{"_id":"597a30274f1c1b8f718b4857","slug":"dm-on-the-feet-of-dm-sp-to-write-report","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिपोर्ट लिखाने को डीएम, एसपी के पैरों पर गिरी महिला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रिपोर्ट लिखाने को डीएम, एसपी के पैरों पर गिरी महिला
farrukhabad
Updated Thu, 27 Jul 2017 11:55 PM IST
विज्ञापन
कलक्ट्रेट में बच्चों के साथ फरियाद लेकर आई रोती महिला।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद। पति की हत्या की रिपोर्ट लिखाने के लिए भटक रही महिला गुरुवार को जिलाधिकारी के पास पहुंची। वह कार्यालय के बाहर करीब एक घंटे तक बच्चों के साथ बैठी रोती रही। डीएम और एसपी के कार्यालय के बाहर निकलते ही वह बच्चों समेत उनके पैरों पर गिर पड़ी। एसपी ने कायमगंज कोतवाल को मोबाइल से फोन कर फटकार लगाई और शाम तक जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
कायमगंज कोतवाली के मोहल्ला पाठक निवासी साधना शाक्य ने एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि 7 जुलाई 2017 को सुबह करीब 8:30 बजे वह रसोईघर में थी, तभी बाहर से देवर ने कुंडी लगा दी। कुछ देर बाद ससुर ने कुंडी खोली और बताया कि उसके पति की हाटअटैक से मौत हो गई।
पति का शव देखा तो गले में रस्सी के निशान थे। कमरे में रस्सी पड़ी हुई थी। इसके बाद ससुरालियों ने उसेे और बच्चों को घर में बंधक बना कर पति का अंतिम संस्कार कर दिया। 25 जुलाई को भाई के आने पर वह पति की हत्या की रिपोर्ट लिखाने कायमगंज कोतवाली गई। पुलिस ने उनको टरका दिया। इसके बाद 26 जुलाई को जब वह पुन: कायमगंज कोतवाली गई तो पुलिस ने उसे भगा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
कायमगंज कोतवाली के मोहल्ला पाठक निवासी साधना शाक्य ने एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि 7 जुलाई 2017 को सुबह करीब 8:30 बजे वह रसोईघर में थी, तभी बाहर से देवर ने कुंडी लगा दी। कुछ देर बाद ससुर ने कुंडी खोली और बताया कि उसके पति की हाटअटैक से मौत हो गई।
विज्ञापन
पति का शव देखा तो गले में रस्सी के निशान थे। कमरे में रस्सी पड़ी हुई थी। इसके बाद ससुरालियों ने उसेे और बच्चों को घर में बंधक बना कर पति का अंतिम संस्कार कर दिया। 25 जुलाई को भाई के आने पर वह पति की हत्या की रिपोर्ट लिखाने कायमगंज कोतवाली गई। पुलिस ने उनको टरका दिया। इसके बाद 26 जुलाई को जब वह पुन: कायमगंज कोतवाली गई तो पुलिस ने उसे भगा दिया।
विज्ञापन