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स्कूल प्रबंधक के घर डकैती
farrukhabad
Updated Sun, 09 Sep 2018 12:04 AM IST
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टूटी पड़ी अलमारी।
- फोटो : अमर उजाला
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थाना क्षेत्र के गांव कनासी में शुक्रवार रात स्कूल प्रबंधक के घर डकैतों ने धावा बोल दिया। बेटे की कनपटी पर तमंचा लगा कर दंपति को पीटा। अलमारी का लॉकर तोड़ कर लाखों रुपये के जेवरात व नकदी लेकर भाग गए। परिजनों को एक कमरे में बंद कर उनके मोबाइल भी पानी में फेंक दिए।
कनासी निवासी सुशील दुबे का गांव में ही एक स्कूल है। उनके घर में परचून की एक दुकान भी है। शुक्रवार रात 10 बजे दुकान बंद कर पत्नी सरिता व बेटे शिवम के साथ मकान के नीचे वाले हिस्से में बने बरामदे में सो रहे थे। उनके घर के पास एक खंभा लगा है, इस पर तार नहीं खिंचा है। इसी के सहार डकैत छत पर पहुंचने के बाद घर में दाखिल हो गया। घर का मुख्य दरवाजा खोल कर अन्य तीन साथियों को भी अंदर बुला लिया।
कुछ बदमाश घर के बाहर खड़े रहे। खटपट की आवाज सुनकर सुशील जाग गए तो बदमाशों ने उन्हें डंडों से पीटना शुरू कर दिया। विरोध करने पर पत्नी को भी पीट दिया। बेटे शिवम की कनपटी पर तमंचा रख कर सभी को एक कोने में बैठने को कहा। इसके बाद बदमाशों ने अलमारी की चाबी मांगी। नहीं मिलने पर लॉकर का ताला तोड़ कर एक चेन, एक हार, छह अंगूठी, झुमकी, झाले, मंगलसूत्र, करीब एक किलो चांदी और 20 हजार रुपये पार कर दिए। जाने से पहले बदमाशों ने दंपति के मोबाइल पानी में फेंककर कमरे में बंद कर दिया और भाग गए।
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दंपति के शोर मचाने पर पहुंचे पड़ोसियों ने उन्हें बाहर निकाला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। फील्ड यूनिट से पहुंचकर वहां से साक्ष्य लिए। थानाध्यक्ष रजनीश चौहान ने बताया कि सुशील दुबे की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
सुशील दुबे ने बताया कि बदमाशों की बोली से वह स्थानीय नहीं बल्कि बाहर के लग रहे थे। वह आपस में कोडवर्ड में बातचीत कर रहे थे। हम लोगों को उन्होंने विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी थी। उनकी हरकतें देख कर लग रहा था कि यदि हम ज्यादा विरोध करेंगे, तो वह मार ही देंगे।
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कनासी निवासी सुशील दुबे का गांव में ही एक स्कूल है। उनके घर में परचून की एक दुकान भी है। शुक्रवार रात 10 बजे दुकान बंद कर पत्नी सरिता व बेटे शिवम के साथ मकान के नीचे वाले हिस्से में बने बरामदे में सो रहे थे। उनके घर के पास एक खंभा लगा है, इस पर तार नहीं खिंचा है। इसी के सहार डकैत छत पर पहुंचने के बाद घर में दाखिल हो गया। घर का मुख्य दरवाजा खोल कर अन्य तीन साथियों को भी अंदर बुला लिया।
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कुछ बदमाश घर के बाहर खड़े रहे। खटपट की आवाज सुनकर सुशील जाग गए तो बदमाशों ने उन्हें डंडों से पीटना शुरू कर दिया। विरोध करने पर पत्नी को भी पीट दिया। बेटे शिवम की कनपटी पर तमंचा रख कर सभी को एक कोने में बैठने को कहा। इसके बाद बदमाशों ने अलमारी की चाबी मांगी। नहीं मिलने पर लॉकर का ताला तोड़ कर एक चेन, एक हार, छह अंगूठी, झुमकी, झाले, मंगलसूत्र, करीब एक किलो चांदी और 20 हजार रुपये पार कर दिए। जाने से पहले बदमाशों ने दंपति के मोबाइल पानी में फेंककर कमरे में बंद कर दिया और भाग गए।
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दंपति के शोर मचाने पर पहुंचे पड़ोसियों ने उन्हें बाहर निकाला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। फील्ड यूनिट से पहुंचकर वहां से साक्ष्य लिए। थानाध्यक्ष रजनीश चौहान ने बताया कि सुशील दुबे की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
सुशील दुबे ने बताया कि बदमाशों की बोली से वह स्थानीय नहीं बल्कि बाहर के लग रहे थे। वह आपस में कोडवर्ड में बातचीत कर रहे थे। हम लोगों को उन्होंने विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी थी। उनकी हरकतें देख कर लग रहा था कि यदि हम ज्यादा विरोध करेंगे, तो वह मार ही देंगे।