{"_id":"1f2ee963acabc99e8ac9e4662d5fd64d","slug":"murder-persecutions-threw-stones-at-the-police-jeep-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या पर उपद्रव, पुलिस जीप पर पथराव","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हत्या पर उपद्रव, पुलिस जीप पर पथराव
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Mon, 27 Apr 2015 11:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शमसाबाद में दहेज की खातिर नववधू की गला कसकर हत्या कर दी गई। मायके वाले
विज्ञापन
पहुंचे और शव देखा तो उस पर रस्सी की रगड़ और मारपीट के निशान दिखे। इस पर
मृतका के पति को पकड़कर थाने ले गए। यहां एसओ ने मृतका के पिता और भाई को
पीटकर थाने में बंद कर दिया। सूचना मिलने पर पहुंचे ग्रामीणों ने पुलिस जीप
पर पथराव करते हुए थाने का घेराव कर लिया। जानकारी मिलने पर उप जिलाधिकारी
कायमगंज और चेयरमैन शमसाबाद थाने पहुंचे। एसडीएम
ने रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेज दिया। समाचार लिखे जाने तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी। थाना क्षेत्र के गांव अलेपुर निवासी जीतराम ने बेटी शीला देवी की शादी 22 अप्रैल 2014 को नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव बघौना निवासी प्रशांत कुमार के साथ की थी। जीतराम के मुताबिक रविवार रात 10 बजे
पुत्री ने उसे फोन करके बताया कि ससुरालीजन प्रताड़ित कर रहे हैं। वह उसे बुला ले जाएं। जीतराम ने सुबह पहुंचने को कहा। रात 2 बजे उसे बेटी की तबीयत खराब होने की सूचना मिली। रविवार सुबह करीब 5 बजे जीतराम, पत्नी कुसमा देवी और बेटे उमेश आदि बेटी शीला की ससुराल बघौना पहुंचे। यहां बेटी का शव रखा था। ससुरालीजनों ने बेटी का शव दिखाए बिना ही पांचाल घाट पर अंतिम संस्कार करने जाने की बात कही। इस पर जीतराम ने कहा कि अन्य परिजन भी आ रहे हैं। शव ढाईघाट ले चलें तो वह लोग भी देख लेंगे।
ससुरालीजन शव पांचाल घाट ले ही जा रहे थे कि जीतराम के अन्य परिजन भी आ गए। उन्होंने शीला के शव से कफन हटाया तो उसके शरीर पर चोटों और गले में रस्सी से कसने के निशान थे। यह देख मायके वाले भड़क गए और उन्होंने प्रशांत को पकड़ लिया। उसे शमसाबाद थाने लाए। एसओ प्रदीप यादव ने जीतराम और उमेश से बात की। तभी इनमें विवाद हो गया। जीतराम का आरोप है कि गुस्साए एसओ ने उसे तथा उसके बेटे उमेश को पीटकर हवालात में बंद कर दिया।
इसकी जानकारी अलेपुर के ग्रामीणों को हुई तो ट्रैक्टरों पर सवार होकर सैकड़ों लोग थाने आने लगे। टीवीएस एजेंसी के पास जीप पर सवार थानाध्यक्ष को देख भीड़ में शामिल महिलाओं और ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। इससे जीप क्षतिग्रस्त हो गई। एसओ व अन्य पुलिसकर्मी भाग खड़े हुए। इसके बाद भीड़ ने थाना घेर लिया और एसओ के खिलाफ नारेबाजी की।
उपद्रव की जानकारी मिलने पर चेयरमैन विजय गुप्ता, एसडीएम कायमगंज बीडी वर्मा और नायब तहसीलदार मनोज कुमार मौके पर पहुंचे। इन्होंने समझाकर भीड़ का गुस्सा शांत कराया। एसडीएम ने नवाबगंज थानाध्यक्ष को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेजा। जीतराम ने बेटी के पति प्रशांत कुमार, सास गुड्डी देवी
और ननद शिवांगी के अलावा प्रशांत के मौसा व मौसी निवासी धौल नगरिया मसेनी चौराहा फर्रुखाबाद के खिलाफ नवाबगंज थाने में तहरीर दी। आरोप लगाया कि एक लाख रुपये और एक भैंस की मांग पूरी न होने पर इन लोगों ने बेटी को पीटा और रस्सी से गला कसकर हत्या कर दी। शमसाबाद पुलिस ने पति प्रशांत कुमार को हिरासत में ले लिया है।
महिलाओं ने जीतराम व उमेश को छुड़ाया
गुस्साई भीड़ में शामिल महिलाओं ने हवालात में बंद जीतराम और इनके बेटे उमेश कुमार को जबरन हवालात से बाहर निकाल लिया। भीड़ का कहना था कि पुलिस ने हमलावरों पर कार्रवाई के बजाए पीड़ित परिजनों को ही पीटते हुए बंद कर दिया। यह कहां का इंसाफ है।
ने रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेज दिया। समाचार लिखे जाने तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी। थाना क्षेत्र के गांव अलेपुर निवासी जीतराम ने बेटी शीला देवी की शादी 22 अप्रैल 2014 को नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव बघौना निवासी प्रशांत कुमार के साथ की थी। जीतराम के मुताबिक रविवार रात 10 बजे
पुत्री ने उसे फोन करके बताया कि ससुरालीजन प्रताड़ित कर रहे हैं। वह उसे बुला ले जाएं। जीतराम ने सुबह पहुंचने को कहा। रात 2 बजे उसे बेटी की तबीयत खराब होने की सूचना मिली। रविवार सुबह करीब 5 बजे जीतराम, पत्नी कुसमा देवी और बेटे उमेश आदि बेटी शीला की ससुराल बघौना पहुंचे। यहां बेटी का शव रखा था। ससुरालीजनों ने बेटी का शव दिखाए बिना ही पांचाल घाट पर अंतिम संस्कार करने जाने की बात कही। इस पर जीतराम ने कहा कि अन्य परिजन भी आ रहे हैं। शव ढाईघाट ले चलें तो वह लोग भी देख लेंगे।
ससुरालीजन शव पांचाल घाट ले ही जा रहे थे कि जीतराम के अन्य परिजन भी आ गए। उन्होंने शीला के शव से कफन हटाया तो उसके शरीर पर चोटों और गले में रस्सी से कसने के निशान थे। यह देख मायके वाले भड़क गए और उन्होंने प्रशांत को पकड़ लिया। उसे शमसाबाद थाने लाए। एसओ प्रदीप यादव ने जीतराम और उमेश से बात की। तभी इनमें विवाद हो गया। जीतराम का आरोप है कि गुस्साए एसओ ने उसे तथा उसके बेटे उमेश को पीटकर हवालात में बंद कर दिया।
इसकी जानकारी अलेपुर के ग्रामीणों को हुई तो ट्रैक्टरों पर सवार होकर सैकड़ों लोग थाने आने लगे। टीवीएस एजेंसी के पास जीप पर सवार थानाध्यक्ष को देख भीड़ में शामिल महिलाओं और ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। इससे जीप क्षतिग्रस्त हो गई। एसओ व अन्य पुलिसकर्मी भाग खड़े हुए। इसके बाद भीड़ ने थाना घेर लिया और एसओ के खिलाफ नारेबाजी की।
उपद्रव की जानकारी मिलने पर चेयरमैन विजय गुप्ता, एसडीएम कायमगंज बीडी वर्मा और नायब तहसीलदार मनोज कुमार मौके पर पहुंचे। इन्होंने समझाकर भीड़ का गुस्सा शांत कराया। एसडीएम ने नवाबगंज थानाध्यक्ष को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेजा। जीतराम ने बेटी के पति प्रशांत कुमार, सास गुड्डी देवी
और ननद शिवांगी के अलावा प्रशांत के मौसा व मौसी निवासी धौल नगरिया मसेनी चौराहा फर्रुखाबाद के खिलाफ नवाबगंज थाने में तहरीर दी। आरोप लगाया कि एक लाख रुपये और एक भैंस की मांग पूरी न होने पर इन लोगों ने बेटी को पीटा और रस्सी से गला कसकर हत्या कर दी। शमसाबाद पुलिस ने पति प्रशांत कुमार को हिरासत में ले लिया है।
महिलाओं ने जीतराम व उमेश को छुड़ाया
गुस्साई भीड़ में शामिल महिलाओं ने हवालात में बंद जीतराम और इनके बेटे उमेश कुमार को जबरन हवालात से बाहर निकाल लिया। भीड़ का कहना था कि पुलिस ने हमलावरों पर कार्रवाई के बजाए पीड़ित परिजनों को ही पीटते हुए बंद कर दिया। यह कहां का इंसाफ है।