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अवैध संबंधों में मजदूर की हत्या

Mon, 14 Jan 2019 11:24 PM IST
farrukhabad Published by: मनोज कुमार Updated Mon, 14 Jan 2019 11:24 PM IST
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Worker's murder in illegal relations in farrukhabad
murder - फोटो : Social Media
कायमगंज  कोतवाली क्षेत्र के गांव गुलवाजनगर निवासी मजदूर की अवैध संबंधों में हत्या कर शव गन्ने के खेत में फेंक दिया गया। वह दस दिन से लापता था। सोमवार को उसका शव मिलने पर एएसपी, सीओ और कोतवाल ने जांच-पड़ताल की। श्रमिक के कमर के नीचे का हिस्सा बुरी तरह जला हुआ है। इससे पुलिस का अनुमान है कि हत्या से पूर्व तंबाकू श्रमिक को मारने वालों ने तड़पाया होगा। पुलिस घटना की जांच-पड़ताल कर रही है।
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गांव गुलवाजनगर निवासी श्रमिक सुखराम (42) चार जनवरी को पुत्री से चाय बनाने की बात कहकर घर से चले गए थे। काफी देर तक वापस न आने पर खोजबीन की गई। अगले दिन छोटे भाई सुरेश ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। सोमवार को सुखराम का पुत्र आशीष व रिश्ते के चाचा सुल्तान सिंह, गांव के एक अन्य युवक के साथ गांव नरैनामऊ के पास आम के एक बाग में लकड़ियां तोड़ रहे थे। तभी हेतराम के गन्ने के खेेत में कुछ लोग खड़े दिखाई दिए। आशीष व सुल्तान सिंह गन्ने के खेत में पहुंचे तो वहां सुखराम का शव पड़ा दिखाई दिया। अन्य परिवार वाले भी मौके पर पहुंच गए।
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परिजनों का कहना है कि उनकी किसी से रंजिश नहीं है। न किसी से लेनदेन है। आर्थिक स्थिति भी कमजोर है। आखिर हत्या क्यों की गई। उसके शरीर पर पूरे कपड़े हैं, लेकिन कपड़े जले नहीं थे, जिससे साफ जाहिर है कि उसको निर्वस्त्र कर जला कर तड़पाया गया। दस दिन तक जीवित हालत में कैसे रोका गया, जिससे लगता है कि नशे के इंजेक्शन या गोलियां देकर रखा गया था। चर्चा रही कि ऐसी दर्दनाक हत्या के पीछे अधिकांश अवैध संबंधों का मामला ही होता है। 
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परिजनों ने बताया कि सुखराम शरीर से स्वस्थ था। उन्हें कुछ खाने पीने को नहीं मिला जिससे कमजोरी भी आ गई। उसके पांच पुत्र विपिन, रतन, आशीष, गोविंद, शोभित हैं जबकि दो पुत्रियां प्रियंका व अंजली हैं। प्रियंका की शादी हो चुकी है। विपिन दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है। कुछ वर्ष पहले पत्नी चंदावती की मौत हो चुकी है।  


 सूचना पर एएसपी त्रिभुवन सिंह, सीओ राजबीर सिंह व इंस्पेक्टर राधेश्याम, कस्बा चौकी प्रभारी बलराज भाटी, एसआई मुनेंद्र सिंह फोर्स के साथ पहुंचे। सुखराम के पैंट की चैन खुली थी। एक जूता पैर में व दूसरा पास ही पड़ा था। कमर के नीचे का हिस्सा बुरी तरह जला हुआ था। उसके कपड़े नहीं जले थे, जिससे अनुमान लगाया गया कि श्रमिक को तड़पा तड़पा कर मारा गया है बाद में कपड़े पहना कर शव गन्ने के खेत में डाला गया है। वहां एक शराब की पुरानी बोतल पड़ी थी। परिजनों ने बताया कि उनकी किसी से रंजिश नहीं है। सुखराम की हत्या कर शव फेंका गया है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। 
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