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गोद ली बेटी गौरी बोली आईजी अंकल एक बार घूम जाओ
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बुआ वेदवती की गोद में गौरी। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
मोहम्मदाबाद। गोद ली बेटी गौरी ने आईजी अंकल से एक बार घूम जाने की बात कही। आईजी जोन के ट्रांसफर हो जाने पर बुआ व उसके बच्चों ने खाना नहीं खाया। वह लोग ट्रांसफर होने पर उदास थे। आईजी मोहित अग्रवाल ने गौरी की बुआ को आने का भरोसा दिया। हर माह गौरी की देखरेख के लिए भेजी जाने वाली आर्थिक मदद जारी रखने का आश्वासन दिया है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव करथिया निवासी सुभाष बाथम ने 30 जनवरी 2019 को गांव के 23 बच्चों को बंधक बना लिया था। तत्कालीन आईजी मोहित अग्रवाल की अगुवाई में पुलिस ने मुठभेड़ में सुभाष बाथम को मार गिराया था। उसकी पत्नी रूबी को भीड़ में पीट-पीट कर मार डाला था। पुलिस ने 23 बच्चों को सकुशल बाहर निकाल लिया था। सुभाष व उसकी पत्नी रूबी की मौत के बाद उसकी पुत्री गौरी अनाथ हो गई थी। आईजी मोहित अग्रवाल ने गौरी को गोद ले लिया।
मोहम्मदाबाद कोतवाली में तैनात महिला सिपाही रजनी को गौरी को सौंप दिया गया था। आईजी मोहित अग्रवाल ने गौरी के नाम पर एक लाख रुपये की एफडी करवा दी थी। हर माह उसकी देख भाल के लिए पांच हजार रुपये वह उसके खाते में भेजते हैं। बाद में बुआ वेदवती ने गौरी को गोद ले लिया था। आईजी हर त्योहार को गौरी को गिफ्ट
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भिजवाते रहे हैं। 26 अक्तूबर को आईजी मोहित अग्रवाल का जोन से लखनऊ तकनीकी सेवाएं के लिए तबादला हो गया। इसकी जानकारी होने पर बुआ वेदवती व उनके बच्चे उदास हो गए। उन लोगों के ट्रांसफर की जानकारी पर खाना नहीं खाया। गुरुवार को बुआ वेदवती ने आईजी के मोबाइल पर बात की।
आईजी ने गोद ली बेटी गौरी के हालचाल लेकर उससे बात की। गौरी ने कहा कि आईजी अंकल एक बार घूम जाओ। आईजी ने वेदवती को बीच-बीच में आने का भरोसा देकर हर माह आर्थिक मदद जारी रहने की बात कही। दिवाली पर समय मिलने पर आने का भी वादा किया। (संवाद)
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कोतवाली क्षेत्र के गांव करथिया निवासी सुभाष बाथम ने 30 जनवरी 2019 को गांव के 23 बच्चों को बंधक बना लिया था। तत्कालीन आईजी मोहित अग्रवाल की अगुवाई में पुलिस ने मुठभेड़ में सुभाष बाथम को मार गिराया था। उसकी पत्नी रूबी को भीड़ में पीट-पीट कर मार डाला था। पुलिस ने 23 बच्चों को सकुशल बाहर निकाल लिया था। सुभाष व उसकी पत्नी रूबी की मौत के बाद उसकी पुत्री गौरी अनाथ हो गई थी। आईजी मोहित अग्रवाल ने गौरी को गोद ले लिया।
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मोहम्मदाबाद कोतवाली में तैनात महिला सिपाही रजनी को गौरी को सौंप दिया गया था। आईजी मोहित अग्रवाल ने गौरी के नाम पर एक लाख रुपये की एफडी करवा दी थी। हर माह उसकी देख भाल के लिए पांच हजार रुपये वह उसके खाते में भेजते हैं। बाद में बुआ वेदवती ने गौरी को गोद ले लिया था। आईजी हर त्योहार को गौरी को गिफ्ट
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भिजवाते रहे हैं। 26 अक्तूबर को आईजी मोहित अग्रवाल का जोन से लखनऊ तकनीकी सेवाएं के लिए तबादला हो गया। इसकी जानकारी होने पर बुआ वेदवती व उनके बच्चे उदास हो गए। उन लोगों के ट्रांसफर की जानकारी पर खाना नहीं खाया। गुरुवार को बुआ वेदवती ने आईजी के मोबाइल पर बात की।
आईजी ने गोद ली बेटी गौरी के हालचाल लेकर उससे बात की। गौरी ने कहा कि आईजी अंकल एक बार घूम जाओ। आईजी ने वेदवती को बीच-बीच में आने का भरोसा देकर हर माह आर्थिक मदद जारी रहने की बात कही। दिवाली पर समय मिलने पर आने का भी वादा किया। (संवाद)