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सोलह घंटे बाद अपहृत पुत्र के मिलने पर मां बाप के छलके आंसू
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मोहम्मदाबाद। थाना सिढ़पुरा जिला कासगंज से 16 घंटे बाद पहुंचे बेटे को देखकर माता पिता की आंखें छलक पड़ीं। मां पुत्र को गोद में लेकर बिलखने लगीं। पुत्र के शरीर को टटोल कर पूछ रही थी कि किसी ने तुमको मारा तो नहीं। पुलिस ने दोनों आरोपियों का चालान कर दिया। अन्य दो आरोपियों को सिढ़पुरा थाना पुलिस ने पकड़ लिया था। वहां दोनों पर अपहरण व बरामदगी का मुकदमा दर्ज किया गया।
मोहल्ला राजीवनगर निवासी सराफ मोहन वर्मा के छह वर्षीय पुत्र कृष्णा का शुक्रवार को मोहल्ले के ही सौरभ चिक व उसके साथी श्यामू श्रीवास्तव ने बाइक से दिनदहाड़े अपहरण कर लिया था। सौरभ ने कृष्णा को मामा सर्वेश निवासी गांव रतीभानपुर थाना सिंकदराराऊ जिला हाथरस के हवाले कर दिया था। सर्वेश के साथ में चालक बृजनंदन भी था। मामा पिछले आठ दिन से सौरभ के घर पर डेरा डाले था। उसने सौरभ की मदद से मोहल्ले के आसपास के तीन बच्चों को अपहरण के लिए टारगेट किया था। पुलिस ने शुक्रवार को पिता मोहन की शिकायत पर सौरभ व श्यामू को पकड़ लिया था। स्वाट टीम ने कड़ाई की तो सौरभ ने मामा के कहने पर अपहरण की बात कबूली। कहा कि इसके एवज में भांजे सौरभ व श्यामू को एक-एक लाख रुपये देने का लालच दिया था। पुलिस ने सौरभ की मोबाइल से सर्वेश से बात कराई थी। सौरभ ने कहा कि वह भी पीछे से आ रहा है कहीं पर रुक जाए। इस पर मामा सिढ़पुरा में रुक गया और सौरभ का इंतजार करने लगा। स्वाट टीम प्रभारी कुलदीप दीक्षित ने कासगंज के स्वाट टीम प्रभारी मुकेश कुमार को मामा सर्वेेश की लोकेशन बता दी। कुछ देर में ही कासगंज स्वाट टीम प्रभारी ने मामा सर्वेश, चालक बृजनंदन को दबोच लिया। कृष्णा को बरामद कर लिया। सिढ़पुरा थाने में दोनों के खिलाफ अपहरण व बरामदगी का मुकदमा दर्ज किया गया। सोलह घंटे बाद कृष्णा को लेकर चाचा घर आए। दरवाजे पर ही सराफ मोहन वर्मा व उनकी पत्नी शोभा अपने लाल के इंतजार में खड़े थे। पुत्र को देखते ही दोनों की आखें नम हो गईं। मां शोभा ने अपने कलेजे के टुकड़े को सीने से लगा लिया। पुलिस ने शनिवार को पकड़े गए सौरभ व श्यामू का चालान कर अदालत में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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मोहल्ला राजीवनगर निवासी सराफ मोहन वर्मा के छह वर्षीय पुत्र कृष्णा का शुक्रवार को मोहल्ले के ही सौरभ चिक व उसके साथी श्यामू श्रीवास्तव ने बाइक से दिनदहाड़े अपहरण कर लिया था। सौरभ ने कृष्णा को मामा सर्वेश निवासी गांव रतीभानपुर थाना सिंकदराराऊ जिला हाथरस के हवाले कर दिया था। सर्वेश के साथ में चालक बृजनंदन भी था। मामा पिछले आठ दिन से सौरभ के घर पर डेरा डाले था। उसने सौरभ की मदद से मोहल्ले के आसपास के तीन बच्चों को अपहरण के लिए टारगेट किया था। पुलिस ने शुक्रवार को पिता मोहन की शिकायत पर सौरभ व श्यामू को पकड़ लिया था। स्वाट टीम ने कड़ाई की तो सौरभ ने मामा के कहने पर अपहरण की बात कबूली। कहा कि इसके एवज में भांजे सौरभ व श्यामू को एक-एक लाख रुपये देने का लालच दिया था। पुलिस ने सौरभ की मोबाइल से सर्वेश से बात कराई थी। सौरभ ने कहा कि वह भी पीछे से आ रहा है कहीं पर रुक जाए। इस पर मामा सिढ़पुरा में रुक गया और सौरभ का इंतजार करने लगा। स्वाट टीम प्रभारी कुलदीप दीक्षित ने कासगंज के स्वाट टीम प्रभारी मुकेश कुमार को मामा सर्वेेश की लोकेशन बता दी। कुछ देर में ही कासगंज स्वाट टीम प्रभारी ने मामा सर्वेश, चालक बृजनंदन को दबोच लिया। कृष्णा को बरामद कर लिया। सिढ़पुरा थाने में दोनों के खिलाफ अपहरण व बरामदगी का मुकदमा दर्ज किया गया। सोलह घंटे बाद कृष्णा को लेकर चाचा घर आए। दरवाजे पर ही सराफ मोहन वर्मा व उनकी पत्नी शोभा अपने लाल के इंतजार में खड़े थे। पुत्र को देखते ही दोनों की आखें नम हो गईं। मां शोभा ने अपने कलेजे के टुकड़े को सीने से लगा लिया। पुलिस ने शनिवार को पकड़े गए सौरभ व श्यामू का चालान कर अदालत में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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