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सीओ ने तत्कालीन कोतवाल व पुलिसकर्मियों के दर्ज किए बयान
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फर्रुखाबाद। दो साल पहले शहर कोतवाली में युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पिता की शिकायत पर मानवाधिकार आयोग के सीओ व इंस्पेक्टर ने तत्कालीन शहर कोतवाल समेत सात पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए। कोतवाल से ढाई घंटे पूछताछ की गई। ऐसे में पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए। सीओ ने बताया कि 8 नवंबर को जांच पूरी होने के बाद जानकारी दी जाएगी।
राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव बमियारी निवासी चंद्रमोहन पाठक का पुत्र विशाल पाठक 18 नवंबर को शहर कोतवाली क्षेत्र की ठंडी सड़क पर एक शॉपिंग स्टोर के बाहर सैनिक की बाइक चोरी करने के आरोप में पकड़ा गया था। वहां मौजूद लोगों ने उसकी पिटाई कर दी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस विशाल को हवालात में बंद कर दिया गया था। वहां उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
पिता की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। दोनों पक्षों में बाद में समझौता हो गया था। मजिस्ट्रेट की जांच में भी पुलिस कर्मियों को क्लीन चिट दे दी गई थी। पिता ने मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत कर दी थी। बुधवार को आयोग के सीओ ईशम सिंह, इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने पुलिस लाइन के सभागार में तत्कालीन कोतवाल अनूप कुमार निगम से ढाई घंटे तक पूछताछ की। सीओ ने पूछा कि पकड़े गए विशाल के साथ पुलिस ने मारपीट की थी। इस पर कोतवाल ने बताया कि घटना के दूसरे दिन 19 नवंबर को मुख्यमंत्री का कार्यक्रम था। पुलिस विभाग तैयारी में जुटा हुआ था। विशाल के साथ कोतवाली में मारपीट नहीं की गई। उनके अलावा तत्कालीन एसएसआई, पहरे पर तैनात सिपाही, मुंशी, दीवान व दिन की ड्यूटी में तैनात दरोगा के बयान दर्ज किए। गुरुवार को मुकदमे के विवेचक तत्कालीन मऊदरवाजा एसओ दधिबल तिवारी समेत पोस्टमार्टम करने वाले पैनल के तीन डाक्टरों के बयान लिए जाएंगे।
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राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव बमियारी निवासी चंद्रमोहन पाठक का पुत्र विशाल पाठक 18 नवंबर को शहर कोतवाली क्षेत्र की ठंडी सड़क पर एक शॉपिंग स्टोर के बाहर सैनिक की बाइक चोरी करने के आरोप में पकड़ा गया था। वहां मौजूद लोगों ने उसकी पिटाई कर दी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस विशाल को हवालात में बंद कर दिया गया था। वहां उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
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पिता की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। दोनों पक्षों में बाद में समझौता हो गया था। मजिस्ट्रेट की जांच में भी पुलिस कर्मियों को क्लीन चिट दे दी गई थी। पिता ने मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत कर दी थी। बुधवार को आयोग के सीओ ईशम सिंह, इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने पुलिस लाइन के सभागार में तत्कालीन कोतवाल अनूप कुमार निगम से ढाई घंटे तक पूछताछ की। सीओ ने पूछा कि पकड़े गए विशाल के साथ पुलिस ने मारपीट की थी। इस पर कोतवाल ने बताया कि घटना के दूसरे दिन 19 नवंबर को मुख्यमंत्री का कार्यक्रम था। पुलिस विभाग तैयारी में जुटा हुआ था। विशाल के साथ कोतवाली में मारपीट नहीं की गई। उनके अलावा तत्कालीन एसएसआई, पहरे पर तैनात सिपाही, मुंशी, दीवान व दिन की ड्यूटी में तैनात दरोगा के बयान दर्ज किए। गुरुवार को मुकदमे के विवेचक तत्कालीन मऊदरवाजा एसओ दधिबल तिवारी समेत पोस्टमार्टम करने वाले पैनल के तीन डाक्टरों के बयान लिए जाएंगे।
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