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बुखार ने बना दिया ‘बच्चा’
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
Updated Wed, 28 Sep 2016 11:33 PM IST
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अस्पताल में लगी भ्ाीड़
- फोटो : अमर उजाला
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लोहिया अस्पताल में जांच के लिए आए बुखार पीड़ित मरीज ‘बच्चा’ बनने पर मजबूर है। फिजीशियन के लगातार छुट्टी पर चलने के कारण मरीजों को अपना इलाज बाल रोग विशेषज्ञ से कराना पड़ रहा है।
बाल रोग के अलावा ह्दय रोग विशेषज्ञ और नेत्र रोग विशेषज्ञ भी बुखार मरीजों की जांच में जुटे हैं।
इंफैक्शन के डर से दूर डॉक्टर भी धड़ल्ले से बच्चे, बूढ़े और जवानों का इलाज एक ही छत के नीचे कर रहे हैं। बुधवार को टाइफाइड के 35 मलेरिया के छह मरीज मिले।
लोहिया अस्पताल में बुधवार को करीब 535 मरीजों ने अपने पर्चे बनवाए।
फिजीशियन के अस्पताल में न बैठने पर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ एसपी सिंह ने मरीजों का परीक्षण किया। जिस कमरे में बुखार, खांसी, जुकाम के बड़े मरीज थे, उसी कमरे में बीमार छोटे बच्चों का भी इलाज चल रहा था। फिजीशियन न होने की वजह से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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वहीं, लोहिया अस्पताल में बुखार से पीड़ित मरीजों की खून जांच की गई। इनमें धर्मेंद्र पुत्र रामदास निवासी ग्वालटोली, रावेंद्र पुत्र फूलसिंह निवासी आकलगंज, रामनरेश निवासी आवास विकास कालोनी, विजय पुत्र रामसिंह निवासी भोलेपुर, यासमीन पुत्री शमशुल निवासी सोताबहादुरपुर, बंटी पुत्र राकेश निवासी उम्मरपुर मलेरिया से पीड़ित निकले। इसके अलावा 35 मरीजों के टाइफाइड होने की पुष्टि हुई।
इन जांचों में कोई मरीज डेंगू का नहीं मिला। मरीजों को दवा लेने के लिए धक्कामुक्की करने पड़ी। प्रभारी सीएमएस डॉक्टर बीके दुबे ने बताया कि फिजीशियन कोर्ट गए हुए हैं। इस कारण मरीजों का इलाज बाल रोग विशेषज्ञ, हार्ट और नेत्र रोग विशेषज्ञ से करवाया गया।
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बाल रोग के अलावा ह्दय रोग विशेषज्ञ और नेत्र रोग विशेषज्ञ भी बुखार मरीजों की जांच में जुटे हैं।
इंफैक्शन के डर से दूर डॉक्टर भी धड़ल्ले से बच्चे, बूढ़े और जवानों का इलाज एक ही छत के नीचे कर रहे हैं। बुधवार को टाइफाइड के 35 मलेरिया के छह मरीज मिले।
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लोहिया अस्पताल में बुधवार को करीब 535 मरीजों ने अपने पर्चे बनवाए।
फिजीशियन के अस्पताल में न बैठने पर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ एसपी सिंह ने मरीजों का परीक्षण किया। जिस कमरे में बुखार, खांसी, जुकाम के बड़े मरीज थे, उसी कमरे में बीमार छोटे बच्चों का भी इलाज चल रहा था। फिजीशियन न होने की वजह से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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वहीं, लोहिया अस्पताल में बुखार से पीड़ित मरीजों की खून जांच की गई। इनमें धर्मेंद्र पुत्र रामदास निवासी ग्वालटोली, रावेंद्र पुत्र फूलसिंह निवासी आकलगंज, रामनरेश निवासी आवास विकास कालोनी, विजय पुत्र रामसिंह निवासी भोलेपुर, यासमीन पुत्री शमशुल निवासी सोताबहादुरपुर, बंटी पुत्र राकेश निवासी उम्मरपुर मलेरिया से पीड़ित निकले। इसके अलावा 35 मरीजों के टाइफाइड होने की पुष्टि हुई।
इन जांचों में कोई मरीज डेंगू का नहीं मिला। मरीजों को दवा लेने के लिए धक्कामुक्की करने पड़ी। प्रभारी सीएमएस डॉक्टर बीके दुबे ने बताया कि फिजीशियन कोर्ट गए हुए हैं। इस कारण मरीजों का इलाज बाल रोग विशेषज्ञ, हार्ट और नेत्र रोग विशेषज्ञ से करवाया गया।