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बजिली हो गई सपना, ‘सौभाग्य’ से भी नहीं मिल सकी रोशनी

Mon, 07 Oct 2019 11:03 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 07 Oct 2019 11:03 PM IST
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District declared fortunate, line in Osmanpur not covered
गांव उस्मानपुर के बाहर बगैर तार के खड़े पोल। - फोटो : FARRUKHABAD
प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी सौभाग्य योजना में करोड़ों रुपये खर्च कर घर-घर बिजली पहुंचाने का प्रयास किया गया। इस पर भी अधिकारियों की लापरवाही व मनमानी भारी रही। हालात ये हैं कि ब्लाक नवाबगंज के गांव उस्मानपुर में 10 वर्ष पूर्व हुए विद्युतीकरण के बाद बिजली आई और 10 दिन बाद ही तार उतरने शुरू हो गए। धीरे-धीरे पूरी लाइन उतरकर खंभे ठूंठ हो गए। सौभाग्य योजना में अधिकारियों ने इस गांव को शामिल नहीं किया। इससे ग्रामीणों के लिए बिजली सपना हो गई।
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जनपद में पं.दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत 132 करोड़ रुपये की लागत से 1200 से अधिक गांवों का विद्युतीकरण किया गया। इसके बाद जिले के छूटे गांव व अधूरे विद्युतीकरण को पूरा कराने के लिए सौभाग्य योजना आई। इससे गांव के हर घर में बिजली पहुंचाने का प्रयास किया गया।
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‘सौभाग्य’ में गरीबों को निशुल्क बिजली कनेक्शन दिए गए। इसमें भी करीब 170 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही जा रही है। शासन से फरमान जारी होने के बाद अधिकारियों ने सभी गांव विद्युतीकरण से संतृप्त दिखाकर जिला सौभाग्यशाली घोषित कर दिया।
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इसके बाद भी अधिकारियों ने काम पूरा कराने का प्रयास नहीं किया, इससे जमीनी हकीकत ही बदल गई। नवाबगंज क्षेत्र के गांव उस्मानपुर में 11 वर्ष पूर्व रिलायंस द्वारा विद्युतीकरण किया गया। 13 ग्रामीणों को कनेक्शन भी दिए गए। इसके 10 दिन बाद ही किसी के घर में आग लग गई। इससे गांव जाने वाली लाइन के तार पिघलकर टूट गए।
तबसे गांव की बिजली गुल हो गई। जिम्मेदारों ने नया तार डालने की जहमत नहीं उठाई और धीरे-धीरे पूरी लाइन के तार उतार लिए गए। इन दिनों गांव के अंदर से बाहर तक बिना तार के खड़े विद्युुत पोल लोगों का मुंह चिढ़ा रहे हैं। गांव के दिलीप सिंह, विद्याराम, राजेश कुमार, अंकुर, निर्देश कुमार आदि का कहना है कि वह लोग कई बार अधिकारियों से मिलकर शिकायत कर चुके हैं।

किसी ने भी न तो सुनवाई की और न ही गांव में विद्युतीकरण कराने का प्रयास। इससे केंद्र सरकार की सौभाग्य योजना पर भले ही करोड़ों खर्च हुए हों, लेकिन उन लोगों को बिजली की रोशनी नसीब नहीं हो सकी। इस गांव को सौभाग्य योजना में शामिल नहीं किया गया।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
इसकी जानकारी नहीं है, उस्मानपुर में किस फर्म ने काम किया था। इसकी जानकारी की जाएगी। वहां की स्थिति क्या है, एसडीओ को भेज कर दिखवाया जाएगा।
एके श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता
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