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रुपयों के लेनदेन में हुई डिश संचालक की हत्या
अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Updated Mon, 20 Mar 2017 12:25 AM IST
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पुलिस हिरासत में मौजूद हत्यारोपी डिश संचालक दुर्गेश।
- फोटो : amar ujala
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कोतवाली पुलिस ने डिश संचालक मुकेश शर्मा की हत्या के मामले में आरोपी दूसरे डिश संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। रुपयों के लेनदेन के विवाद में हत्या होना सामने आया है। पुलिस ने घटना को अंजाम देने में प्रयुक्त डंडों को भी आरोपी के घर की छत से बरामद किया है। मामले में दो अन्य युवकों के नाम भी सामने आए हैं। कोतवाल द्रविड़ सिंह ने बताया कि मसेनी चौराहे के पास घेराबंदी कर मुख्य आरोपी डिश संचालक दुर्गेश मिश्रा को पकड़ा गया है।
पूछताछ के दौरान दुर्गेश ने पुलिस को बताया है कि उसका श्रद्धा केबिल नेटवर्क के नाम से 500 कनेक्शन हैं। इसकी वसूली मुकेश व उसका भाई राजेश करता था। उसका कार्यालय मुकेश के घर के बाहर है। बीते कई महीने से मुकेश ने वसूल किया गया पूरा रुपया नहीं दिया। इससे उसके खिलाफ करीब डेढ़ लाख रुपये की आरसी कट गई। उसने कई बार उससे रुपये मांगे तो वह हाथापाई व मारपीट पर उतारू हो गया। पुलिस के अनुसार दुर्गेश ने बताया कि 27 फरवरी को सुबह 11 बजे रनवीर उर्फ बाबू को भेजकर उसने मुकेश को अपने घर पर बुलवा लिया।
वहां आवास विकास निवासी डिश कंपनी के प्रबंधक सतीश दुबे, सोनू पाठक व फतेहगढ़ निवासी शिवम भी मौके पर थे। मुकेश के पहुंचने पर उसने रुपये मांगे तो वह झगड़ा करते हुए चिल्लाने लगा। इस पर उन लोगों ने उसकी डंडों से जमकर पिटाई की। इसके बाद मरा समझकर उसे जमीन पर पड़ा छोड़कर वहां से चले आए। रात में शव को ठिकाने लगाने की योजना के तहत वे लोग पहुंचे तो देखा कि मुकेश बेड पर पड़ा है। इस पर वे उसे भूत समझकर डर गए और घर के अंदर ताला डालकर फरार हो गए। इसके बाद मुकेश शव का वहीं पड़ा पाया गया। कोतवाल ने बताया कि मुकदमे में सोनू व शिवम के नामों को भी जोड़ा गया है। अन्य फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
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पूछताछ के दौरान दुर्गेश ने पुलिस को बताया है कि उसका श्रद्धा केबिल नेटवर्क के नाम से 500 कनेक्शन हैं। इसकी वसूली मुकेश व उसका भाई राजेश करता था। उसका कार्यालय मुकेश के घर के बाहर है। बीते कई महीने से मुकेश ने वसूल किया गया पूरा रुपया नहीं दिया। इससे उसके खिलाफ करीब डेढ़ लाख रुपये की आरसी कट गई। उसने कई बार उससे रुपये मांगे तो वह हाथापाई व मारपीट पर उतारू हो गया। पुलिस के अनुसार दुर्गेश ने बताया कि 27 फरवरी को सुबह 11 बजे रनवीर उर्फ बाबू को भेजकर उसने मुकेश को अपने घर पर बुलवा लिया।
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वहां आवास विकास निवासी डिश कंपनी के प्रबंधक सतीश दुबे, सोनू पाठक व फतेहगढ़ निवासी शिवम भी मौके पर थे। मुकेश के पहुंचने पर उसने रुपये मांगे तो वह झगड़ा करते हुए चिल्लाने लगा। इस पर उन लोगों ने उसकी डंडों से जमकर पिटाई की। इसके बाद मरा समझकर उसे जमीन पर पड़ा छोड़कर वहां से चले आए। रात में शव को ठिकाने लगाने की योजना के तहत वे लोग पहुंचे तो देखा कि मुकेश बेड पर पड़ा है। इस पर वे उसे भूत समझकर डर गए और घर के अंदर ताला डालकर फरार हो गए। इसके बाद मुकेश शव का वहीं पड़ा पाया गया। कोतवाल ने बताया कि मुकदमे में सोनू व शिवम के नामों को भी जोड़ा गया है। अन्य फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
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