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शार्ट सर्किट से लगी आग, अधिवक्ता की मां व पत्नी की मौत
अमर उजाला/फर्रुखाबाद
Updated Tue, 06 Dec 2016 10:45 PM IST
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शहर कोतवाली के मोहल्ला नया कोठा पार्चा में सोमवार की रात अधिवक्ता के घर में शार्ट सर्किट से लगी आग से झुलसने से उसकी पत्नी व मां की मौत हो गई।
अधिवक्ता आशुतोष बाजपेई ने अपने मकान के अगले हिस्से में चेंबर बनाया है। सोमवार रात उनकी पत्नी अंजना (50) और मां रामचहेती (68) इसी चेंबर में सो रही थीं। अधिवक्ता छत पर बने कमरे में सो गए। रात करीब 12:30 बजे शार्ट सर्किट से स्टेपलाइजर में आग लग गई और चिंगारी किताबों पर जा गिरी, जिससे किताबों में भी आग लग गई।
कुछ ही देर में पूरा चेंबर जलने लगा। सास-बहू की आंख खुली तो वे दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन धुएं के कारण खोल नहीं पाई। शोर और धुआं देख अधिवक्ता आशुतोष बाजपेई नीचे उतरे और दरवाजा तोड़कर दोनों को बाहर निकाला। इस दौरान पास-पड़ोस के लोग भी जुट गए।
अधिवक्ता के घर की बिजली काटी और फिर चेंबर से दोनों को बाहर निकाला गया। इस दौरान उनकी पत्नी अंजना की झुलसने से मौत हो चुकी थी। जबकि उनकी मां रामचहेती को गंभीरावस्था में लोहिया ले जाया गया, जहां से कानपुर रेफर कर दिया गया। कानपुर में इलाज के दौरान रामचहेती ने भी दम तोड़ दिया।
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घटना की सूचना पाकर शहर कोतवाल द्रविड़ सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने शव का पंचनामा भरकर पति आशुतोष को सौंप दिया।
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अधिवक्ता आशुतोष बाजपेई ने अपने मकान के अगले हिस्से में चेंबर बनाया है। सोमवार रात उनकी पत्नी अंजना (50) और मां रामचहेती (68) इसी चेंबर में सो रही थीं। अधिवक्ता छत पर बने कमरे में सो गए। रात करीब 12:30 बजे शार्ट सर्किट से स्टेपलाइजर में आग लग गई और चिंगारी किताबों पर जा गिरी, जिससे किताबों में भी आग लग गई।
कुछ ही देर में पूरा चेंबर जलने लगा। सास-बहू की आंख खुली तो वे दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन धुएं के कारण खोल नहीं पाई। शोर और धुआं देख अधिवक्ता आशुतोष बाजपेई नीचे उतरे और दरवाजा तोड़कर दोनों को बाहर निकाला। इस दौरान पास-पड़ोस के लोग भी जुट गए।
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अधिवक्ता के घर की बिजली काटी और फिर चेंबर से दोनों को बाहर निकाला गया। इस दौरान उनकी पत्नी अंजना की झुलसने से मौत हो चुकी थी। जबकि उनकी मां रामचहेती को गंभीरावस्था में लोहिया ले जाया गया, जहां से कानपुर रेफर कर दिया गया। कानपुर में इलाज के दौरान रामचहेती ने भी दम तोड़ दिया।
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घटना की सूचना पाकर शहर कोतवाल द्रविड़ सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने शव का पंचनामा भरकर पति आशुतोष को सौंप दिया।