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सेंट्रल जेल में सोते कैदी को ईंट मारी, मौत
farrukhabad
Updated Thu, 11 Oct 2018 11:01 PM IST
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पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद मृतक के बेटे और रिश्तेदार। अमर उजाला
- फोटो : अमर उजाला
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सेंट्रल जेल में हत्या के दोष में उम्रकैदी को सोते समय हत्या के ही मामले में सजा काट रहे दूसरे कैदी ने ईंट मारकर घायल कर दिया, जिसकी इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। जेलर की तहरीर पर पुलिस ने गैरइरादतन हत्या में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
कानपुर देहात के अकबरपुर रनिया हरिरामपुरवा निवासी 74 वर्षीय गौरीशंकर शुक्ला ने 1974 में पड़ोसी मूलचंद्र के सिर में डंडा मारकर हत्या कर दी थी। चार सितंबर 2004 को कोर्ट ने गौरी शंकर शुक्ला को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। उसे फतेहगढ़ सेंट्रल जेल के सर्किल संख्या एक बैरक संख्या में रखा गया था। इसी बैरक में फतेहपुर जिले के थाना असोथर, ब्लाक हसवा गांव कुसुंबी निवासी चंद्रहास पांडेय पुत्र शिवराम भी हत्या में सजा काट रहा है। गुरुवार तड़के 3.15 बजे चंद्रहास ने बैरक में रखी ईंट उठाकर सो रहे गौरीशंकर के सिर पर मार दी। चीख सुनकर बैरक में लेटे अन्य कैदी जाग गए। शोर होने पर कैदियों ने जैसे-तैसे चंद्रहास को पकड़ कर अलग किया।
इसकी सूचना बंदी रक्षकों को हुई तो वह लोग मौके पर पहुंच गए। घायल को जेल के अस्पताल में लाया गया। वहां से लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टर राजकिशोर ने उसका इलाज किया। हालत गंभीर होने पर कानपुर के हैलट अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। बंदी रक्षक इसकी जानकारी जेल प्रशासन को देकर कानपुर ले जा रहे थे। रास्ते में गौरीशंकर की हालत खराब होने पर कन्नौज के जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर बंदी रक्षकों ने जेल प्रशासन को दी।
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जेलर पीके सिंह ने फतेहगढ़ कोतवाली में आरोपी चंद्रहास पांडेय के खिलाफ तहरीर दी। कोतवाल झांझन लाल ने बताया कि गैरइरादतन हत्या में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। उधर, जेलर ने बताया कि गौरीशंकर उनकी जेल में चार सितंबर 2005 को आया था। चंद्रहास की दिमागी हालत सही नहीं है। ईंट मारने के बाद जोर जोर से चिल्लाने लगा था। आरोपी का परिवार इस समय फतेहपुर जिले के थाना देवीगंज के गांव भिखारीपुर में रहता है।
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कानपुर देहात के अकबरपुर रनिया हरिरामपुरवा निवासी 74 वर्षीय गौरीशंकर शुक्ला ने 1974 में पड़ोसी मूलचंद्र के सिर में डंडा मारकर हत्या कर दी थी। चार सितंबर 2004 को कोर्ट ने गौरी शंकर शुक्ला को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। उसे फतेहगढ़ सेंट्रल जेल के सर्किल संख्या एक बैरक संख्या में रखा गया था। इसी बैरक में फतेहपुर जिले के थाना असोथर, ब्लाक हसवा गांव कुसुंबी निवासी चंद्रहास पांडेय पुत्र शिवराम भी हत्या में सजा काट रहा है। गुरुवार तड़के 3.15 बजे चंद्रहास ने बैरक में रखी ईंट उठाकर सो रहे गौरीशंकर के सिर पर मार दी। चीख सुनकर बैरक में लेटे अन्य कैदी जाग गए। शोर होने पर कैदियों ने जैसे-तैसे चंद्रहास को पकड़ कर अलग किया।
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इसकी सूचना बंदी रक्षकों को हुई तो वह लोग मौके पर पहुंच गए। घायल को जेल के अस्पताल में लाया गया। वहां से लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टर राजकिशोर ने उसका इलाज किया। हालत गंभीर होने पर कानपुर के हैलट अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। बंदी रक्षक इसकी जानकारी जेल प्रशासन को देकर कानपुर ले जा रहे थे। रास्ते में गौरीशंकर की हालत खराब होने पर कन्नौज के जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर बंदी रक्षकों ने जेल प्रशासन को दी।
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जेलर पीके सिंह ने फतेहगढ़ कोतवाली में आरोपी चंद्रहास पांडेय के खिलाफ तहरीर दी। कोतवाल झांझन लाल ने बताया कि गैरइरादतन हत्या में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। उधर, जेलर ने बताया कि गौरीशंकर उनकी जेल में चार सितंबर 2005 को आया था। चंद्रहास की दिमागी हालत सही नहीं है। ईंट मारने के बाद जोर जोर से चिल्लाने लगा था। आरोपी का परिवार इस समय फतेहपुर जिले के थाना देवीगंज के गांव भिखारीपुर में रहता है।