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तीन दिन बाद भी बालू के कागज नहीं दिखा सके पूर्व ब्लाक प्रमुख
Updated Sat, 23 Jun 2018 11:44 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। कंपिल थाना क्षेत्र के गांव बिल्सड़ी में गुरुवार को पूर्व ब्लाक प्रमुख और बीजेपी नेता केके चतुर्वेदी की 80 ट्राली बालू पकड़ी गई थी। बीजेपी नेता ने कागज दिखाने के लिए तीन घंटे का समय मांगा था। वे तीन दिन बाद भी बालू के कागज नहीं दिखा सके। शनिवार को उन्होंने कुछ रसीदों की फोटो कापी दिखाई। जिलाधिकारी ने फोटो कापी स्वीकार करने से मना कर दिया।
बिल्सड़ी निवासी रामतीर्थ ने 19 जून को मुख्यमंत्री के पोर्टल पर अवैध खनन व भंडारण के संबंध में सीएम, जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी व जिला खनन अधिकारी से शिकायत की थी। इसके बाद मंगलवार को कायमगंज तहसील में आयोजित तहसील दिवस में भी खनन का मुद्दा छाया रहा। जिलाधिकारी ने सात दिन में खनन बंद कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
गुरुवार को जिलाधिकारी मोनिका रानी के आदेश पर जिला खनन अधिकारी डा. सुशील कुमार के नेतृत्व में तहसीलदार गजेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार पवन गुप्ता ने बिल्सड़ी गांव में छापा मारा था। ग्रामीणों की निशानदेही पर गांव के स्कूल के पास बालू के चार बड़े बड़े ढेर लगे मिले थे। बताया गया कि यह बालू ग्राम प्रधान ममता चतुर्वेदी के पति बीजेपी नेता व पूर्व ब्लाक प्रमुख केके चतुर्वेदी की है। इसी दौरान केके चतुर्वेदी भी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए थे।
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उन्होंने अधिकारियों को बताया था कि बालू उनकी ही है। उनके पास इसके कागजात भी हैं। इसके बाद कागजात दिखाने के लिए तीन घंटे का समय मांगा। तीन घंटे बाद भी कागजात नहीं दिखा पाए थे। इसके बाद खनन अधिकारी ने वहां पड़ी बालू को सील कर पुलिस की कस्टडी में दे दिया था।
इसके बाद अधिकारियों ने हरिपुर के तालाब की भी जांच की थी जहां से खनन किया गया था। वहां नापजोख के बाद पता चला था कि 100 ट्राली के करीब बालू का खनन किया गया था। इसके बाद केके चतुर्वेदी ने कागजात दिखाने के लिए तीन घंटे का समय मांगा था। लेकिन तीन दिन बाद भी वह कागज नहीं दिखा सके।
जिला खनन अधिकारी डा. सुशील कुमार ने बताया कि किसी भी रशीद की फोटो कापी मान्य नहीं होती है। ओरिजनल कागज दिखाना अनिवार्य होता है। अब आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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फर्रुखाबाद। कंपिल थाना क्षेत्र के गांव बिल्सड़ी में गुरुवार को पूर्व ब्लाक प्रमुख और बीजेपी नेता केके चतुर्वेदी की 80 ट्राली बालू पकड़ी गई थी। बीजेपी नेता ने कागज दिखाने के लिए तीन घंटे का समय मांगा था। वे तीन दिन बाद भी बालू के कागज नहीं दिखा सके। शनिवार को उन्होंने कुछ रसीदों की फोटो कापी दिखाई। जिलाधिकारी ने फोटो कापी स्वीकार करने से मना कर दिया।
बिल्सड़ी निवासी रामतीर्थ ने 19 जून को मुख्यमंत्री के पोर्टल पर अवैध खनन व भंडारण के संबंध में सीएम, जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी व जिला खनन अधिकारी से शिकायत की थी। इसके बाद मंगलवार को कायमगंज तहसील में आयोजित तहसील दिवस में भी खनन का मुद्दा छाया रहा। जिलाधिकारी ने सात दिन में खनन बंद कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
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गुरुवार को जिलाधिकारी मोनिका रानी के आदेश पर जिला खनन अधिकारी डा. सुशील कुमार के नेतृत्व में तहसीलदार गजेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार पवन गुप्ता ने बिल्सड़ी गांव में छापा मारा था। ग्रामीणों की निशानदेही पर गांव के स्कूल के पास बालू के चार बड़े बड़े ढेर लगे मिले थे। बताया गया कि यह बालू ग्राम प्रधान ममता चतुर्वेदी के पति बीजेपी नेता व पूर्व ब्लाक प्रमुख केके चतुर्वेदी की है। इसी दौरान केके चतुर्वेदी भी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए थे।
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उन्होंने अधिकारियों को बताया था कि बालू उनकी ही है। उनके पास इसके कागजात भी हैं। इसके बाद कागजात दिखाने के लिए तीन घंटे का समय मांगा। तीन घंटे बाद भी कागजात नहीं दिखा पाए थे। इसके बाद खनन अधिकारी ने वहां पड़ी बालू को सील कर पुलिस की कस्टडी में दे दिया था।
इसके बाद अधिकारियों ने हरिपुर के तालाब की भी जांच की थी जहां से खनन किया गया था। वहां नापजोख के बाद पता चला था कि 100 ट्राली के करीब बालू का खनन किया गया था। इसके बाद केके चतुर्वेदी ने कागजात दिखाने के लिए तीन घंटे का समय मांगा था। लेकिन तीन दिन बाद भी वह कागज नहीं दिखा सके।
जिला खनन अधिकारी डा. सुशील कुमार ने बताया कि किसी भी रशीद की फोटो कापी मान्य नहीं होती है। ओरिजनल कागज दिखाना अनिवार्य होता है। अब आगे की कार्रवाई की जाएगी।