फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   समय सीमा खत्म होने के बाद दिया स्पष्टीकरण

समय सीमा खत्म होने के बाद दिया स्पष्टीकरण

Tue, 23 Apr 2019 09:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 23 Apr 2019 09:51 PM IST
विज्ञापन
समय सीमा खत्म होने के बाद दिया स्पष्टीकरण
आयुष्मान योजना के लाभार्थी का रुपये लेकर जांच इलाज करने व रुई लगा बंद कर देने के मामले में सोमवार को डाक्टर वीएम दास ने सीएमओ कार्यालय पहुंच कर अपना पक्ष रखा। हालांकि वह समय सीमा खत्म होने के बाद सीएमएओ कार्यालय पहुंचे। इससे पहले वह कार्यालय में बिना आए अपना जवाब भेज चुके थे।
विज्ञापन



करीब दो माह पहले शहर के मोहल्ला नुनहाई निवासी महिला शिवरानी अपनी इकलौती बेटी रोली के साथ फतेहगढ़ स्थित दास सर्जिकल होम में इलाज कराने गई थी। वहां पर डाक्टर ने उसका इलाज शुरू कर ऑपरेशन कर दिया।
विज्ञापन


लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और पांच दिन बाद फिर से पैकेज पूरा होने के बाद अगले ही दिन उसे दोबारा भर्ती कर लिया। पैकेज खत्म होने के बाद भी उसकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ। फिर भी महिला को डिस्चार्ज कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


कुछ ही दिन बाद उसकी हालत और बिगड़ गई। पूरे शरीर में कीड़े पड़ गए व शरीर से बदबू आने लगी। इसके बाद उसे आवास विकास कॉलोनी स्थिति एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां पता चला कि डाक्टर ने लापरवाही करके महिला के पेट में रुई छोड़ दी।

इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद आयुष्मान योजना के जिला समन्वयक अभय प्रताप सिंह और जिला प्रोग्राम कोआर्डिनेटर डा. अमित मिश्रा ने मामले की जांच शुरू की थी। अस्पताल को नोटिस भेजकर जवाब-तलब किया था।

इस पर डाक्टर वीएम दास ने लिखित स्पष्टीकरण भेज दिया था। इससे विभागीय अधिकारी संतुष्ट नहीं थे। बताया गया था कि डाक्टर को खुद प्रस्तुत होकर स्पष्टीकरण देना था। दो दिन पहले समय सीमा खत्म होने के बाद सोमवार को डाक्टर वीएम दास खुद स्पष्टीकरण व अन्य कागजात लेकर अस्पताल पहुंचे और उन्होंने सीएमओ के समाने अपना पक्ष रखा।


स्पष्टीकरण देने पहुंचे डाक्टर वीएम दास ने बताया कि जब मरीज उनके पास आया था तब उसकी हालत इतनी नाजुक नहीं लग रही थी। ऑपरेशन करने के बाद उसकी अन्य बीमारियों का पता चला। इसके बाद उसे दोबारा भर्ती करना पड़ा।


साथ ही उन्होंने बताया कि उसे पहले भी बाहर ले जाने की सलाह दी गई थी। लेकिन वह लोग नहीं माने थे।
मरीज के इलाज में लापरवाही की जांच अब किसी सर्जन से कराई जाएगी। जांच कौन सर्जन करेगा यह डीएम, सीएमओ और नोडल अधिकारी तय करेंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। - डा. अमित मिश्रा, डीपीसी आयुष्मान भारत

समय सीमा खत्म होने के बाद दिया स्पष्टीकरण

सोमवार को सीएमओ के सामने पहुंचे डाक्टर दास

आयुष्मान योजना के लाभार्थी के पेट में रुई छोड़ने का मामला
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed