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महकमे सूखा से निपटने को तैयार

Tue, 16 Jun 2015 11:19 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Tue, 16 Jun 2015 11:19 PM IST
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departments willing to tackle drought
सूखे से निपटने के लिए महकमे तैयार हैं। इन्होंने कार्ययोजना बना ली है।
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डीएम ने विभागों के अधिकारियों को कार्ययोजना पर अमल करने के निर्देश दिए हैं। जिले की औसत बरसात 717 मिलीमीटर है। इस बार इससे कम बरसात का अनुमान है। इससे सूख क ो अंदेशा जताया जा रहै है। जिले की जनसंख्या 18 लाख 57 हजार 500 है। इसमें नगरीय आबादी

3,89,075 है। नहरों की लंबाई 144 किलोमीटर है। राजकीय नलकूप 337 हैं।  इनके अलावा निजी नलकूपों और डीजल इंजनों से भी सिंचाई होती है। जिलाधिकारी के फरमान के बाद पेयजल, सिंचाई के साथ ही पशुपालन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और खाद्य एवं रसद विभाग ने कार्ययोजनाएं बनाकर इन पर अमल करना शुरू कर दिया है।

जल निगम
नगर निकायों में 130 हैंडपंप रीबोर कराए जाएंगे। देहात इलाकों में 1175 हैंडपंप रीबोर होंगे। 90 नए हैंडपंप लगेंगे। इनमें 32 हैंडपंप देहात में लगवाए जाएंगे। अभी ग्रामीण इलाकों में 25380 हैंडपंप लगे हैं।

डीजल व केरोसिन रिजर्व
जिले के पेट्रोल व डीजल पंप मालिक 2000 लीटर डीजल व 500 लीटर पेट्रोल सुरक्षित रखेंगे। गैस एजेंसी मालिक 20 घरेलू गैस सिलेंडर आरक्षित रखेंगे। कोटेदार आवंटन का 10 फीसदी केरोसिन सुरक्षित रखेंगे।

खाद्यान्न का रहेगा स्टाक
आटा, मोमबत्ती, चना, लइया, दालें, माचिस, नमक, आलू, प्याज, चीनी तेल का भी स्टाक रखा जाएगा। जिला खाद्य विपणन अधिकारी व्यापारी संगठनों, राइस व फ्लोर मिल मालिकों से भी इसको लेकर जिले की आवश्यकता का आकलन करेंगे।

नहर सुरक्षा दल का गठन
नहर के पानी को दबंगों से बचाने के लिए नहर सुरक्षा दल का गठन किया गया है।  जिले में 28 नहरें हैं। 2865 हेक्टेयर रकबा की सिंचाई नहरों से होती है। 21 मई से नहर में पानी का रोस्टर है।

रैपिड एक्शन टीम
संक्रामक रोगों से बचाव के लिए रैपिड एक्शन टीम का गठन स्वास्थ्य महकमे ने किया है। दस्त, उल्टी के रोगियाें के लिए प्रति एक हजार की आबादी पर ओआरएस घोल की उपलब्धता के लिए ओआरएस घर की स्थापना की जाएगी। ग्राम प्रधानों को भी ओआरएस पैकेट मुहैया कराए जाएंगे।

पेयजल संकट से मुकाबला
 काम                संख्या          राशि (लाख में )

हैंडपंप रीबोर         130          57.46 लाख
नए हैंडपंप              90         46.67 लाख
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जीआई पाइप बदलना 180       27 लाख
नगर नलकूप रीबोर                 40 लाख

यह इंतजाम भी रहेंगे
- जरूरत पर टैंकरों से भेजा जाएगा पानी।
- संवेदनशीलता के मद्देनजर सुरक्षा के प्रबंध।
- सह फसली खेती को बढ़ावा।

- ओवरहेड टैंकों में ब्लीचिंग मिलाना।
- मक्खी, मच्छर के प्रसार की रोकथाम।
- दूषित खाद्य पदार्थों की ब्रिकी पर रोक।
- पशुओं में वैक्सीनेशन।
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