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Farrukhabad News: सीएमओ की बिना अनुमति 8.94 करोड़ का ड्रग वेयर हाउस हस्तांतरित
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फर्रुखाबाद। मोहम्मदाबाद में नवनिर्मित ड्रग वेयर हाउस का फार्मासिस्ट ने सीएमओ की बिना अनुमति भवन हस्तांतरित कर लिया। भवन के ऊपर से 33केवी बिजली लाइन होने से हादसे की आशंका बनी हुई है। भवन में गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। सीएमओ ने फार्मासिस्ट के खिलाफ एनएचएम के एमडी को पत्र भेजा है।
स्वास्थ्य विभाग की कारपोरेशन से आने वाली दवाओं के भंडारण के लिए एनएचएम से आठ करोड़ 94 लाख 40 हजार रुपये की लागत से मोहम्मदाबाद में ड्रग वेयर हाउस का निर्माण कराया गया। निर्माण की गुणवत्ता खराब हाेने से दीवारों व छत में सीलन आ रही है। बरसात होने पर परिसर में जलभराव हो जाता है।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी खराब है। भवन में कई कमियां होने के साथ ऊपर से बिजली की 33केवी लाइन व 11केवी लाइन निकली है। दवाओं से भरा ट्रक आने पर यदि बिजली लाइन में फाल्ट हुआ तो लाखों की दवा का नुकसान होने के साथ ही हादसे की भी आशंका बनी हुई।
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23 जुलाई को उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाइज कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक जगदीश ने सीएमओ को पत्र भेजकर 30 जुलाई को भवन का हस्तांतरण लेने के लिए कहा। इसके साथ ही भवन प्रभारी फार्मासिस्ट रजनेश यादव को पत्र भेजकर हस्तांतरण प्रकिया पूरी करने के लिए कहा।
फार्मासिस्ट ने सीएमओ से अनुमति लिए बिना ही 30 जुलाई को कार्यदायी संस्था से भवन का हस्तांतरण ले लिया। अधोमानक निर्मित भवन का हस्तांतरण लेने पर सीएमओ ने नाराजगी जताई। इसके साथ ही फार्मासिस्ट के खिलाफ एनएचएम के प्रबंध निदेशक को पत्र भेज दिया है। विदित है कि छह माह पूर्व नवाबगंज में बड़ी मात्रा में फेंकी गईं सरकारी दवाएं मिली थीं। सीएमओ ने लापरवाही के आरोप में फार्मासिस्ट को ड्रग वेयर हाउस से हटा दिया था।
सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने बताया कि अधोमानक भवन का मनमाने तरीके से बिना सूचना दिए हस्तांतरण लेने के मामले में उन्होंने फार्मासिस्ट रजनेश यादव के खिलाफ 21 अगस्त को एनएचएम के एमडी को पत्र भेज दिया है। फार्मासिस्ट के खिलाफ वहीं से कार्रवाई तय की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग को भेजा जाएगा नोटिस
बिजली विभाग ग्रामीण खंड के अधिशासी अभियंता सुशील कुमार ने बताया कि 33केवी व 11केवी लाइन के नीचे भवन निर्माण कराने के मामले में वह एसडीओ से जांच कराएंगे। एसडीओ की जांच आख्या के आधार पर विभाग की बिना अनुमति व बिना लाइन शिफ्ट कराए भवन निर्माण कराने में स्वास्थ्य विभाग को नोटिस भेजेंगे। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई तय की जाएगी।
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स्वास्थ्य विभाग की कारपोरेशन से आने वाली दवाओं के भंडारण के लिए एनएचएम से आठ करोड़ 94 लाख 40 हजार रुपये की लागत से मोहम्मदाबाद में ड्रग वेयर हाउस का निर्माण कराया गया। निर्माण की गुणवत्ता खराब हाेने से दीवारों व छत में सीलन आ रही है। बरसात होने पर परिसर में जलभराव हो जाता है।
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रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी खराब है। भवन में कई कमियां होने के साथ ऊपर से बिजली की 33केवी लाइन व 11केवी लाइन निकली है। दवाओं से भरा ट्रक आने पर यदि बिजली लाइन में फाल्ट हुआ तो लाखों की दवा का नुकसान होने के साथ ही हादसे की भी आशंका बनी हुई।
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23 जुलाई को उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाइज कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक जगदीश ने सीएमओ को पत्र भेजकर 30 जुलाई को भवन का हस्तांतरण लेने के लिए कहा। इसके साथ ही भवन प्रभारी फार्मासिस्ट रजनेश यादव को पत्र भेजकर हस्तांतरण प्रकिया पूरी करने के लिए कहा।
फार्मासिस्ट ने सीएमओ से अनुमति लिए बिना ही 30 जुलाई को कार्यदायी संस्था से भवन का हस्तांतरण ले लिया। अधोमानक निर्मित भवन का हस्तांतरण लेने पर सीएमओ ने नाराजगी जताई। इसके साथ ही फार्मासिस्ट के खिलाफ एनएचएम के प्रबंध निदेशक को पत्र भेज दिया है। विदित है कि छह माह पूर्व नवाबगंज में बड़ी मात्रा में फेंकी गईं सरकारी दवाएं मिली थीं। सीएमओ ने लापरवाही के आरोप में फार्मासिस्ट को ड्रग वेयर हाउस से हटा दिया था।
सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने बताया कि अधोमानक भवन का मनमाने तरीके से बिना सूचना दिए हस्तांतरण लेने के मामले में उन्होंने फार्मासिस्ट रजनेश यादव के खिलाफ 21 अगस्त को एनएचएम के एमडी को पत्र भेज दिया है। फार्मासिस्ट के खिलाफ वहीं से कार्रवाई तय की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग को भेजा जाएगा नोटिस
बिजली विभाग ग्रामीण खंड के अधिशासी अभियंता सुशील कुमार ने बताया कि 33केवी व 11केवी लाइन के नीचे भवन निर्माण कराने के मामले में वह एसडीओ से जांच कराएंगे। एसडीओ की जांच आख्या के आधार पर विभाग की बिना अनुमति व बिना लाइन शिफ्ट कराए भवन निर्माण कराने में स्वास्थ्य विभाग को नोटिस भेजेंगे। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई तय की जाएगी।