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Farrukhabad News: टीएसी की जांच में बंद मिल रहे राजकीय नलकूप
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फर्रुखाबाद। राजकीय नलकूपों की जांच के लिए लखनऊ से आयी टेक्निकल असेसमेंट कमेटी(टीएसी) ने रीबोर कराए गए नलकूपों की हकीकत देखी तो वे दंग रह गए। अधिकतर नलकूपों की नालियां टूटी मिलीं तो कई अन्य कारणों से बंद मिलेे।
जनपद में पिछले तीन वर्ष में 62 राजकीय नलकूप रीबोर कराए गए हैं। इनमें बिजली व अन्य कमियां होने से अधिकतर बंद हैं। लखनऊ से टीएसी प्रभारी मनोज कुमार ने टीम के साथ कमालगंज, मोहम्मदाबाद, शमसाबाद व कायमगंज क्षेत्र में इन नलकूपों की गोपनीय तरीके से जांच की। विभागीय सूत्रों की मानें तो अधिकतर नलकूपों की नालियां क्षतिग्रस्त मिली हैं।
टीम को बताया गया कि विभाग के पास बजट ही नहीं है, इसलिए नालियों का जीर्णोद्धार नहीं कराया जा सका। टीम के अधिकारियों ने नलकूपों की जांच कर कमियों को अपने रजिस्टर में दर्ज कर लिया वे रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे। विदित है कि विभागीय योजना व अन्य मदों में आने वाली धनराशि का मनमाने तरीके से इस्तेमाल किया जाता है। पिछले दिनों अवर अभियंता रमेश चंद्र शमसाबाद क्षेत्र में तैनाती के दौरान फर्जी वर्कआर्डरों के जरिये भुगतान होने की पोल खोल चुके हैं। हालांकि टीएसी जांच के संबंध मे कोई अधिकारी भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
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जनपद में पिछले तीन वर्ष में 62 राजकीय नलकूप रीबोर कराए गए हैं। इनमें बिजली व अन्य कमियां होने से अधिकतर बंद हैं। लखनऊ से टीएसी प्रभारी मनोज कुमार ने टीम के साथ कमालगंज, मोहम्मदाबाद, शमसाबाद व कायमगंज क्षेत्र में इन नलकूपों की गोपनीय तरीके से जांच की। विभागीय सूत्रों की मानें तो अधिकतर नलकूपों की नालियां क्षतिग्रस्त मिली हैं।
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टीम को बताया गया कि विभाग के पास बजट ही नहीं है, इसलिए नालियों का जीर्णोद्धार नहीं कराया जा सका। टीम के अधिकारियों ने नलकूपों की जांच कर कमियों को अपने रजिस्टर में दर्ज कर लिया वे रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे। विदित है कि विभागीय योजना व अन्य मदों में आने वाली धनराशि का मनमाने तरीके से इस्तेमाल किया जाता है। पिछले दिनों अवर अभियंता रमेश चंद्र शमसाबाद क्षेत्र में तैनाती के दौरान फर्जी वर्कआर्डरों के जरिये भुगतान होने की पोल खोल चुके हैं। हालांकि टीएसी जांच के संबंध मे कोई अधिकारी भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
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