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दलालों पर मेहरबानी,लिपिक समेत तीन के खिलाफ आरोप पत्र
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Tue, 09 Jun 2015 11:15 PM IST
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चोरी की लग्जरी गाड़ियों का वीआईपी नंबरों पर पंजीकरण कर एनओसी जारी करने
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के मामले में फंसे दलालों पर पुलिस ने मेहरबानी दिखा दी। नामजद और विवेचना
के दौरान प्रकाश में आए दलालाें के नाम विवेचक ने मुकदमे से निकाल दिए हैं।
एक कनिष्ठ लिपिक समेत तीन के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है।
सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय फतेहगढ़ के तत्कालीन एआरटीओ उदयवीर सिंह ने 17 जुलाई 2014 को कार्यालय लिपिक प्रभाष कुमार, दलाल ललित तिवारी, राजू खान, सचिन गुप्ता के खिलाफ नामजद रिपोर्ट लिखाई थी। इसमें कहा गया आरोप था कि वाहनों के पंजीकरण ऑन लाइन किए जाने का काम कार्यालय में चल रहा है। यूपी 76 एल सीरीज के 15 वीआईपी नंबरों पर चोरी के वाहनों का पंजीकरण कोड नंबर चोरी करने के बाद कर दिया गया। फर्जी पंजीकरण में
एनओसी भी जारी हो चुकी थी। मामले की विवेचना दरोगा एसके भारद्वाज को दी गई। एक साल की विवेचना में कुछ वाहन और दो अन्य लोग भी पकड़े गए। इस दौरान तमसीन अहमद, फईम उर्फ बल्लू उर्फ बब्बू, सुखदेव शर्मा का नाम प्रकाश में आया। मुकदमे में फंसे दलालों पर विवेचक ने मेहरबानी कर दी है। नामजद दलाल ललित तिवारी, राजू खान, सचिन गुप्ता, प्रकाश में आए तमसीन अहमद, फईम उर्फ बल्लू उर्फ बब्बू और सुखदेव शर्मा का नाम विवेचना के दौरान मुकदमे से निकाल
दिया है। इनके नाम गलत पाए जाने का विवेचक ने अपने पर्चे में उल्लेख किया है। कार्यालय के कनिष्ठ लिपिक प्रभाष कुमार, मुरादाबाद के बुद्धि बिहार निवपासी प्रेमचंद्र सैनी और देवापुर रामपुर निवासी रमेश शर्मा उर्फ हेप्पी के खिलाफ विवेचक ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है।
यह वीआईपी नंबर हुए थे आवंटित
यूपी 76 एल सीरीज के 0700, 0077, 0606,4224, 0600, 0500, 0400, 0200, 0033, 0055, 0111, 0123, 0707, 0800, 0808।
ड्राइविंग लाइसेंसों का कानपुर में चल रहा सत्यापन
वाहनों के पंजीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद कार्यालय के अभिलेख कानपुर जांच के लिए चले गए थे। कानपुर आरटीओ कार्यालय में समिति के सदस्य अभिलेखों की जांच कर रहे हैं। इस कारण लाइसेंस की सत्यापन रिपोर्ट लगवाने के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है। रिपोर्ट अब कानपुर जाकर लगवानी पड़ती है। इतना सब कुछ होने के बावजूद भी एआरटीओ कार्यालय अभी भी दलालों के हवाले चल रहा है।
सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय फतेहगढ़ के तत्कालीन एआरटीओ उदयवीर सिंह ने 17 जुलाई 2014 को कार्यालय लिपिक प्रभाष कुमार, दलाल ललित तिवारी, राजू खान, सचिन गुप्ता के खिलाफ नामजद रिपोर्ट लिखाई थी। इसमें कहा गया आरोप था कि वाहनों के पंजीकरण ऑन लाइन किए जाने का काम कार्यालय में चल रहा है। यूपी 76 एल सीरीज के 15 वीआईपी नंबरों पर चोरी के वाहनों का पंजीकरण कोड नंबर चोरी करने के बाद कर दिया गया। फर्जी पंजीकरण में
एनओसी भी जारी हो चुकी थी। मामले की विवेचना दरोगा एसके भारद्वाज को दी गई। एक साल की विवेचना में कुछ वाहन और दो अन्य लोग भी पकड़े गए। इस दौरान तमसीन अहमद, फईम उर्फ बल्लू उर्फ बब्बू, सुखदेव शर्मा का नाम प्रकाश में आया। मुकदमे में फंसे दलालों पर विवेचक ने मेहरबानी कर दी है। नामजद दलाल ललित तिवारी, राजू खान, सचिन गुप्ता, प्रकाश में आए तमसीन अहमद, फईम उर्फ बल्लू उर्फ बब्बू और सुखदेव शर्मा का नाम विवेचना के दौरान मुकदमे से निकाल
दिया है। इनके नाम गलत पाए जाने का विवेचक ने अपने पर्चे में उल्लेख किया है। कार्यालय के कनिष्ठ लिपिक प्रभाष कुमार, मुरादाबाद के बुद्धि बिहार निवपासी प्रेमचंद्र सैनी और देवापुर रामपुर निवासी रमेश शर्मा उर्फ हेप्पी के खिलाफ विवेचक ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है।
यह वीआईपी नंबर हुए थे आवंटित
यूपी 76 एल सीरीज के 0700, 0077, 0606,4224, 0600, 0500, 0400, 0200, 0033, 0055, 0111, 0123, 0707, 0800, 0808।
ड्राइविंग लाइसेंसों का कानपुर में चल रहा सत्यापन
वाहनों के पंजीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद कार्यालय के अभिलेख कानपुर जांच के लिए चले गए थे। कानपुर आरटीओ कार्यालय में समिति के सदस्य अभिलेखों की जांच कर रहे हैं। इस कारण लाइसेंस की सत्यापन रिपोर्ट लगवाने के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है। रिपोर्ट अब कानपुर जाकर लगवानी पड़ती है। इतना सब कुछ होने के बावजूद भी एआरटीओ कार्यालय अभी भी दलालों के हवाले चल रहा है।