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45 लाख के घोटाले में कोआपरेटिव बैंक शाखा सील, सचिव निलंबित
farrukhabad
Updated Tue, 11 Sep 2018 12:12 AM IST
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फर्रुखाबाद डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक शाखा कायमगंज को सील करते एडीसीओ और पुलिस कर्मी। अमर उजाला
- फोटो : अमर उजाला
फर्रुखाबाद डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक शाखा कायमगंज में 45 लाख का घोटाला और किसान सेवा सहकारी समिति कायमगंज दक्षिणी में आठ लाख के गबन का मामला सामने आया है। सचिव को निलंबित कर दिया गया है। अपर जिला कोआपरेटिव अधिकारी (एडीसीओ) ने पुलिस बल के साथ जाकर समिति, बैंक और चार गोदामों को सील कर दिया है। भुगतान न होने से गन्ना किसान व ग्राहक परेशान हैं।
चार माह पहले किसान सेवा समिति दक्षिणी के वर्तमान अध्यक्ष सुशील कुमार ने एआर कोआपरेटिव को शिकायत की थी। समिति परिसर में किसके आदेश पर दुकानें किराये पर दी गईं और इसका किराया किस खाते में जमा हो रहा है। इसकी छानबीन शुरू हुई तो बैंक व समिति में घोटाले खुलने शुरू हो गए। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया। जांच शुरू हुई तो प्रथम दृष्टया बैंक में 45 लाख का घोटाला और समिति में आठ लाख के गबन का मामला प्रकाश में आया। सोमवार को अपर जिला सहकारी अधिकारी विनोद कटियार, जिला कोआपरेेटिव बैंक कायमगंज शाखा प्रबंधक वीरेंद्र सिंह कोतवाली पहुंचे। उन्होंने सीओ राजवीर सिंह व इंस्पेक्टर जसवंत सिंह से फोर्स मांगी। फिर पुलिस की मौजूदगी में बैंक व समिति, साथ ही चार गोदामों को सील कर दिया गया।
एडीसीओ ने बताया कि बैंक में 45 लाख व समिति में आठ लाख रुपये का घोटाला प्रकाश में आया है। घोटाले की रकम एक करोड़ से अधिक पहुंच सकती है। यह घोटाला लेन देन में किया गया है। कई ऐसे वाउचर सामने आए हैं, जिनका कागजों में भुगतान हो गया है, लेकिन ग्राहक को पैसा नहीं मिला। कुछ धन ऐसा भी है जो यहां से क्रय विक्रय समिति को भेजना दिखाया गया है, लेकिन वह धन वहां नहीं पहुंचा। 7 सितंबर को निलंबित किए गए सचिव श्याम सिंह यादव कागज उपलब्ध नहीं करा रहे थे। इसके चलते बैंक व समिति को सील करना पड़ा। जांच पूरी होने के बाद ही अब ग्राहकों को भुगतान हो सकेगा। डीएम के आदेश पर सील खोलकर अभिलेखीय जांच की जाएगी। श्याम सिंह के पास जिला सहकारी संघ बरखेड़ा, कंपिल सहकारी संघ व पपड़ी खुद का भी चार्ज था।
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शाखा प्रबंधक, सचिव समेत चार के खिलाफ दी तहरीर
कोतवाली क्षेत्र के गांव पपड़ी स्थित सहकारी समिति में श्याम सिंह सचिव थे। 1 जून 2014 को उन्होंने कृष्णकांत की लेखाकार के पद पर फर्जी नियुक्ति कर 2017 तक का एक लाख दो हजार वेतन निकाल लिया। विभागीय जांच के बाद एडीसीओ विनोद कुमार ने शाखा प्रबंधक, सचिव श्याम सिंह, समिति अध्यक्ष व कृष्णकांत के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है। इंस्पेक्टर जसवंत सिंह ने बताया जांच कर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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चार माह पहले किसान सेवा समिति दक्षिणी के वर्तमान अध्यक्ष सुशील कुमार ने एआर कोआपरेटिव को शिकायत की थी। समिति परिसर में किसके आदेश पर दुकानें किराये पर दी गईं और इसका किराया किस खाते में जमा हो रहा है। इसकी छानबीन शुरू हुई तो बैंक व समिति में घोटाले खुलने शुरू हो गए। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया। जांच शुरू हुई तो प्रथम दृष्टया बैंक में 45 लाख का घोटाला और समिति में आठ लाख के गबन का मामला प्रकाश में आया। सोमवार को अपर जिला सहकारी अधिकारी विनोद कटियार, जिला कोआपरेेटिव बैंक कायमगंज शाखा प्रबंधक वीरेंद्र सिंह कोतवाली पहुंचे। उन्होंने सीओ राजवीर सिंह व इंस्पेक्टर जसवंत सिंह से फोर्स मांगी। फिर पुलिस की मौजूदगी में बैंक व समिति, साथ ही चार गोदामों को सील कर दिया गया।
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एडीसीओ ने बताया कि बैंक में 45 लाख व समिति में आठ लाख रुपये का घोटाला प्रकाश में आया है। घोटाले की रकम एक करोड़ से अधिक पहुंच सकती है। यह घोटाला लेन देन में किया गया है। कई ऐसे वाउचर सामने आए हैं, जिनका कागजों में भुगतान हो गया है, लेकिन ग्राहक को पैसा नहीं मिला। कुछ धन ऐसा भी है जो यहां से क्रय विक्रय समिति को भेजना दिखाया गया है, लेकिन वह धन वहां नहीं पहुंचा। 7 सितंबर को निलंबित किए गए सचिव श्याम सिंह यादव कागज उपलब्ध नहीं करा रहे थे। इसके चलते बैंक व समिति को सील करना पड़ा। जांच पूरी होने के बाद ही अब ग्राहकों को भुगतान हो सकेगा। डीएम के आदेश पर सील खोलकर अभिलेखीय जांच की जाएगी। श्याम सिंह के पास जिला सहकारी संघ बरखेड़ा, कंपिल सहकारी संघ व पपड़ी खुद का भी चार्ज था।
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शाखा प्रबंधक, सचिव समेत चार के खिलाफ दी तहरीर
कोतवाली क्षेत्र के गांव पपड़ी स्थित सहकारी समिति में श्याम सिंह सचिव थे। 1 जून 2014 को उन्होंने कृष्णकांत की लेखाकार के पद पर फर्जी नियुक्ति कर 2017 तक का एक लाख दो हजार वेतन निकाल लिया। विभागीय जांच के बाद एडीसीओ विनोद कुमार ने शाखा प्रबंधक, सचिव श्याम सिंह, समिति अध्यक्ष व कृष्णकांत के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है। इंस्पेक्टर जसवंत सिंह ने बताया जांच कर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।