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सामुदायिक शौचालय निर्माण की गति धीमी होन से निदेशक नाराज
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सामुदायिक शौचालय निर्माण की गति धीमी, निदेशक नाराज
फर्रुखाबाद। ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय व पंचायत भवन निर्माण की धीमी गति पर पंचायती राज निदेशक ने नाराजगी जताई है। उन्होंने शासन की प्राथमिकता में शामिल इन कार्यों के पूर्ण होने के बाद ही बची धनराशि से अन्य कार्य कराने व भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
शासन ने सभी ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय और पंचायत भवन का निर्माण प्राथमिकता से कराने के आदेश दिए थे। इसके लिए अगस्त 2020 में धनराशि भी उपलब्ध करा दी गई थी। ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराकर देखरेख की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को देने के निर्देश थे। ताकि समूूह की महिलाओं को 6000 रुपये प्रति माह आय का साधन बन सके। जिले में 594 सामुदायिक शौचालय व 172 पंचायत भवनों का निर्माण कराया जाना है।
10 जनवरी को मुख्यमंत्री की सभा में लोकार्पण के दौरान दी गई विकास कार्यों की सूची में अब तक 418 सामुदायिक शौचालय व 58 पंचायत भवनों का निर्माण पूर्ण दिखाया गया है। पंचायती राज निदेशक किंजल सिंह ने समीक्षा में शासन की प्राथमिकता वाले निर्माण कार्यों की प्रगति धीमी होने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने जिलाधिकारी को जारी आदेश में कहा कि ग्राम पंचायतों में सहायक विकास अधिकारी प्रशासक नियुक्त किए गए हैं।
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प्राथमिकता के आधार पर ग्राम पंचायतों के खातों में बची धनराशि से सामुदायिक शौचालय व पंचायत भवनों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराया जाए। डीपीआरओ शिवशंकर सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायतों में प्राथमिकता वाले कार्य पूर्ण होने के बाद यदि धनराशि बचती है, तभी आपरेेशन कायाकल्प व अन्य विकास कार्यों का भुगतान किया जाएगा। इस संबंध में एडीओ व ग्राम पंचायत सचिवों को निर्देश दे दिए गए हैं।
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फर्रुखाबाद। ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय व पंचायत भवन निर्माण की धीमी गति पर पंचायती राज निदेशक ने नाराजगी जताई है। उन्होंने शासन की प्राथमिकता में शामिल इन कार्यों के पूर्ण होने के बाद ही बची धनराशि से अन्य कार्य कराने व भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
शासन ने सभी ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय और पंचायत भवन का निर्माण प्राथमिकता से कराने के आदेश दिए थे। इसके लिए अगस्त 2020 में धनराशि भी उपलब्ध करा दी गई थी। ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराकर देखरेख की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को देने के निर्देश थे। ताकि समूूह की महिलाओं को 6000 रुपये प्रति माह आय का साधन बन सके। जिले में 594 सामुदायिक शौचालय व 172 पंचायत भवनों का निर्माण कराया जाना है।
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10 जनवरी को मुख्यमंत्री की सभा में लोकार्पण के दौरान दी गई विकास कार्यों की सूची में अब तक 418 सामुदायिक शौचालय व 58 पंचायत भवनों का निर्माण पूर्ण दिखाया गया है। पंचायती राज निदेशक किंजल सिंह ने समीक्षा में शासन की प्राथमिकता वाले निर्माण कार्यों की प्रगति धीमी होने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने जिलाधिकारी को जारी आदेश में कहा कि ग्राम पंचायतों में सहायक विकास अधिकारी प्रशासक नियुक्त किए गए हैं।
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प्राथमिकता के आधार पर ग्राम पंचायतों के खातों में बची धनराशि से सामुदायिक शौचालय व पंचायत भवनों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराया जाए। डीपीआरओ शिवशंकर सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायतों में प्राथमिकता वाले कार्य पूर्ण होने के बाद यदि धनराशि बचती है, तभी आपरेेशन कायाकल्प व अन्य विकास कार्यों का भुगतान किया जाएगा। इस संबंध में एडीओ व ग्राम पंचायत सचिवों को निर्देश दे दिए गए हैं।