंचनपुर सबलपुर का रास्ता बाढ़ के पानी से बंद हो गया है। गांव के 60 वर्षीय सियाराम की मंगलवार को तबीयत खराब हो गई। आवागमन को नाव न चलने से परिवार के लोग ट्यूब के सहारे सियाराम को बाढ़ के पानी से निकाल कर जमापुर दवा दिलाने आए। दवा लेने के बाद ट्यूब के सहारे ही गांव पहुंचे।
गंगा व रामगंगा में आई बाढ़ से स्कूलों में भरा पानी - अमृतपुर/शमसाबाद। गंगा में आई बाढ़ से परिषदीय स्कूलों में पानी भरना शुरू हो गया है। इससे शिक्षकों के लिए स्कूल जाना मुश्किल हो रहा है। गांव कंचनपुर सबलपुर, उदयपुर, जोगराजपुर, कुड़री, माखन नगला, राम प्रसाद नगला, जटपुरा, लायकपुर, हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, जमापुर, तीसराम की मड़ैया, मंझा की मड़ैया गांव के परिषदीय विद्यालयों में पानी भर गया है। शमसाबाद के कटरी तौफीक गांव के प्राथमिक विद्यालय में पानी भर गया है।
20 गांवों की बिजली बंद - फर्रुखाबाद। गंगा और रामगंगा में आई बाढ़ से गांवों में पानी भर गया है। अमृतपुर क्षेत्र के गांव रामपुर जोगराजपुर में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। इस गांव की बिजली चालू है। मंगलवार को एक पोल से वहां भरे पानी में करंट दौड़ गया। इससे एक गोवंश की करंट से मौत हो गई। अवर अभियंता सतेंद्र कुमार व आदिल ने बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ का पानी भरने से बीस गांवों की बिजली बंद करा दी। जेई आदिल ने बताया कि गांव के लोग बिजली कटवाने का विरोध कर रहे हैं, लेकिन खतरे को देखते हुए बिजली कटवा दी गई है।