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डर से साधु ने रात को छोड़ा आश्रम
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मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव सकवाई में हवाई पट्टी के पास स्थित हनुमान मंदिर के साधु ने डर से रात में मंदिर में रहना छोड़ दिया है। वह रात में चेले के घर चले जाते हैं। दिन में मंदिर आ जाते हैं। आरोप है कि पुलिस उनके साथ हुई लूटपाट की घटना को मारपीट का मामला मान रही है। अभी तक मामले की रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की गई है।
सकवाई हवाई पट्टी के पास हनुमानजी का मंदिर है। पिछले पांच छह माह से वहां पर साधु सोमनाथ गिरी रहते हैं। 12 मार्च की रात कुछ बदमाश उनके कमरे का दरवाजा पीटने लगे। जान को खतरा देखउन्होंने बाहर के बिजली के बल्ब आदि भी बंद कर दिए।
डरे सहमे बाबा ने अपने एक चेले को फोन पर सूचना दी और पुलिस को भेजने की बात कही। इसी दौरान बाबा की आवाज सुनकर बदमाशों ने खिड़की से फायर कर दिया। बारूद से साधु का चेहरा भी झुलस गया। इसके बाद बदमाशों ने सरिया व टकोरे से दरवाजे फाड़ दिए और अंदर घुस गए।
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मंदिर के चढ़ावे से पांच हजार रुपये व साधु का मोबाइल छीन लिया। इस दौरान सरिया उनके पैर में भी लग गई। लूटपाट कर बदमाश वहां से भाग गए। करीब 15 मिनट बाद कोतवाली पुलिस विवेक के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस साधु को एक निजी चिकित्सक के पास ले गई। वहां उनकी मरहम पट्टी आदि कराई गई।
वापस आने पर मंदिर में बल्ब आदि वैसा ही जलता मिला। डर के कारण साधु रात में अपने चेले के घर चले जाते हैं। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष सर्वेश गुप्ता ने बताया कि साधु की सुरक्षा की दृष्टि से अब लोहे का गेट लगवा रहे हैं।
उधर पुलिस मामले को लूट का नहीं मान रही है। कोतवाल जय प्रकाश शर्मा ने बताया कि मामला लूट का नहीं है। पुराने पुजारी से साधु का कोई विवाद था। इसी को लेकर मारपीट हुई है। दो दिन पहले वह पुजारी दिन में मंदिर पर आया था।
जान को खतरा बता रात में साधु ने छोड़ा आश्रम
पुलिस ने लूट मानने से किया इनकार, मारपीट का मामला बताया
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सकवाई हवाई पट्टी के पास हनुमानजी का मंदिर है। पिछले पांच छह माह से वहां पर साधु सोमनाथ गिरी रहते हैं। 12 मार्च की रात कुछ बदमाश उनके कमरे का दरवाजा पीटने लगे। जान को खतरा देखउन्होंने बाहर के बिजली के बल्ब आदि भी बंद कर दिए।
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डरे सहमे बाबा ने अपने एक चेले को फोन पर सूचना दी और पुलिस को भेजने की बात कही। इसी दौरान बाबा की आवाज सुनकर बदमाशों ने खिड़की से फायर कर दिया। बारूद से साधु का चेहरा भी झुलस गया। इसके बाद बदमाशों ने सरिया व टकोरे से दरवाजे फाड़ दिए और अंदर घुस गए।
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मंदिर के चढ़ावे से पांच हजार रुपये व साधु का मोबाइल छीन लिया। इस दौरान सरिया उनके पैर में भी लग गई। लूटपाट कर बदमाश वहां से भाग गए। करीब 15 मिनट बाद कोतवाली पुलिस विवेक के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस साधु को एक निजी चिकित्सक के पास ले गई। वहां उनकी मरहम पट्टी आदि कराई गई।
वापस आने पर मंदिर में बल्ब आदि वैसा ही जलता मिला। डर के कारण साधु रात में अपने चेले के घर चले जाते हैं। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष सर्वेश गुप्ता ने बताया कि साधु की सुरक्षा की दृष्टि से अब लोहे का गेट लगवा रहे हैं।
उधर पुलिस मामले को लूट का नहीं मान रही है। कोतवाल जय प्रकाश शर्मा ने बताया कि मामला लूट का नहीं है। पुराने पुजारी से साधु का कोई विवाद था। इसी को लेकर मारपीट हुई है। दो दिन पहले वह पुजारी दिन में मंदिर पर आया था।
जान को खतरा बता रात में साधु ने छोड़ा आश्रम
पुलिस ने लूट मानने से किया इनकार, मारपीट का मामला बताया