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नौकरी व प्रशिक्षण के नाम पर लाखों की ठगी
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Mon, 17 Aug 2015 11:25 PM IST
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प्रशिक्षण केंद्र संचालक ने नौकरी व प्रशिक्षण का झांसा देकर युवाओं से
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लाखों रुपया ठग लिया और रातोंरात भाग निकला। सोमवार सुबह केंद्र नहीं खुला
तो युवाओं को खुद के ठगे जाने का आभास हुआ। युवाओं ने हंगामा किया। मौके पर
पहुंची पुलिस ने समझा- बुझाकर लोगों को शांत कराया।
शहर के मोहल्ला नेकपुर चौरासी निवासी रामनरेश कटियार के यहां करीब छह महीना पहले खुद को मथुरा का निवासी बताकर मनोज दीक्षित नामक युवक किराए पर रहने लगा। इसी मकान में मनोज ने स्वत: रोजगार एक्सपोर्ट योजना प्राइवेट लिमिटेड के नाम से केंद्र खोला। प्रशिक्षण के नाम पर 1,040 रुपये प्रति युवक जमा कराए। करीब 60 लोगों ने कंप्यूटर, सिलाई-कढ़ाई,
कारपेंटरी, ब्यूटीशियन आदि केे प्रशिक्षण के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। इसके अलावा 21 लोगों से सरकारी नौकरी दिलाए जाने के नाम पर 25 से लेकर 30 हजार रुपये जमा करवाए। साथ ही मकान मालिक से भी कुछ रुपया लिया। सभी को भरोसा दिया कि 16 अगस्त को नौैकरी का प्रपत्र दिया जाएगा, लेकिन 15 अगस्त को ही वह गायब हो गया। जाते समय मनोज ने मकान
मालिक की बेटी से बताया कि वह होटल में होने वाली मीटिंग में जा रहा है, लेकिन दोबारा लौट कर नहीं आया। सोमवार को जब लोगों ने उसके मोबाइल पर काल किया तो मोबाइल स्वीच आफ निकला। जैसे ही केंद्र बंद होने की जानकारी मिली, तमाम युवक केंद्र के बाद हंगामा करने लगे। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा बुझाकर लोगों को शांत कराया। सीओ ने बताया कि हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी। मामले की जांच की जा रही है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
शहर के मोहल्ला नेकपुर चौरासी निवासी रामनरेश कटियार के यहां करीब छह महीना पहले खुद को मथुरा का निवासी बताकर मनोज दीक्षित नामक युवक किराए पर रहने लगा। इसी मकान में मनोज ने स्वत: रोजगार एक्सपोर्ट योजना प्राइवेट लिमिटेड के नाम से केंद्र खोला। प्रशिक्षण के नाम पर 1,040 रुपये प्रति युवक जमा कराए। करीब 60 लोगों ने कंप्यूटर, सिलाई-कढ़ाई,
कारपेंटरी, ब्यूटीशियन आदि केे प्रशिक्षण के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। इसके अलावा 21 लोगों से सरकारी नौकरी दिलाए जाने के नाम पर 25 से लेकर 30 हजार रुपये जमा करवाए। साथ ही मकान मालिक से भी कुछ रुपया लिया। सभी को भरोसा दिया कि 16 अगस्त को नौैकरी का प्रपत्र दिया जाएगा, लेकिन 15 अगस्त को ही वह गायब हो गया। जाते समय मनोज ने मकान
मालिक की बेटी से बताया कि वह होटल में होने वाली मीटिंग में जा रहा है, लेकिन दोबारा लौट कर नहीं आया। सोमवार को जब लोगों ने उसके मोबाइल पर काल किया तो मोबाइल स्वीच आफ निकला। जैसे ही केंद्र बंद होने की जानकारी मिली, तमाम युवक केंद्र के बाद हंगामा करने लगे। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा बुझाकर लोगों को शांत कराया। सीओ ने बताया कि हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी। मामले की जांच की जा रही है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।