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डीएम ने लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को लगाई फटकार
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Sat, 18 Apr 2015 11:31 PM IST
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बेमौसम बरसात से खराब हुई फसल का जिलाधिकारी ने मोहम्मदाबाद क्षेत्र के
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गांवों में पहुंच कर जायजा लिया। खिमसेपुर गांव के बाहर सड़क किनारे खराब
हुई फसल का सर्वे करते हुए लेखपाल मिले। सड़क पर खडे़ होेकर सर्वे करने पर
डीएम ने लेखपाल को फटकार लगा दी। फसल खराब होने की जो सूची तैयार की, उसमें
कइयों के नाम अंकित न करने पर लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को चेताया है।
शनिवार को समाधान दिवस पर मोहम्मदाबाद कोतवाली में पीड़ितों की फरियाद सुनने के बाद जिलाधिकारी एनकेएस चौहान बरसात से हुई फसल की नुकसानी का जायजा लेने निकले। उन्हाेेंने गांव तकीपुर में राजाराम पाल, मनोज कुमार, जय सिंह के खेतों को देखा। इसके बाद खिमसेपुर गांव पहुचने से पहले रास्ते में नंदसा निवासी शिव प्रताप, राम
प्रताप की फसल हाथ में लेकर देखी। खिमसेपुर में लेखपाल प्रभात अग्निहोत्री प्रधान सुरेश चंद्र पाल व गांव के अन्य लोगों के साथ सड़क किनारे खड़े थे। यहीं से फसल की नुकसानी का जायजा ले रहे थे। यह देख डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने कहा कि गांव के अंदर जाकर फसल का नुकसान देखने में कोई दिक्कत है। अगर यहीं हाल रहा तो एक समय आएगा कि
ग्रामीण लेखपालों को गांव में घुसने नहीं देंगे। फटकार लगाने के बाद लेखपाल को साथ लेकर गांव के अंदर खेतों मेें गए। प्रेमचंद्र, महेश के खेत में पहुंच कर फसल देखी। लेखपाल से फसल नुकसान संबंधी सूची मांग कर किसान शिवप्रताप व रामप्रताप का नाम देखा। ये दोनों नाम नहीं होने पर डीएम ने लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की दोबारा फटकार लगाई।
ग्रामीण अखिलेश बहेलिया, कुंवर बहादुर, सूबेदार वर्मा, अनिल राठौर ने बताया कि लेखपाल को पहली बार गांव में देखा है। यह सुनकर डीएम बोले, लेखपाल पद की बदनामी क्यों कर रहे हो। सर्वे ठीक से कर सूची तैयार करने के बाद उपलब्ध कराई जाए। डीएम के साथ उपकृषि निदेशक एके सिंह, कोतवाल कुंवर बहादुर सिंह उपस्थित रहे। डीएम ने बताया कि अभी
तक जिले के आकंड़ों के अनुसार 35 फीसदी से अधिक फसल को नुकसान हुआ है। गांव खिमसेपुर में 50 फीसदी से अधिक का नुकसान हुआ है। लौटते समय रोहिला के मौजीराम, निसाई के मुनेन्द्र सिंह चौहान के खेतों का जायजा लिया। इसके बाद जाजपुर बंजारा स्थित सरकारी कृषि फार्म में की गई गेहूं की फसल देखी। जाजपुर बंजारा में कृषि विज्ञान केंद्र का निरीक्षण किया। डीएम ने इसके हस्तांतरण की कार्रवाई शीघ्र करने के निर्देश उपकृषि निदेशक को दिए हैं।
36 अफसरों की लगाई ड्यूटी
जिलाधिकारी ने बताया कि लेखपाल की सर्वे रिपोर्ट की जांच करने के लिए जिलास्तरीय 36 अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है। अगर किसी किसान का नाम छूट गया है, तो उसका नाम सूची में शामिल किया जाएगा।
एसडीएम सदर ने लिया जाएजा
मोहम्मदाबाद उपजिलाधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव गोसरपुर, कटिन्नामानिकपुर, मदनपुर गांव में पहुंच कर किसानों की बरसात बर्बाद हुई फसल का जायजा लिया।
शनिवार को समाधान दिवस पर मोहम्मदाबाद कोतवाली में पीड़ितों की फरियाद सुनने के बाद जिलाधिकारी एनकेएस चौहान बरसात से हुई फसल की नुकसानी का जायजा लेने निकले। उन्हाेेंने गांव तकीपुर में राजाराम पाल, मनोज कुमार, जय सिंह के खेतों को देखा। इसके बाद खिमसेपुर गांव पहुचने से पहले रास्ते में नंदसा निवासी शिव प्रताप, राम
प्रताप की फसल हाथ में लेकर देखी। खिमसेपुर में लेखपाल प्रभात अग्निहोत्री प्रधान सुरेश चंद्र पाल व गांव के अन्य लोगों के साथ सड़क किनारे खड़े थे। यहीं से फसल की नुकसानी का जायजा ले रहे थे। यह देख डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने कहा कि गांव के अंदर जाकर फसल का नुकसान देखने में कोई दिक्कत है। अगर यहीं हाल रहा तो एक समय आएगा कि
ग्रामीण लेखपालों को गांव में घुसने नहीं देंगे। फटकार लगाने के बाद लेखपाल को साथ लेकर गांव के अंदर खेतों मेें गए। प्रेमचंद्र, महेश के खेत में पहुंच कर फसल देखी। लेखपाल से फसल नुकसान संबंधी सूची मांग कर किसान शिवप्रताप व रामप्रताप का नाम देखा। ये दोनों नाम नहीं होने पर डीएम ने लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की दोबारा फटकार लगाई।
ग्रामीण अखिलेश बहेलिया, कुंवर बहादुर, सूबेदार वर्मा, अनिल राठौर ने बताया कि लेखपाल को पहली बार गांव में देखा है। यह सुनकर डीएम बोले, लेखपाल पद की बदनामी क्यों कर रहे हो। सर्वे ठीक से कर सूची तैयार करने के बाद उपलब्ध कराई जाए। डीएम के साथ उपकृषि निदेशक एके सिंह, कोतवाल कुंवर बहादुर सिंह उपस्थित रहे। डीएम ने बताया कि अभी
तक जिले के आकंड़ों के अनुसार 35 फीसदी से अधिक फसल को नुकसान हुआ है। गांव खिमसेपुर में 50 फीसदी से अधिक का नुकसान हुआ है। लौटते समय रोहिला के मौजीराम, निसाई के मुनेन्द्र सिंह चौहान के खेतों का जायजा लिया। इसके बाद जाजपुर बंजारा स्थित सरकारी कृषि फार्म में की गई गेहूं की फसल देखी। जाजपुर बंजारा में कृषि विज्ञान केंद्र का निरीक्षण किया। डीएम ने इसके हस्तांतरण की कार्रवाई शीघ्र करने के निर्देश उपकृषि निदेशक को दिए हैं।
36 अफसरों की लगाई ड्यूटी
जिलाधिकारी ने बताया कि लेखपाल की सर्वे रिपोर्ट की जांच करने के लिए जिलास्तरीय 36 अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है। अगर किसी किसान का नाम छूट गया है, तो उसका नाम सूची में शामिल किया जाएगा।
एसडीएम सदर ने लिया जाएजा
मोहम्मदाबाद उपजिलाधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव गोसरपुर, कटिन्नामानिकपुर, मदनपुर गांव में पहुंच कर किसानों की बरसात बर्बाद हुई फसल का जायजा लिया।