{"_id":"62eab225b5c57e1436152ce0","slug":"five-including-dr-anupam-and-the-then-consolidation-officer-trapped-in-fraud-farrukhabad-news-knp711047482","type":"story","status":"publish","title_hn":"धोखाधड़ी में डॉ.अनुपम व तत्कालीन चकबंदी अधिकारी समेत पांच फंसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धोखाधड़ी में डॉ.अनुपम व तत्कालीन चकबंदी अधिकारी समेत पांच फंसे
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। शहर से सटे गांव अर्रापहाड़पुर में श्रीहनुमानजी महाराज विराजमान मंदिर की जमीन धोखाधड़ी कर हड़पने के मामले में बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे, तत्कालीन चकबंदी अधिकारी समेत पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री के आदेश पर शहर के मोहल्ला बहादुरगंज निवासी एकलव्य कुमार की तहरीर पर पुलिस ने डॉ. अनुपम दुबे, कन्नौज के छिबरामऊ क्षेत्र के गांव निगोह निवासी अभिषेक, रमेश चंद्र गुप्ता, गांव रंधीरपुर निवासी अनुराग, तत्कालीन चकबंदी अधिकारी सत्यप्रकाश सचान के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है।
इसमें कहा गया कि अर्रापहाड़पुर गांव में श्रीहनुमानजी महाराज विराजमान मंदिर के नाम बाग है। बागकूंचा निवासी ट्रस्टी जगदीश चंद्र व डॉ. अनुपम दुबे ने अपने गुर्गे आरोपी रमेश चंद्र गुप्ता, अभिषेक, अनुराग व तत्कालीन चकबंदी अधिकारी सत्यप्रकाश सचान के साथ मिलकर कूटरचित प्रपत्र तैयार कराए और बाग की जमीन अपने नाम करा ली। इसके बाद इस जमीन का कई भूमाफियाओं के नाम बैनामा कर दिया गया।
विज्ञापन
बाद में प्लाटिंग की गई। कुछ मकान बन चुके हैं और कई की नींव भरी पड़ी है। वादी एकलव्य ने बताया कि ट्रस्ट की जमीन में हुए फर्जीवाड़े में कुल 91 लोग मिले हैं। पुलिस को पूरी सूची सौंपी गई है। पुलिस ने पूरे मामले में जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री के आदेश पर शहर के मोहल्ला बहादुरगंज निवासी एकलव्य कुमार की तहरीर पर पुलिस ने डॉ. अनुपम दुबे, कन्नौज के छिबरामऊ क्षेत्र के गांव निगोह निवासी अभिषेक, रमेश चंद्र गुप्ता, गांव रंधीरपुर निवासी अनुराग, तत्कालीन चकबंदी अधिकारी सत्यप्रकाश सचान के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है।
विज्ञापन
इसमें कहा गया कि अर्रापहाड़पुर गांव में श्रीहनुमानजी महाराज विराजमान मंदिर के नाम बाग है। बागकूंचा निवासी ट्रस्टी जगदीश चंद्र व डॉ. अनुपम दुबे ने अपने गुर्गे आरोपी रमेश चंद्र गुप्ता, अभिषेक, अनुराग व तत्कालीन चकबंदी अधिकारी सत्यप्रकाश सचान के साथ मिलकर कूटरचित प्रपत्र तैयार कराए और बाग की जमीन अपने नाम करा ली। इसके बाद इस जमीन का कई भूमाफियाओं के नाम बैनामा कर दिया गया।
विज्ञापन
बाद में प्लाटिंग की गई। कुछ मकान बन चुके हैं और कई की नींव भरी पड़ी है। वादी एकलव्य ने बताया कि ट्रस्ट की जमीन में हुए फर्जीवाड़े में कुल 91 लोग मिले हैं। पुलिस को पूरी सूची सौंपी गई है। पुलिस ने पूरे मामले में जांच शुरू कर दी है।