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पिता को जमानत न मिलने पर बेटी ने दी जान
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Updated Thu, 30 Mar 2017 11:37 PM IST
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धार्मिक स्थल पर तैनात पुलिस व टूटा लटकता लाउडस्पीकर।
- फोटो : amar ujala
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जेल में बंद पिता की जमानत न होने से क्षुब्ध किशोरी ने फांसी लगाकर जान दे दी। सूचना पर पुलिस ने शव पंचानामा भर कर परिजनाें के सुपुर्द कर दिया। थाना जहानगंज के गांव ढिपिन निवासी शिवानी (13) पुत्री राजेश यादव गांव इकदरिया स्थित लल्लूवंशी इंटर कालेज में कक्षा आठ में पढ़ती है।
गुरुवार को शिवानी परीक्षा देकर दोपहर करीब 11 बजे घर पर पहुंची। इसके कुछ ही देर बाद घर के बरामदे में फांसी लगा कर जान दे दी। इस बीच जब उसकी मां निकली तो बेटी को लटका देखकर होश उड़ गए। चीख सुनकर परिवार के अलावा आसपास के लोग भी आ गए।
घटना की सूचना मिलने पर एसओ ललितेश त्रिपाठी पंचनामा भरने के लिए पहुंच गए। यहां पर परिजनों की पुलिस से पोस्टमार्टम न कराए जाने को लेकर नोंकझोंक हो गई। एसओ ने आलाधिकारियों से इस संबंध में वार्ता करने के बाद शव का पंचनामा भर कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
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भाई अनुज ने बताया कि पिता जानलेवा हमले के मामले में जेल में बंद हैं। पिता के जमानत की तारीख 28 मार्च थी। यह तारीख एक अप्रैल हो गई। इसके बाद से शिवानी गुमसुम हो गई थी। उसने बताया कि इसी बात से बहन ने जान दे दी।
उधर, एसओ ने बताया कि छात्रा परीक्षा देने के बाद घर पहुंची तो मां ने जानवरों के लिए पानी देने की बात कह दी थी। इसी बात को लेकर किशोरी ने जान दे दी। उन्हाेंने बताया कि छात्रा के पिता 15 मार्च को पकड़े गए थे।
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गुरुवार को शिवानी परीक्षा देकर दोपहर करीब 11 बजे घर पर पहुंची। इसके कुछ ही देर बाद घर के बरामदे में फांसी लगा कर जान दे दी। इस बीच जब उसकी मां निकली तो बेटी को लटका देखकर होश उड़ गए। चीख सुनकर परिवार के अलावा आसपास के लोग भी आ गए।
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घटना की सूचना मिलने पर एसओ ललितेश त्रिपाठी पंचनामा भरने के लिए पहुंच गए। यहां पर परिजनों की पुलिस से पोस्टमार्टम न कराए जाने को लेकर नोंकझोंक हो गई। एसओ ने आलाधिकारियों से इस संबंध में वार्ता करने के बाद शव का पंचनामा भर कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
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भाई अनुज ने बताया कि पिता जानलेवा हमले के मामले में जेल में बंद हैं। पिता के जमानत की तारीख 28 मार्च थी। यह तारीख एक अप्रैल हो गई। इसके बाद से शिवानी गुमसुम हो गई थी। उसने बताया कि इसी बात से बहन ने जान दे दी।
उधर, एसओ ने बताया कि छात्रा परीक्षा देने के बाद घर पहुंची तो मां ने जानवरों के लिए पानी देने की बात कह दी थी। इसी बात को लेकर किशोरी ने जान दे दी। उन्हाेंने बताया कि छात्रा के पिता 15 मार्च को पकड़े गए थे।