{"_id":"5e5be96d8ebc3ef3ec538ea3","slug":"election-process-of-cooperative-bank-from-25-to-7-farrukhabad-news-knp5479379185","type":"story","status":"publish","title_hn":"सहकारी बैंक की चुनाव प्रक्रिया 25 से, 7 को मतदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहकारी बैंक की चुनाव प्रक्रिया 25 से, 7 को मतदान
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। जिला सहकारी बैंक में शिकायत से कार्रवाई तक दो साल चले घमासान के बाद अब चुनावी बिगुल बज गया है। जिला सहकारी बैंक पर वर्षों से सपा काबिज थी। पहली बार भाजपा काबिज होने को जोर लगाए है। गत वर्ष बोर्ड की बैठक में हुए बवाल के बाद सपा भी सामने आने की जुगत में लग गई है।
जिला सहकारी बैंक फतेहगढ़ की प्रबंध कमेटी में 13 संचालकों में से 12 संचालक अयोग्य घोषित हो चुके थे। जबकि एक निर्वाचित सदस्य शेष रह जाने से बोर्ड अल्पमत में आया गया था। इससे बोर्ड भंग कर 6 माह में चुनाव कराने की घोषणा के साथ दिसंबर में जिलाधिकारी को प्रशासक बना दिया गया था।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त पीके महांति ने निर्वाचन कार्यक्रम घोषित कर दिया। संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त निबंधक सहकारिता कानपुर मंडल ने 7 अप्रैल को मतदान की तिथि घोषित की है। प्रबंध कमेटी के सदस्यों के चुनाव के लिए 25 मार्च को अनंतिम सूची जारी होगी। 26 को आपत्ति दाखिल होगी, जबकि 27 को आपत्तियों के निस्तारण के साथ अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।
विज्ञापन
30 मार्च को नाम निर्देशन प्रपत्र दाखिल होंगे और 31 को प्रपत्रों की जांच के साथ वैध नाम घोषित किए जाएंगे। तीन अप्रैल को नाम वापसी की जाएगी। उसी दिन चुनाव चिह्न आवंटित होंगे। सात अप्रैल को मतदान कराया जाएगा। उसी दिन मतगणना और परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। 8 अप्रैल को सभापति व उपसभापति का चुनाव कराया जाएगा।
बवाल से सबक लेकर सामना करेगी सपा
जिला सहकारी बैंक में वर्ष 1967 से समाजवादी पार्टी का ही प्रतिनिधित्व रहा। प्रदेश में भाजपा के सत्ता आने के बाद दो वर्ष से भाजपाइयों की जिला सहकारी बैंक पर निगाहें लगी हैं। तीन फरवरी 2019 को जिला सहकारी बैंक बोर्ड की बैठक में भाजपाइयों से जमकर विवाद हुआ। इसमें कुर्सियों के साथ पत्थर भी चले थे। बैठक निरस्त हो गई थी।
सपा जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारुकी ने बताया कि भाजपाइयों ने बोर्ड की बैठक में सत्ता का दुरुपयोग कर अराजकता की थी। सबक लेते हुए सहकारी बैंक के चुनाव में दमदारी से मुकाबला किया जाएगा। प्रत्याशी घोषित करने के संबंध में उन्होंने कहा कि अभी प्रदेश नेतृत्व से वार्ता करनी है। सहकारी बैंक के प्रतिनिधि मंडल पर फिर सपा ही काबिज होगी।
भाजपा में प्रत्याशी को लेकर असंतुष्टि
भाजपा में घोषित किए गए प्रत्याशी को लेकर भीतर ही भीतर विरोध शुरू हो गया है। पहले से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदार को मौका नहीं मिला। नया प्रत्याशी उतार दिया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता ने बताया कि पार्टी नेतृत्व ने प्रत्याशी पर फैसला लिया है। उस पर कोई विरोध नहीं है। पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है।
विज्ञापन
जिला सहकारी बैंक फतेहगढ़ की प्रबंध कमेटी में 13 संचालकों में से 12 संचालक अयोग्य घोषित हो चुके थे। जबकि एक निर्वाचित सदस्य शेष रह जाने से बोर्ड अल्पमत में आया गया था। इससे बोर्ड भंग कर 6 माह में चुनाव कराने की घोषणा के साथ दिसंबर में जिलाधिकारी को प्रशासक बना दिया गया था।
विज्ञापन
मुख्य निर्वाचन आयुक्त पीके महांति ने निर्वाचन कार्यक्रम घोषित कर दिया। संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त निबंधक सहकारिता कानपुर मंडल ने 7 अप्रैल को मतदान की तिथि घोषित की है। प्रबंध कमेटी के सदस्यों के चुनाव के लिए 25 मार्च को अनंतिम सूची जारी होगी। 26 को आपत्ति दाखिल होगी, जबकि 27 को आपत्तियों के निस्तारण के साथ अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।
विज्ञापन
30 मार्च को नाम निर्देशन प्रपत्र दाखिल होंगे और 31 को प्रपत्रों की जांच के साथ वैध नाम घोषित किए जाएंगे। तीन अप्रैल को नाम वापसी की जाएगी। उसी दिन चुनाव चिह्न आवंटित होंगे। सात अप्रैल को मतदान कराया जाएगा। उसी दिन मतगणना और परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। 8 अप्रैल को सभापति व उपसभापति का चुनाव कराया जाएगा।
बवाल से सबक लेकर सामना करेगी सपा
जिला सहकारी बैंक में वर्ष 1967 से समाजवादी पार्टी का ही प्रतिनिधित्व रहा। प्रदेश में भाजपा के सत्ता आने के बाद दो वर्ष से भाजपाइयों की जिला सहकारी बैंक पर निगाहें लगी हैं। तीन फरवरी 2019 को जिला सहकारी बैंक बोर्ड की बैठक में भाजपाइयों से जमकर विवाद हुआ। इसमें कुर्सियों के साथ पत्थर भी चले थे। बैठक निरस्त हो गई थी।
सपा जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारुकी ने बताया कि भाजपाइयों ने बोर्ड की बैठक में सत्ता का दुरुपयोग कर अराजकता की थी। सबक लेते हुए सहकारी बैंक के चुनाव में दमदारी से मुकाबला किया जाएगा। प्रत्याशी घोषित करने के संबंध में उन्होंने कहा कि अभी प्रदेश नेतृत्व से वार्ता करनी है। सहकारी बैंक के प्रतिनिधि मंडल पर फिर सपा ही काबिज होगी।
भाजपा में प्रत्याशी को लेकर असंतुष्टि
भाजपा में घोषित किए गए प्रत्याशी को लेकर भीतर ही भीतर विरोध शुरू हो गया है। पहले से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदार को मौका नहीं मिला। नया प्रत्याशी उतार दिया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता ने बताया कि पार्टी नेतृत्व ने प्रत्याशी पर फैसला लिया है। उस पर कोई विरोध नहीं है। पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है।