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Farrukhabad News: डीएपी का बफर स्टॉक खत्म, समितियों पर संकट
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फर्रुखाबाद। आलू व सरसों की बोआई की तैयारी कर रहे किसानों को डीएपी की जरूरत है। वह सहकारी समितियों (बी-पैक्स) का रुख कर रहे हैं। लेकिन गोदाम में डीएपी का स्टॉक खत्म हो चुका है। इससे अब कई समितियों पर भी डीएपी का संकट है। किसान मायूस होकर खाली हाथ लौट रहे हैं।
जनपद में 70 सहकारी समितियां हैं। इन पर किसान सदस्य हैं। वे प्रमुख रूप से आलू की खेती करते हैं। इन दिनों आलू की बोआई शुरू हो गई है। साथ ही अगेती सरसों की फसल भी बोई जा रही है। फिलहाल किसानों को समितियों पर समय से डीएपी नहीं मिल पा रही है।
शहर की सातनपुर मंडी स्थित आलू किसान सहकारी संघ में सचिव मुकेश कुमार व सभापति विमल कटियार मौजूद थे। वहां डीएपी बुधवार को खत्म हो चुकी थी, जबकि एनपीके की कुछ बोरी बंटने के बाद वह भी खत्म हो गई। इससे दोपहर में पहुंचने वाले किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ा। सचिव ने बताया कि दो-चार दिन में डीएपी जब आएगी, तभी वितरित की जाएगी।
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इफको केंद्र पर भी न तो डीएपी थी और न ही एनपीके। वहां आने वाले किसानों को केंद्र प्रभारी धीरज कुशवाहा ने बताया कि एनपीके शनिवार को आ जाएगी। डीएपी आने में कुछ समय लग सकता है। इससे किसान मायूस होकर लौट गए।
इन समितियों पर भी डीएपी नहीं
सहकारी समिति मोहम्मदाबाद में 177 बोरी यूरिया, 225 बोरी एनकेपी उपलब्ध थी, लेकिन डीएपी नहीं है। वहां मौजूद गांव बराकेशव निवासी किसान अरविंद ने बताया कि आलू बोने के लिए 10 बोरी डीएपी की जरूरत है। 12 दिन पूर्व आए थे तब भी नहीं डीएपी नहीं मिली, अब भी डीएपी न होने की बात कही गई।
समिति के सचिव संदीप कुमार ने बताया कि डीएपी की डिमांड भेजी जा चुकी है। खिमसेपुर समिति के सचिव सुशील अवस्थी ने बताया कि डीएपी चार दिन से नहीं है। मांगपत्र भेजा जा चुका है। डीएपी मिलने पर बांटी जाएगी। नवाबगंज क्षेत्र की सहकारी समिति कनासी, मंझना, मई रसीदपुर व बबना में भी डीएपी खत्म हो चुकी है।
समिति के सचिवों ने बताया कि मांगपत्र भेजा जा चुका है। हालांकि, इन समितियों पर एनपीके पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। कृषक सेवा केंद्र शमसाबाद के सचिव राजीव दुबे ने बताया कि डीएपी नहीं है। एनपीके 800 बोरी उपलब्ध है। उन्होंने 800 बोरी डीएपी का मांगपत्र भेजा है। एक-दो दिन में आ जाएगी।
सहकारी समिति पपड़ी के सचिव रोहित कुमार ने बताया कि डीएपी समिति पर खत्म हो चुकी है। मांगपत्र भेजा गया है। एनपीके उपलब्ध है। सहकारी समिति बुढ़नपुर के सचिव सत्येंद्र सिंह ने बताया कि डीएपी नहीं है। मांगपत्र भेजा गया है। समिति पर 350 बोरी एनपीके उपलब्ध है। सहकारी समिति कंपिल के सचिव अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि डीएपी मौजूद है, लेकिन कितनी बोरी खाद उपलब्ध होने के सवाल पर वह चुप्पी साध गए।
इन समितियों पर उपलब्ध है डीएपी
फोटो-22 जहानगंज स्थिति समिति पर डीएपी के लिए लाइन में लगे किसान। संवाद
मोहम्मदाबाद क्षेत्र की सहकारी समिति हरकमपुर के कंप्यूटर ऑपरेटर विकल कुमार ने बताया कि 360 बोरी डीएपी, 78 बोरी एनपीके, 860 बोरी यूरिया व 130 बोरी पोटास उपलब्ध है। सचिव बृजभान सिंह ने बताया कि उनके पास तीन समितियों का चार्ज है। हरकमपुर पर सोमवार व मंगलवार, ज्योता में बुधवार व बृहस्पतिवार और सकवाई समिति पर शुक्रवार-शनिवार को खाद वितरित करते हैं। तीनों समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। सकवाई में 780 बोरी डीएपी, एनपीके 100 बोरी, ज्योता समिति में 200 बोरी डीएपी, 100 बोरी एनपीके व 740 बोरी यूरिया है।
वहीं, सहकारी समिति अमृतपुर व हुसैनपुर हड़ाई में 400-400 बोरी डीएपी उपलब्ध थी। एनपीके की भी कमी नहीं है। जहानगंज में सहकारी समिति पर 65 डीएपी बोरी व किसान सेवा सहकारी समिति पर डीएपी 80 बोरी उपलब्ध थी। वहां किसान लाइन में लगे थे।
रैक आने पर भेजी जाएगी डीएपी
एआर कोऑपरेटिव अजय पालीवाल ने बताया कि बफर गोदाम में डीएपी का स्टॉक नहीं है। डीएपी की रैक आने वाली है। जिन समितियों पर डीएपी उपलब्ध है, वहां बांटी जा रही है। जिन समितियों पर डीएपी नहीं है, वहां रैक आने पर भेजी जाएगी। जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि बफर गोदाम से 700 मीट्रिक टन डीएपी समितियों पर आवंटित है। एनपीके पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। पीपीएल, कृभको व इफको की डीएपी की रैक एक सप्ताह में आ जाएंगी। इससे कोई दिक्कत नहीं होगी।
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जनपद में 70 सहकारी समितियां हैं। इन पर किसान सदस्य हैं। वे प्रमुख रूप से आलू की खेती करते हैं। इन दिनों आलू की बोआई शुरू हो गई है। साथ ही अगेती सरसों की फसल भी बोई जा रही है। फिलहाल किसानों को समितियों पर समय से डीएपी नहीं मिल पा रही है।
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शहर की सातनपुर मंडी स्थित आलू किसान सहकारी संघ में सचिव मुकेश कुमार व सभापति विमल कटियार मौजूद थे। वहां डीएपी बुधवार को खत्म हो चुकी थी, जबकि एनपीके की कुछ बोरी बंटने के बाद वह भी खत्म हो गई। इससे दोपहर में पहुंचने वाले किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ा। सचिव ने बताया कि दो-चार दिन में डीएपी जब आएगी, तभी वितरित की जाएगी।
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इफको केंद्र पर भी न तो डीएपी थी और न ही एनपीके। वहां आने वाले किसानों को केंद्र प्रभारी धीरज कुशवाहा ने बताया कि एनपीके शनिवार को आ जाएगी। डीएपी आने में कुछ समय लग सकता है। इससे किसान मायूस होकर लौट गए।
इन समितियों पर भी डीएपी नहीं
सहकारी समिति मोहम्मदाबाद में 177 बोरी यूरिया, 225 बोरी एनकेपी उपलब्ध थी, लेकिन डीएपी नहीं है। वहां मौजूद गांव बराकेशव निवासी किसान अरविंद ने बताया कि आलू बोने के लिए 10 बोरी डीएपी की जरूरत है। 12 दिन पूर्व आए थे तब भी नहीं डीएपी नहीं मिली, अब भी डीएपी न होने की बात कही गई।
समिति के सचिव संदीप कुमार ने बताया कि डीएपी की डिमांड भेजी जा चुकी है। खिमसेपुर समिति के सचिव सुशील अवस्थी ने बताया कि डीएपी चार दिन से नहीं है। मांगपत्र भेजा जा चुका है। डीएपी मिलने पर बांटी जाएगी। नवाबगंज क्षेत्र की सहकारी समिति कनासी, मंझना, मई रसीदपुर व बबना में भी डीएपी खत्म हो चुकी है।
समिति के सचिवों ने बताया कि मांगपत्र भेजा जा चुका है। हालांकि, इन समितियों पर एनपीके पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। कृषक सेवा केंद्र शमसाबाद के सचिव राजीव दुबे ने बताया कि डीएपी नहीं है। एनपीके 800 बोरी उपलब्ध है। उन्होंने 800 बोरी डीएपी का मांगपत्र भेजा है। एक-दो दिन में आ जाएगी।
सहकारी समिति पपड़ी के सचिव रोहित कुमार ने बताया कि डीएपी समिति पर खत्म हो चुकी है। मांगपत्र भेजा गया है। एनपीके उपलब्ध है। सहकारी समिति बुढ़नपुर के सचिव सत्येंद्र सिंह ने बताया कि डीएपी नहीं है। मांगपत्र भेजा गया है। समिति पर 350 बोरी एनपीके उपलब्ध है। सहकारी समिति कंपिल के सचिव अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि डीएपी मौजूद है, लेकिन कितनी बोरी खाद उपलब्ध होने के सवाल पर वह चुप्पी साध गए।
इन समितियों पर उपलब्ध है डीएपी
फोटो-22 जहानगंज स्थिति समिति पर डीएपी के लिए लाइन में लगे किसान। संवाद
मोहम्मदाबाद क्षेत्र की सहकारी समिति हरकमपुर के कंप्यूटर ऑपरेटर विकल कुमार ने बताया कि 360 बोरी डीएपी, 78 बोरी एनपीके, 860 बोरी यूरिया व 130 बोरी पोटास उपलब्ध है। सचिव बृजभान सिंह ने बताया कि उनके पास तीन समितियों का चार्ज है। हरकमपुर पर सोमवार व मंगलवार, ज्योता में बुधवार व बृहस्पतिवार और सकवाई समिति पर शुक्रवार-शनिवार को खाद वितरित करते हैं। तीनों समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। सकवाई में 780 बोरी डीएपी, एनपीके 100 बोरी, ज्योता समिति में 200 बोरी डीएपी, 100 बोरी एनपीके व 740 बोरी यूरिया है।
वहीं, सहकारी समिति अमृतपुर व हुसैनपुर हड़ाई में 400-400 बोरी डीएपी उपलब्ध थी। एनपीके की भी कमी नहीं है। जहानगंज में सहकारी समिति पर 65 डीएपी बोरी व किसान सेवा सहकारी समिति पर डीएपी 80 बोरी उपलब्ध थी। वहां किसान लाइन में लगे थे।
रैक आने पर भेजी जाएगी डीएपी
एआर कोऑपरेटिव अजय पालीवाल ने बताया कि बफर गोदाम में डीएपी का स्टॉक नहीं है। डीएपी की रैक आने वाली है। जिन समितियों पर डीएपी उपलब्ध है, वहां बांटी जा रही है। जिन समितियों पर डीएपी नहीं है, वहां रैक आने पर भेजी जाएगी। जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि बफर गोदाम से 700 मीट्रिक टन डीएपी समितियों पर आवंटित है। एनपीके पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। पीपीएल, कृभको व इफको की डीएपी की रैक एक सप्ताह में आ जाएंगी। इससे कोई दिक्कत नहीं होगी।