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सांसद की शिकायत और शासन के आदेश पर भी कार्रवाई नहीं
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फर्रुखाबाद। कोरोना संक्रमित मरीजों को एल-1 अस्पताल में भरपेट भोजन न मिलने की शिकायत भाजपा सांसद मुकेश राजपूत ने मुख्यमंत्री से की थी। शासन से जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए गए। दो माह बाद भी न तो जांच पूरी हुई और न ही कोई कार्रवाई हुई।
भाजपा सांसद ने सात जून को मुख्यमंत्री से शिकायत की कि बरौन सीएचसी में एल-1 अस्पताल बनाया गया। इसमें 30 संक्रमित मरीज भर्ती हैं। जानकारी मिली है कि मरीजों को पर्याप्त भोजन न मिल रहा है। प्रशासन की मिलीभगत से खेल चल रहा है। ठेकेदार ने डाक्टरों पर खाना खा जाने का आरोप लगाया तो सीडीओ ने भी समर्थन कर दिया। इससे डाक्टर नाराज हो गए। जिलाधिकारी ने ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए, साठगांठ के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वह स्वयं अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे और मेन्यू के अनुसार, भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बावजूद भोजन का रोस्टर नहीं बनाया गया। ठेकेदार मनमानी कर रहा है। वर्ष 2018 से एक ही ठेकेदार को निविदाएं दी जा रही हैं। सांसद की शिकायत पर मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष कार्याधिकारी आरएन सिंह ने 22 जून को मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आदेश जिला मुख्यालय पर भेज दिया। अभी तक सांसद की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इतना जरूर हुआ कि एल-1 अस्पताल बरौन सीएचसी से डा. अनार सिंह मेडिकल कालेज में शिफ्ट कर दिया गया। जुलाई में सीएमओ डा.चंद्रशेखर का स्थानांतरण भी हो गया। सांसद मुकेश राजपूत ने बताया कि अभी तक उन्हें न तो जांच रिपोर्ट दिखाई गई और न ही जांच पूरी होने की जानकारी दी गई। सीएमओ डा. वंदना सिंह ने बताया कि उनकी तैनाती से पहले का मामला है। फिर भी जांच पत्रावली के संबंध में जानकारी करेंगी। आवश्यकतानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।
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भाजपा सांसद ने सात जून को मुख्यमंत्री से शिकायत की कि बरौन सीएचसी में एल-1 अस्पताल बनाया गया। इसमें 30 संक्रमित मरीज भर्ती हैं। जानकारी मिली है कि मरीजों को पर्याप्त भोजन न मिल रहा है। प्रशासन की मिलीभगत से खेल चल रहा है। ठेकेदार ने डाक्टरों पर खाना खा जाने का आरोप लगाया तो सीडीओ ने भी समर्थन कर दिया। इससे डाक्टर नाराज हो गए। जिलाधिकारी ने ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए, साठगांठ के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वह स्वयं अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे और मेन्यू के अनुसार, भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बावजूद भोजन का रोस्टर नहीं बनाया गया। ठेकेदार मनमानी कर रहा है। वर्ष 2018 से एक ही ठेकेदार को निविदाएं दी जा रही हैं। सांसद की शिकायत पर मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष कार्याधिकारी आरएन सिंह ने 22 जून को मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आदेश जिला मुख्यालय पर भेज दिया। अभी तक सांसद की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इतना जरूर हुआ कि एल-1 अस्पताल बरौन सीएचसी से डा. अनार सिंह मेडिकल कालेज में शिफ्ट कर दिया गया। जुलाई में सीएमओ डा.चंद्रशेखर का स्थानांतरण भी हो गया। सांसद मुकेश राजपूत ने बताया कि अभी तक उन्हें न तो जांच रिपोर्ट दिखाई गई और न ही जांच पूरी होने की जानकारी दी गई। सीएमओ डा. वंदना सिंह ने बताया कि उनकी तैनाती से पहले का मामला है। फिर भी जांच पत्रावली के संबंध में जानकारी करेंगी। आवश्यकतानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।
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